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धान की खरीद न होने के विरोध में पलवल अनाज मंडी में प्रदर्शन कल
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पलवल। फसल और नस्ल को बचाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर करीब एक साल से चल रहा किसान आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। राजेंद्र घर्रोट द्वारा संचालित धरने की अध्यक्षता नंदराम सरपंच पहरा ने की। किसान धरने में नारनौद प्रकरण की निंदा करते हुए भाजपा सांसद के निजी सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। धरने में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 नवंबर को आंदोलन के एक साल होने पर किसान धरने में बड़ी हाजिरी के साथ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। धरने में जिला प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग अटोहां चौक पर लगाए गए बैरिकेडिंग को हटाने तथा लालबत्ती लगाने की मांग की गई। 12 नवंबर शुक्रवार को जिले में धान की सरकारी खरीद न होने को लेकर नई अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी पलवल कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
धरने में राष्ट्रीय एकता विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती व भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतनसिंह सौरौत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 नवंबर को एक ऐतिहासिक दिन के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। किसान नेताओं ने जिले के सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं व छात्रों से इस संयुक्त कार्रवाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी नरसंहार मामले में फोरेंसिक जांच से सरकार के रुख की पुष्टि हो गई है। मंत्री पुत्र व अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसानों पर फायरिंग करके गोली चलाई थी। सुप्रीम कोर्ट भी सरकार की जांच से असंतुष्टि व्यक्त करके सख्त टिप्पणी कर चुकी है। घटना के सभी तथ्य अब पूरी तरह स्थापित हो चुके हैं फिर भी भाजपा सरकार गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पक्ष में खड़ी है। किसान नेताओं ने अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी व मंत्रिपरिषद से उसकी बर्खास्तगी की मांग की।
धरने में किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, उदयसिंह सरपंच, सोहनपाल चौहान, धर्मचंद घुघेरा, बीधू सिंह, राजेंद्र बैंसला, रमेशचंद, किशनचंद, रूपचंद दलाल, श्रीचंद महाशय, धनीराम, चेतराम मेंबर, शिवसिंह दरोगा, अच्छेलाल, गोपी हवलदार व रोशनलाल ने भी अपने विचार रखे।
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धरने में राष्ट्रीय एकता विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती व भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतनसिंह सौरौत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 नवंबर को एक ऐतिहासिक दिन के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। किसान नेताओं ने जिले के सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं व छात्रों से इस संयुक्त कार्रवाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी नरसंहार मामले में फोरेंसिक जांच से सरकार के रुख की पुष्टि हो गई है। मंत्री पुत्र व अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसानों पर फायरिंग करके गोली चलाई थी। सुप्रीम कोर्ट भी सरकार की जांच से असंतुष्टि व्यक्त करके सख्त टिप्पणी कर चुकी है। घटना के सभी तथ्य अब पूरी तरह स्थापित हो चुके हैं फिर भी भाजपा सरकार गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पक्ष में खड़ी है। किसान नेताओं ने अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी व मंत्रिपरिषद से उसकी बर्खास्तगी की मांग की।
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धरने में किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, उदयसिंह सरपंच, सोहनपाल चौहान, धर्मचंद घुघेरा, बीधू सिंह, राजेंद्र बैंसला, रमेशचंद, किशनचंद, रूपचंद दलाल, श्रीचंद महाशय, धनीराम, चेतराम मेंबर, शिवसिंह दरोगा, अच्छेलाल, गोपी हवलदार व रोशनलाल ने भी अपने विचार रखे।
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