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Palwal News: साल 2022-23 में बर्बाद फसल के मुआवजा राशि के लिए भटक रहे किसान

Thu, 08 Jun 2023 10:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2023 10:47 PM IST
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Farmers wandering for the compensation amount for the crop failure in the year 2022-23
08पीएएलपी3- ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं की फसल।
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08पीएएलपी4- सनवीर किसान, निवासी धतीर
08पीएएलपी5- राहुल किसान, लुलवाड़ी
बीमा कंपनी की मनमानी किसानों पर पड़ रही भारी, करीब साढ़े सात हजार किसानों का भुगतान बकाया
डीसी नेहा सिंह ने भी लगाई बीमा कंपनी के अधिकारियों को फटकार

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। प्राकृतिक आपदा के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा किसानों को एक साल बाद भी नहीं मिला है। बीमा कंपनी की लापरवाही के चलते किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों को इस साल की रवि की फसल तो दूर बीते साल बर्बाद हुई खरीफ की फसलों का भी मुआवजा नहीं मिला है। किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय में कई-कई बार आवेदन कर चुके है, परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विभाग के अनुसार, अभी रवि की फसल के 5300 तथा खरीफ की फसल के करीब 2100 किसानों की बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
दरअसल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर साल किसान के खाते से प्रीमियम राशि काट ली जाती है। योजना के तहत किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने पर किसान को उचित मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में फसल बर्बाद होने के 72 घंटों के भीतर आवेदन करना होता है। कृषि विभाग किसानों से प्राप्त आवेदन के आधार पर फसलों का सर्वे कराता है। सर्वे पूरा होने पर बीमा कंपनी को मुआवजा राशि जारी करने के लिए डाटा भेज दिया जाता है, परंतु किसानों के अब साल 2022 में बर्बाद हुई धान, बाजरा, ज्वार, मूंग, तिल, कपास सहित अन्य फसलों का मुआवजा नहीं दिया गया है। वहीं साल 2023 में नष्ट हुई फसल गेहूं, सरसों, चना, जौ की फसल का अभी सर्वे का काम ही पूरा किया है, जबकि खेतों में खरीफ फसल की बुआई शुरू हो गई है।
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मैं कृषि कार्यालय में दो बार अपने दस्तावेज जमा करा चुका हूं। अधिकारी दस्तावेजों में कमी होने की आशंका जता देते हैं। खाते में पिछले साल की भी बीमा राशि नहीं पहुंची है। - सनवीर किसान, निवासी धतीर
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फसल बीमा के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया था, उनको मुआवजा सरकार द्वारा दे दिया गया, जबकि बीमा कंपनी द्वारा बीमित किसानों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। - राहुल किसान, निवासी लुलवाड़ी
बीमा कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक रोहित रंजन ने बताया कि खरीब की फसल धान तथा बाजरा फसल के 2100 किसानों का भुगतान तकनीकी खराबी के कारण नहीं हो पाया है। रवि की गेहूं, सरसों की फसल के 5299 किसानों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। जल्द ही खरीफ 2022 व रबी 2022-23 की फसल की बीमित राशि किसानों के खाते में डाल दी जाएगी।

उपायुक्त ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को लगाई फटकार
जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को क्लेम में हो रही देरी के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही स्कीम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी फसल बीमित किसानों को जिन्होंने अपनी फसल नुकसान का आवेदन कृषि विभाग को दिया है, उनका समाधान शीघ्र करते हुए बीमित राशि का भुगतान जल्द से जल्द किसानों के खाते में किया जाए।
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