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Palwal News: फांसी की सजा सुनाते ही छह हत्याओं के जख्म हुए फिर से ताजा

Wed, 22 Mar 2023 01:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Mar 2023 01:01 AM IST
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As soon as the death sentence was pronounced, the wounds of six murders were fresh again
आदरणीय संपादक जी और श्री आलोक जी के ध्यानार्थ
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फोटो 8,9,10,11,12,13,14 में हैं। कैप्शन: 8-एक जनवरी 2018 की रात को हत्या करने जाते समय हाथ में रॉड के साथ साइको किलर नरेश का सीसीटीवी फुटेज (फाइल फोटो) कैप्शन: 9- एक जनवरी 2018 की रात को पहली हत्या को अंंजाम देकर पलवल अस्पताल से बाहर निकलते साइको किलर का सीसीटीवी फुटेज (फाइल फोटो) कैप्शन: 10- दो जनवरी की सुबह साढ़े सात बजे पुलिस द्वारा गिरफ्तार साइको किलर (फाइल फोटो) कैप्शन: 11- हत्याओं की वारदात के बाद पलवल अस्पताल के बाहर लगी लोगों की भीड़ (फाइल फोटो) कैप्शन: 12-दो जनवरी 2018 को हत्या की घटना के बाद विलाप करती मृतकों की महिलाएं (फाइल फोटो) कैप्शन: 13- अमर उजाला की वारदात से संबंधित खबरों का फाइल फोटो कैप्शन: 14-अमर उजाला में प्रकाशित हत्या की खबरों का फाइल फोटो
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फांसी की सजा सुनाते ही छह हत्याओं के जख्म हुए फिर से ताजा
-मृतकों के परिजनों ने कहा अब मिला है उन्हें न्याय, अदालत के फैसले से दिखाई दिए संतुष्ट
-अदालत में पेश होने के बाद आंसुओं से रोने लगा साइको किलर
-रोते-रोते बोला मैं दिमागी रूप से बीमार हूं, सिर, हाथ व पांव में लगी है चोट
अनूप पाराशर
पलवल। नव वर्ष के जश्न में डूबे शहर में एक जनवरी 2018 की रात डेढ़ घंटे में महिला सहित छह लोगों की बर्बरता से की गई हत्या के जख्म उस समय ताजा हो गए जब अदालत ने साइको किलर को फांसी की सजा सुनाई। अदालत में मौजूद मृतक खेमचंद की पत्नी तथा मृतक सीताराम की पत्नी व बेटी की आंंखों में आंसू बहने लगे। पूछने पर उनका बस यही कहना था कि आज उन्हें न्याय मिला है, उसी की खुशी में ये आंसू हैं।
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अदालत में रोने लगा साइको किलर
मंगलवार को अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश प्रशांत राणा की अदालत में जब मृतक खेमचंद व सीताराम के परिजनों की तरफ से पेश हुए वकील नासिर खान ने 6 हत्याएं करने वाले साइको किलर नरेश धनखड़ के लिए अदालत से फांसी की सजा की मांग की तो साइको किलर एक साथ रोने लगा। रोते हुए अदालत से गुहार लगाने लगा कि वह बेहद बीमार है। उसका दिमाग का इलाज गाजियाबाद से चल रहा है। उसके हाथ, पांव व सिर में काफी चोट है। साइको किलर रोते हुए गुहार लगाता रहा, लेकिन न्यायाधीश चुप सुनते रहे तथा फाइल को देखते रहे। साइको किलर अदालत में चार बार रोया। वकील नासिर खान ने कहा कि यह वारदात बड़ी वारदात है। इस वारदात के लिए फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। वहीं साइको किलर के वकील केके गुप्ता ने अदालत के समक्ष उसकी सजा कम करने की अपील करते हुए कहा कि वह दिमागी रूप से बीमार है तथा उसका इलाज चल रहा है। उसे नहीं पता कि उसने यह हत्या किस परिस्थिति में की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के वकीलों की अपील सुनने के बाद फैसला शाम तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
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शाम 4.40 पर सुनाया फैसला
बाद में देर शाम 4.40 पर मिनट पर दोनों पक्षों की तरफ से वकील फिर से अदालत में पेश हुए। जहां अदालत ने अपना सुरक्षित रखा फैसला सुनाया। न्यायाधीश प्रशांत राणा ने फैसला सुनाते हुए आरोपी साइको किलर नरेश धनखड़ को फांसी की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने फांंसी की सजा सुनाने के साथ ही हत्याभियुक्त नरेश धनखड़ को आगे अपील करने के लिए 90 दिन का समय दिया है, ताकि वह अपने बचाव के लिए आगे उच्च न्यायालय में अपील कर सके।
परिजन खुश हुए फैसले से
जैसे ही अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश ने हत्याभियुक्त साइको किलर नरेश धनखड़ को फांसी की सजा सुनाई तो मृतकों के परिजन खुश हो गए। मृतक सीताराम की पत्नी द्रौपदी, बेटी आरती, दामाद राजवीर तथा मृतक खेमचंद की पत्नी कमला का कहना था कि आज सही मायने में उन्हें न्याय मिला है। पुलिस ने जब इस साइको किलर को गिरफ्तार किया था, उस समय न्याय मिलने की पूरी उम्मीद नहीं थी, लेकिन आज अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाकर न्याय दिया है। वे अदालत के फैसले से खुश हैं। उधर सीताराम के वकील नासिर खान ने कहा कि यह फैसला बेहद न्यायप्रिय है। न्यायाधीश ने सभी तथ्यों तथा मृतकों के परिजनों की तरफ देखते हुुए यह फैसला सुनाया है। हम फैसले से पूरी तरह से संतुष्ट हैं।
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इन लोगों की रॉड मारकर की थी हत्या
नववर्ष की पहली रात 1 जनवरी 2018 को इस साइको किलर नरेश धनखड़ ने जिन 6 लोगों की रॉड मारकर हत्या की थी, उनमें गांव बूराका निवासी 32 वर्षीय अंजुम की सबसे पहले हत्या की गई थी। अंजुम पुराने जीटी रोड पर स्थित पलवल अस्पताल में अपनी देवरानी के इलाज के दौरान उसकी देखरेख के लिए रुकी हुई थी। अंजुम की हत्या के बाद साइको किलर ने मोतीलाल पार्क के सामने बैठे चौकीदार मुंशीराम अलावलपुर, जगन कबाड़ी के पास चौकीदारी कर रहे पातली गेट निवासी 50 वर्षीय सीताराम, शहर थाने के सामने सोते हुए भिखारी की रॉड से सिर पर मारकर हत्या की। उसके बाद थोड़़ा आगे ही पुराने सोहना रोड पर चौकीदारी कर रहे यूपी के शिकोहाबाद निवासी 42 वर्षीय सुभाष की हत्या की। यहां से हत्याओं को अंंजाम देने के बाद ट्रैक्टर मार्केट में अपनी ड्यूटी पर जा रहे पंचवटी कालोनी निवासी 46 वर्षीय खेमचंद की हत्या की। इन लोगों की हत्या करने से पहले साइको किलर ने अपने घर ओमेक्स से निकलने के बाद रास्ते में सड़कों पर मिले कुत्तों को भी रॉड से पीट-पीट कर मार डाला था। उसने करीब 10 कुत्तों को मौत के घाट उतार दिया था।
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ससुर व पत्नी को मारने पहुंचा तो पुलिस ने पकड़ा
इन छह हत्याओं की वारदातों को अंजाम देने के बाद साइको किलर नरेश सुबह सात बजे आदर्श कालोनी में अपनी ससुराल पहुंच गया। उससे अलग अपने पिता के घर रह रही अपनी पत्नी सीमा व ससुर धर्मपाल मलिक को मारने के लिए पहुंचकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन दरवाजा नहीं खुला। उसके बाद उसने पड़ोसी का दरवाजा तोड़कर अंंदर घुस गया और पड़ोसी को मारने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर शहर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस पर भी उसने हमला किया तथा पीसीआर के चालक ने जब उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उस पर भी रॉड से हमला कर दिया, लेकिन वह बच गया। इसी दौरान पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे दबोच लिया। इस दौरान उसे चोट आने पर फरीदाबाद के बादशाह खान अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से दो दिन उपचार के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया। तब से साइको किलर नरेश धनखड़ जेल में ही बंद था।

सेना से सेवानिवृत्ति लेने के बाद सिंचाई विभाग में एसडीओ के पद पर था कार्यरत
छह हत्याओं को अंजाम देने वाला फरीदाबाद के गांव मछगर निवासी नरेश धनखड़ 1999 में सेना में बतौर लेफ्टीनेंट भर्ती हुआ था। बाद में 2003 में मेडिकल ग्राउंड के आधार पर उसने सेना से सेवानिवृत्ति ले ली तथा सिंचाई विभाग में बतौर एसडीओ के पद पर नियुक्त हो गया। तब से लेकर एक साथ छह हत्याओं की वारदात को अंजाम देने के समय तक वह सिंंचाई विभाग में एसडीओ के पद पर भिवानी में कार्यरत था। बिना बताए दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर यहां अपने ओमेक्स स्थित निवास पर आया था।

पत्नी व बेटे की हत्या करना चाहता था नरेश धनखड़
साइको किलर नरेशन धनखड़ की शादी 2010 में जवां गांव निवासी सीमा से हुई थी। 2018 में उसका 8 साल का एक बेटा था। उसकी पत्नी व बेटा विवाद के चलते उससे अलग अपने पिता के पास पलवल में आदर्श कालोनी में रहते थे। नरेश धनखड़ ओमेक्स सिटी में अलग रहता था। उस समय पकड़े जाने के बाद उसकी पत्नी सीमा ने उस समय बताया था कि वह उसकी और उसके बेटे की हत्या करना चाहता था। उसी से बचने के लिए वह अपने बेटे के साथ अलग अपने पिता के साथ रहती थी।


डेढ़ घंटे में की थीं ये छह हत्याएं
साइको किलर ने मात्र डेढ़ घंटे में 6 हत्या की थी। हत्याभियुक्त नरेश धनखड़ ने शहर थाना क्षेत्र के अंदर एक( किलोमीटर की परिधि में सबसे पहले रात 2.37 मिनट पर, दूसरी 2.50 मिनट पर, तीसरी, चौथी व पांचवी 3 बजे से 3.26 मिनट के बीच तथा छठी हत्या 3.45 मिनट पर की थी। जबकि पुलिस ने उसे सुबह साढ़े सात बजे गिरफ्तार किया था। इस दौरान पूरे शहर में दहशत का माहौल रहा था। इन हत्याओं को अंजाम देने से पहले भी नरेश धनखड़ा 2015 में एक पुलिस कर्मी से मारपीट के आरोप में जेल में जा चुका था।
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