फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Interested candidates became active as soon as the way for Panchayat elections was cleared

पंचायत चुनावों का रास्ता साफ होते ही सक्रिय हुए इच्छुक उम्मीदवार

Thu, 05 May 2022 09:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 09:54 PM IST
विज्ञापन
Interested candidates became active as soon as the way for Panchayat elections was cleared
पलवल। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को पंचायत चुनाव कराने की दी गई अनुमति के बाद पलवल जिले में गांवों में सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्य तथा जिला परिषद का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं। इच्छुक सभी उम्मीदवारों ने अदालत का पंचायत चुनाव रास्ता साफ होने की सूचना मिलते ही नेताओं के यहां हाजिरी लगानी शुरू कर दी है। जहां पहले पंचायत चुनावों में भाजपा समर्पित चुनाव लड़ने वाले अधिक दिखाई दे रहे थे। वहीं अब कांग्रेस का नया प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को चुने जाने के बाद पलवल जिले में कांग्रेस समर्पित चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवार भी एकाएक सामने आने लगे हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के समर्पित उम्मीदवार भी गांवों में दिखाई देने लगे हैं। गांवों में पंचायत चुनावों की सुगबुगाहट एकाएक तेज हो गई है। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार चुनाव का रास्ता साफ होने की सूचना मिलते ही प्रिटिंग प्रेस वालों के यहां अपने बैनर व पोस्टर छपवाने के लिए पहुंचने शुरू हो गए हैं। जिले में कुल 270 पंचायतों में चुनाव होने हैं।
विज्ञापन

96 गांवों में रहेगी नारी की सरदारी
हरियाणा सरकार द्वारा पंचायत चुनावों को नए नियम से कराए जाने के बाद पलवल खंड में 41 गांवों में से 14 में महिला सरपंच होंगी, जिनमें से तीन में दलित महिला होंगी। अनुसूचित जाति पुरुष के लिए पांच गांव आरक्षित रहेंगे, जबकि 22 गांव पंचायतें सामान्य वर्ग के लिए होंगी। इनमें दलित महिला के लिए धतीर, रजोलका व रतीपुर, सामान्य महिला के लिए अल्लीका, चिरावटा, धामाका, डुंगरपुर, गेलपुर, घुघेरा, जैंदापुर, पेलक, रजपुरा, राखोता, टीकरी ब्राह्मण तथा अनुसूचित जाति के लिए दुर्गापुर, कारियाका, लालपुर कदीम, सुजवाड़ी व यादुपुर रहेंगे।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार की खुद की चुनाव कराने की मंशा नहीं है। गलत नियम लागू किए गए हैं। भाजपा सरकार का काम केवल लोगों को गुमराह कर लूट मचाना है। सरकार ग्राम पंचायतों के भंग होने के बाद विकास कार्यों के नाम पर अधिकारियों व सरकार के गुर्गों ने लूटने का काम किया है। - करण सिंह दलाल, पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार शुरू से ही पंचायत चुनाव कराना चाहती है, लेकिन विपक्षियों में हार का डर था, इसी कारण कुछ लोगों को आगे कर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करा दी। इसलिए देर हुई है। अब अदालत में उन्हें शिकस्त मिल चुकी है, चुनाव जल्द होंगे। विरोधियों को मुंह की खानी पड़ेगी।
- दीपक मंगला, विधायक
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी 2021 में ही संपन्न हो गया था। सरकार को अब तक चुनाव कराने चाहिए थे। चुनाव न होने से गांवों में विकास रुके पड़े हैं तथा अधिकारी मिलीभगत कर विकास के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। चुनाव की घोषणा जल्द होनी चाहिए।

- हुकम सिंह, निवर्तमान सरपंच रामगढ़
हमने 15 अप्रैल 2021 को पंचायती राज अधिनियम 2020 में किए गए संशोधन के खिलाफ याचिका दायर की थी। अब सरकार को अदालत ने नई नीति से चुनाव कराने की मंजूरी दे दी है, याचिका पर फैसला अभी लंबित है। पंचायत चुनाव उसी फैसले पर निर्भर रहेंगे।
- दीपक करण दलाल, अधिवक्ता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed