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Palwal News: इलाज कराना है तो पंखा घर से लेकर आएं
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-अस्पताल में न पंखे चलते हैं न ही कूलर, गर्मी में परेशान रहते हैं मरीज
-पांच दिन से खराब पड़ी है एक्सरा मशीन
-कभी दवा नहीं तो कभी कुछ सुविधाएं नहीं
संवाद न्यूज एजेेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने आओ तो साथ में टेबल फेन (पंखा) जरूर लाएं, क्योंकि यहां पर जच्चा-बच्चा वार्ड में न तो पंखे चलते हैं और न ही कूलर। इस कारण अधिकांश मरीज घर से पंखा लेकर आते हैं। कुछ मरीज तो कूलर ही लेकर आ जाते हैं। ताकि उनके मरीजों को गर्मी से परेशानी न हो। एक-एक कमरे में मरीजों के परिजनों द्वारा 10-10 पंखे लगाकर चलाए हुए हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन को यह सब दिखाई नहीं देता है और न ही खराब पंखों और कूलर को ठीक कराने की तरफ किसी का ध्यान है। इसके चलते मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
जिला नागरिक अस्पताल में केवल इसी समस्या से मरीजों का जूझना नहीं पड़ता और भी कई समस्याएं हैं। अस्पताल में न तो मरीजों को पूरी दवाइयां मिलती हैं और न ही सही से टीकाकरण होता है। इतना ही नहीं कभी एक्सरे मशीन खराब तो कभी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब। यहां तक की मरीजों के लिए व्हील चेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिलते हैं। इतनी समस्याओं के बावजूद यहां केवल वही लोग इलाज के लिए आते हैं, जिनके पास निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए पैसा नहीं है। स्थानीय लोग इन समस्याओं को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है व समस्याओं से हर रोज जिले के लोग जूझते नजर आते हैं।
भीषण गर्मी में भी नहीं कराए खराब पंखे व कूलर ठीक
इस बार जून महीने में भीषण गर्मी पड़ी है। तापमान 49 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा न तो खराब पंखों को ठीक कराया और न ही एसी व कूलरों को ठीक कराया गया। पूरी गर्मी मरीज व उनके परिजन परेशान रहे। जो मरीज घर से कूलर ला सकते थे, उन्होंने कूलर लाकर अपने मरीज के बिस्तर के सामने लगा दिए और जो कूलर नहीं ला सकते थे, उन्होंने टेबल फेन लाकर लगाए। आज भी करीब 10 मरीजों के पास घर से लाकर पंखा चलाए हुए हैं।
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पांच दिन से खराब है एक्सरे मशीन
अस्पताल में एक्सरे कराने की सुविधा तो है पर कब एक्सरे मशीन चलती है, इसका किसी को नहीं पता। क्योंकि महीने में 10 से 15 दिन मशीन किसी न किसी कमी के कारण बंद रहती है। फिर अस्पताल में एक्सरे होने बंद हो जाते हैं। अब भी पिछले पांच दिनों से मशीन बद पड़ी है लेकिन उसे ठीक कराने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। इस कारण एक्सरे कराने वाले मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं हैं पर्याप्त दवाइयां
अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां तक नहीं हैं। दवाइयों की कमी की समस्या तो हर समय रहती है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी कभी स्टोर में दवाइयों की कमी तो कभी सीएमओ न होने का बहाना बनाते रहते हैं। परेशानी मरीजों को उठानी पड़ती है।
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मेरी भतीजी की डिलीवरी हुई है। मैं उसके साथ यहां आई हूं। यहां न पंखा चलता है और न ही कूलर। अब अपने घर से पंखा मंगवाकर लगाया हुआ है। तब जाकर गर्मी से बचाव कर रही हूं -त्रिवेणी, कुसलीपुर
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इतना बड़ा अस्पताल है, लेकिन यहां सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं। न पंखे हैं और न ही कूलर। अपने घर से पंखा व कूलर मंगवाकर लगवाने पड़ रहे हैं। यहां कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।- भोजवती धतीर
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अस्पताल में सुविधाएं पूरी हैं। एक-दो पंखे खराब हैं। उन्हें ठीक करने के लिए बोल दिया गया है। मरीज ज्यादा हवा लेने के लिए जानकर अपने बिस्तर के ठीक सामने पंखा लाकर लगा देते हैं। जबकि छत के पंखे अस्पताल में चल रहे हैं। एक्सरे मशीन में कुछ कमी आ गई है, लेकिन पोर्टेबल मशीन से एक्सरे किए जा रहे हैं। दवाइयों की कमी को भी दूर किया जा रहा है। -डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पलवल
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-पांच दिन से खराब पड़ी है एक्सरा मशीन
-कभी दवा नहीं तो कभी कुछ सुविधाएं नहीं
संवाद न्यूज एजेेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने आओ तो साथ में टेबल फेन (पंखा) जरूर लाएं, क्योंकि यहां पर जच्चा-बच्चा वार्ड में न तो पंखे चलते हैं और न ही कूलर। इस कारण अधिकांश मरीज घर से पंखा लेकर आते हैं। कुछ मरीज तो कूलर ही लेकर आ जाते हैं। ताकि उनके मरीजों को गर्मी से परेशानी न हो। एक-एक कमरे में मरीजों के परिजनों द्वारा 10-10 पंखे लगाकर चलाए हुए हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन को यह सब दिखाई नहीं देता है और न ही खराब पंखों और कूलर को ठीक कराने की तरफ किसी का ध्यान है। इसके चलते मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
जिला नागरिक अस्पताल में केवल इसी समस्या से मरीजों का जूझना नहीं पड़ता और भी कई समस्याएं हैं। अस्पताल में न तो मरीजों को पूरी दवाइयां मिलती हैं और न ही सही से टीकाकरण होता है। इतना ही नहीं कभी एक्सरे मशीन खराब तो कभी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब। यहां तक की मरीजों के लिए व्हील चेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिलते हैं। इतनी समस्याओं के बावजूद यहां केवल वही लोग इलाज के लिए आते हैं, जिनके पास निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए पैसा नहीं है। स्थानीय लोग इन समस्याओं को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है व समस्याओं से हर रोज जिले के लोग जूझते नजर आते हैं।
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भीषण गर्मी में भी नहीं कराए खराब पंखे व कूलर ठीक
इस बार जून महीने में भीषण गर्मी पड़ी है। तापमान 49 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा न तो खराब पंखों को ठीक कराया और न ही एसी व कूलरों को ठीक कराया गया। पूरी गर्मी मरीज व उनके परिजन परेशान रहे। जो मरीज घर से कूलर ला सकते थे, उन्होंने कूलर लाकर अपने मरीज के बिस्तर के सामने लगा दिए और जो कूलर नहीं ला सकते थे, उन्होंने टेबल फेन लाकर लगाए। आज भी करीब 10 मरीजों के पास घर से लाकर पंखा चलाए हुए हैं।
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पांच दिन से खराब है एक्सरे मशीन
अस्पताल में एक्सरे कराने की सुविधा तो है पर कब एक्सरे मशीन चलती है, इसका किसी को नहीं पता। क्योंकि महीने में 10 से 15 दिन मशीन किसी न किसी कमी के कारण बंद रहती है। फिर अस्पताल में एक्सरे होने बंद हो जाते हैं। अब भी पिछले पांच दिनों से मशीन बद पड़ी है लेकिन उसे ठीक कराने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। इस कारण एक्सरे कराने वाले मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं हैं पर्याप्त दवाइयां
अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां तक नहीं हैं। दवाइयों की कमी की समस्या तो हर समय रहती है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी कभी स्टोर में दवाइयों की कमी तो कभी सीएमओ न होने का बहाना बनाते रहते हैं। परेशानी मरीजों को उठानी पड़ती है।
मेरी भतीजी की डिलीवरी हुई है। मैं उसके साथ यहां आई हूं। यहां न पंखा चलता है और न ही कूलर। अब अपने घर से पंखा मंगवाकर लगाया हुआ है। तब जाकर गर्मी से बचाव कर रही हूं -त्रिवेणी, कुसलीपुर
इतना बड़ा अस्पताल है, लेकिन यहां सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं। न पंखे हैं और न ही कूलर। अपने घर से पंखा व कूलर मंगवाकर लगवाने पड़ रहे हैं। यहां कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।- भोजवती धतीर
अस्पताल में सुविधाएं पूरी हैं। एक-दो पंखे खराब हैं। उन्हें ठीक करने के लिए बोल दिया गया है। मरीज ज्यादा हवा लेने के लिए जानकर अपने बिस्तर के ठीक सामने पंखा लाकर लगा देते हैं। जबकि छत के पंखे अस्पताल में चल रहे हैं। एक्सरे मशीन में कुछ कमी आ गई है, लेकिन पोर्टेबल मशीन से एक्सरे किए जा रहे हैं। दवाइयों की कमी को भी दूर किया जा रहा है। -डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पलवल