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बारिश से किसानों को मिलेगा फायदा
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पलवल। जिले में शुक्रवार रात से हो रही बारिश किसानों के लिए लाभकारी साबित हुई है। यदि हवा नहीं चली तो खेतों में गेहूं की फसल को खूब लाभ मिलेगा। यह बारिश न सिर्फ गेहूूं, बल्कि गन्ना, सरसों, चना के अलावा सब्जियों में आलू, टमाटर, मटर आदि सभी फसलों के लिए लाभकारी है। पिछले साल की तुलना में जिले में बारिश जहां पलवल व हथीन में ज्यादा हुई है, वहीं होडल और हसनपुर में काफी कम हुई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश किसानों के लिए काफी हितकारी होगी। कृषि विशेषज्ञों ने इस बारिश के बाद किसानों को सूरजमुख्सी की फसल की बुवाई करने की भी सलाह दी है। हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है।
पलवल में हुई 24 एमएम, हथीन में 16 एमएम बारिश
शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक हुई बारिश पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। इस बार पलवल में जहां 24 एमएम बारिश नोट की गई है, वहीं हथीन में 16 एमएम नोट की गई है। हसनपुर व होडल बारिश 8 एमएम से भी कम हुई है। पिछले साल पलवल में 20 एमएम बारिश हुई थी। हथीन में 15 एमएम, होडल व हसनपुर में 18-18 एमएम बारिश हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश के होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं होगी। इससे भूजल ऊपर ऊपर आ जाएगा, क्योंकि ट्यूबवेल कम चलेंगे। इसके अलावा जहां खारा पानी है, वहां बारिश होने से फसल की सिंचाई अच्छी होगी और वहां गेेहूं की पैदावार अच्छी होगी।
पाला से हो रहे नुकसान रुकेगा
कुछ दिनों से जिले में पाला पड़ रहा था। पाला पड़ने से किसानों की काफी फसलों खासकर सब्जियों की फसलों को नुकसान हो रहा था। ऐसे में बारिश की बेहद आवश्यकता थी। शुक्रवार को अचानक मौसम खराब होने के बाद देर रात शुरू हुई बारिश के बाद पाला पड़ने से फसलों को हो रहे नुकसान से राहत मिली। उसके इस सर्दी के मौसम की यह पहली बारिश है, जब बिना हवा के बारिश हुई। इससे काफी फायदा हुआ है। यदि हल्की सी भी हवा चल जाती तो गन्ना व गेहूं की फसल खेतों में गिर जाती और नुकसान हो जाता।
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इस बारिश से किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को सिंचाई के लिए जहां पानी की कमी थी, वहां लाभ मिलेगी। इसके अलावा जहां खारा पानी होने की वजह से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे, उन्हें काफी फायदा है। किसानों को चाहिए कि वे सूरजमुखी की बुुवाई इस समय कर लें।
- डॉ. महावीर सिंह मलिक कृषि विशेषज्ञ
सिंचाई के मुकाबले बरसात का फसलों को अधिक फायदा मिलता है। इस मौसम में बरसात होना किसानों के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की बिजाई के 21 दिन बाद पहली सिंचाई करनी होती है। वह उन्होंने कर दी अच्छी बरसात है तो किसानों को दूसरी सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं होगी।
- कुलदीप तेवतिया, उपमंडल अधिकारी, कृषि व किसान कल्याण विभाग
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पलवल में हुई 24 एमएम, हथीन में 16 एमएम बारिश
शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक हुई बारिश पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। इस बार पलवल में जहां 24 एमएम बारिश नोट की गई है, वहीं हथीन में 16 एमएम नोट की गई है। हसनपुर व होडल बारिश 8 एमएम से भी कम हुई है। पिछले साल पलवल में 20 एमएम बारिश हुई थी। हथीन में 15 एमएम, होडल व हसनपुर में 18-18 एमएम बारिश हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश के होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं होगी। इससे भूजल ऊपर ऊपर आ जाएगा, क्योंकि ट्यूबवेल कम चलेंगे। इसके अलावा जहां खारा पानी है, वहां बारिश होने से फसल की सिंचाई अच्छी होगी और वहां गेेहूं की पैदावार अच्छी होगी।
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पाला से हो रहे नुकसान रुकेगा
कुछ दिनों से जिले में पाला पड़ रहा था। पाला पड़ने से किसानों की काफी फसलों खासकर सब्जियों की फसलों को नुकसान हो रहा था। ऐसे में बारिश की बेहद आवश्यकता थी। शुक्रवार को अचानक मौसम खराब होने के बाद देर रात शुरू हुई बारिश के बाद पाला पड़ने से फसलों को हो रहे नुकसान से राहत मिली। उसके इस सर्दी के मौसम की यह पहली बारिश है, जब बिना हवा के बारिश हुई। इससे काफी फायदा हुआ है। यदि हल्की सी भी हवा चल जाती तो गन्ना व गेहूं की फसल खेतों में गिर जाती और नुकसान हो जाता।
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इस बारिश से किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को सिंचाई के लिए जहां पानी की कमी थी, वहां लाभ मिलेगी। इसके अलावा जहां खारा पानी होने की वजह से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे, उन्हें काफी फायदा है। किसानों को चाहिए कि वे सूरजमुखी की बुुवाई इस समय कर लें।
- डॉ. महावीर सिंह मलिक कृषि विशेषज्ञ
सिंचाई के मुकाबले बरसात का फसलों को अधिक फायदा मिलता है। इस मौसम में बरसात होना किसानों के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की बिजाई के 21 दिन बाद पहली सिंचाई करनी होती है। वह उन्होंने कर दी अच्छी बरसात है तो किसानों को दूसरी सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं होगी।
- कुलदीप तेवतिया, उपमंडल अधिकारी, कृषि व किसान कल्याण विभाग