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आज विधायक के निवास तक जुलूस निकालेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
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पलवल। आठ दिसंबर से चल रही आंगनबाड़ी वर्कर एंड हैल्पर यूनियन की हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय पर एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों नेताओं ने धरने में पहुंचकर समर्थन दिया। धरने की अध्यक्षता उर्मिला रावत व रामरति दलाल ने की, जबकि संचालन जिला सचिव कृष्णा देवी ने किया। धरने में शनिवार को ताऊ देवीलाल टाउन पार्क से विधायक दीपक मंगला के निवास तक जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता सोहनपाल चौहान, मास्टर महेंद्र चौहान व ताराचंद ने कहा कि 2018 के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हरियाणा ने जिन मांगों पर समझौता किया था, उन्हें आज तक लागू नहीं किया गया है। प्रधान रामरति दलाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये लागू किया जाए। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए। हेल्पर के पदनाम को बदला जाए। विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए। कार्यकर्ता को पांच लाख व सहायक को तीन लाख रुपये सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाए। पेंशन लागू की जाए। कार्यकर्ता से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति को तुरंत लागू किया जाए। केंद्रों का बढ़ा किराया दिया जाएगा। धरने को कमला देवी, राजवती, ओमवती, बिमलेश, पसंदी, पुष्पा, सचिव योगेश, बबली, दरियाब सिंह, रमेश चंद, करतार सिह ने भी संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता सोहनपाल चौहान, मास्टर महेंद्र चौहान व ताराचंद ने कहा कि 2018 के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हरियाणा ने जिन मांगों पर समझौता किया था, उन्हें आज तक लागू नहीं किया गया है। प्रधान रामरति दलाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये लागू किया जाए। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए। हेल्पर के पदनाम को बदला जाए। विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए। कार्यकर्ता को पांच लाख व सहायक को तीन लाख रुपये सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाए। पेंशन लागू की जाए। कार्यकर्ता से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति को तुरंत लागू किया जाए। केंद्रों का बढ़ा किराया दिया जाएगा। धरने को कमला देवी, राजवती, ओमवती, बिमलेश, पसंदी, पुष्पा, सचिव योगेश, बबली, दरियाब सिंह, रमेश चंद, करतार सिह ने भी संबोधित किया।
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