{"_id":"602959168ebc3ee93213acb2","slug":"candle-march-pays-tribute-to-pulwama-martyrs-palwal-news-noi56567910","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंडल मार्च निकाल पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंडल मार्च निकाल पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में रविवार को पुलवाला हमले में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी ही शहीदों की सच्ची श्रद्धांजलि है। वहीं शाम को महर्षि दयानंद आगरा चौक से मीनार गेट तक कैंडल मार्च निकाला गया।
52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में आयोजित धरने की अध्यक्षता हेतलाल पहलवान ने की जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे धरने में किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पालों के हिसाब से तंबु लगाए जा रहे हैं। किसान संघर्ष समिति द्वारा गद्दा व रजाई के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रविवार को धरने में हरप्रसाद औरंगाबाद, धन्नी अलावलपुर, अच्छेलाल जोधपुर, रतिराम पहलवान, इंद्र सिंह रावत आदि ने अपनी कविताओं के माध्यम से मनोरंजन किया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार आंदोलनरत किसानों की मांगों को पूरा करे। पुलवामा हमले के शहीदों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी, क्योंकि शहीद होने वाले किसानों के ही बच्चे थे।
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि आर्य समाजी व सन्यासियों ने किसानों के समर्थन में सदैव आंदोलन किए हैं। शहीद भगत सिंह के परिवार द्वारा चलाए गए किसान आंदोलन के सामने अंग्रेज सरकार को झुकना पड़ा था। उनका परिवार महर्षि दयानंद का अनुयायी था। चौधरी छोटूराम ने आजीवन किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कराया। चौधरी चरण सिंह ने सैकड़ों बार किसान आंदोलन चलाकर किसानों को उनका हक दिलाया। वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन को भी आर्य सन्यासी, वानप्रस्थी, उपदेशक, भजनोपदेशक समर्थन दे रहे हैं। इस मौके पर महेंद्र सिंह चौहान, राजकुमार ओहिलियान, धर्मचंद घुघेरा, नैन साहब, राजेंद्र सिंह घर्रोट, मूलचंद, निसार कोट, शौकीन मास्टर, महेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कृषि मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों पर टिप्पणी करने के विरोध में रविवार को निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि जेपी दलाल ने अपने हकों की लड़ाई लड़ते हुए मरने वाले किसानों पर टिप्पणी कर राजनीतिक मर्यादा को लांघने का काम किया है। पलवल आने पर उनके कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा।
सहयोग करने का सिलसिला रहा जारी
अटोहां चौक पर दोबारा शुरू किए गए धरने को भरपूर सहयोग मिल रहा है। क्षेत्रीय किसानों की तरफ से भंडारे के लिए खाद्य सामग्री से लेकर बिस्तर दिए जा रहे हैं। रविवार को भी किसानों ने भंडारे के लिए चीनी, आटा, चावल, दाल, घी, रिफाइंड के साथ-साथ गददे व रजाई दिए। वहीं सामान रखने के लिए अलग से टीन शेड भी बनवाया गया है।
विज्ञापन
52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में आयोजित धरने की अध्यक्षता हेतलाल पहलवान ने की जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे धरने में किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पालों के हिसाब से तंबु लगाए जा रहे हैं। किसान संघर्ष समिति द्वारा गद्दा व रजाई के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रविवार को धरने में हरप्रसाद औरंगाबाद, धन्नी अलावलपुर, अच्छेलाल जोधपुर, रतिराम पहलवान, इंद्र सिंह रावत आदि ने अपनी कविताओं के माध्यम से मनोरंजन किया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार आंदोलनरत किसानों की मांगों को पूरा करे। पुलवामा हमले के शहीदों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी, क्योंकि शहीद होने वाले किसानों के ही बच्चे थे।
विज्ञापन
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि आर्य समाजी व सन्यासियों ने किसानों के समर्थन में सदैव आंदोलन किए हैं। शहीद भगत सिंह के परिवार द्वारा चलाए गए किसान आंदोलन के सामने अंग्रेज सरकार को झुकना पड़ा था। उनका परिवार महर्षि दयानंद का अनुयायी था। चौधरी छोटूराम ने आजीवन किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कराया। चौधरी चरण सिंह ने सैकड़ों बार किसान आंदोलन चलाकर किसानों को उनका हक दिलाया। वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन को भी आर्य सन्यासी, वानप्रस्थी, उपदेशक, भजनोपदेशक समर्थन दे रहे हैं। इस मौके पर महेंद्र सिंह चौहान, राजकुमार ओहिलियान, धर्मचंद घुघेरा, नैन साहब, राजेंद्र सिंह घर्रोट, मूलचंद, निसार कोट, शौकीन मास्टर, महेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कृषि मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों पर टिप्पणी करने के विरोध में रविवार को निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि जेपी दलाल ने अपने हकों की लड़ाई लड़ते हुए मरने वाले किसानों पर टिप्पणी कर राजनीतिक मर्यादा को लांघने का काम किया है। पलवल आने पर उनके कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा।
सहयोग करने का सिलसिला रहा जारी
अटोहां चौक पर दोबारा शुरू किए गए धरने को भरपूर सहयोग मिल रहा है। क्षेत्रीय किसानों की तरफ से भंडारे के लिए खाद्य सामग्री से लेकर बिस्तर दिए जा रहे हैं। रविवार को भी किसानों ने भंडारे के लिए चीनी, आटा, चावल, दाल, घी, रिफाइंड के साथ-साथ गददे व रजाई दिए। वहीं सामान रखने के लिए अलग से टीन शेड भी बनवाया गया है।