{"_id":"614b5e148ebc3e0c136d6e8d","slug":"work-has-been-stuck-for-a-long-time-people-are-getting-upset-every-day-narnol-news-rtk6248131181","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंबे समय से अटके पड़े हैं कार्य, प्रतिदिन लोग हो रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंबे समय से अटके पड़े हैं कार्य, प्रतिदिन लोग हो रहे परेशान
विज्ञापन
तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए लोगों की लगी लंबी लाइन
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ के तहसील कार्यालय में अपने कार्यों से आने वाले लोग जरा ध्यान दें यहां पर अधिकारियों की उपस्थिति पता करने के बाद ही कार्यालय पहुंचें, अन्यथा आपको दिनभर अधिकारियों का इंतजार करने के बावजूद भी बिना कार्य कराए निराश होकर लोटना पड़ेगा। तहसील के अंतर्गत आने वाले करीब 85 गांवों के ग्रामीण, विद्यार्थी एवं किसान लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं। तहसीलदार की सेवानिवृत्ति को भी 6 माह का समय बीतने को है लेकिन प्रदेश सरकार एवं प्रशासन को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। तहसील कार्यालय में प्रतिदिन करीब 85 गांवों से अपने कार्यों के लिए करीब 500 लोग पहुंचते हैं लेकिन कार्यालयों में अधिकारियों की खाली सीटें देखकर निराश होकर घरों को लोट जाते हैं। यह सिलसिला करीब पांच माह से चल रहा है।
छात्र-छात्राओं को हो रही सबसे अधिक परेशानी
रोजगार पाने के लिए रिहायशी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अनेक आवश्यक दस्तावेज बनवाने तहसील कार्यालय आने वाले युवाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति नहीं होने से प्रतिदिन खिड़की पर लगने वाली भीड़ के कारण लोग आपस में भी उलझ रहे हैं। लोग प्रात: ही आकर लाइन में लग जाते हैं लेकिन शाम होते होते अधिकारियों के नहीं पहुंचने से निराश होकर वापिस जाने को मजबूर हैं। यहां महज लिपिकों के भरोसे काम चलाया जा रहा है।
पांच माह पूर्व हुई थी सेवानिवृत्ति
महेंद्रगढ़ में नायब तहसीलदार का पदभार संभाल रहे प्रकाश वीर पिछले 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद से विजय कुमार तहसीलदार काम संभाल रहे थे लेकिन जुलाई अगस्त माह में अवकाश पर चले गए जिसके बाद 31 अगस्त को विजय कुमार भी सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद से महेंद्रगढ़ में तहसीलदार व नायब तहसीलदार दोनों ही पद रिक्त हैं। पिछले 13 सितंबर को कनीना की तहसीलदार को महेंद्रगढ़ तहसील का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया लेकिन कार्यभार अधिक होने के कारण महेंद्रगढ़ तहसील के कार्य लंबित पड़े रह जाते हैं जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
सप्ताह में महज पांच कार्य दिवस
शनिवार व रविवार को तहसील का अवकाश होता है। ऐसे में महज पांच दिन है कार्य के लिए शेष रहते हैं लेकिन इनमें से भी अधिकांश समय उपायुक्त बैठक, सरकारी कार्यों में अधिकारी व्यस्त रहते हैं। इन समस्याओं के चलते अपने कार्यों से दिनभर में आने वाले करीब 500 लोगों को निराशा ही हाथ लगती है।
स्थायी नियुक्ति की मांग
पिछले करीब छह माह में दैनिक रेलयात्री महासंघ, सरताज जन सेवा ग्रुप, सुंडाराम ट्रस्ट, यादव सभा, सैन सभा, व्यापार मंडल सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा अनेक बार तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई जा चुकी है। लोगों का कहना है कि सरकार महेंद्रगढ़ के लोगों की मांगों को लगातार अनदेखा करती आ रही है।
तहसील कार्यालय में आने वाले लोगों के समय से कार्य हो रहे हैं। तहसील में लोगों का किसी भी प्रकार का काम लंबित नहीं है। उनके पास कनीना के अलावा महेंद्रगढ़ का अतिरिक्त कार्यभार है। उनका प्रयास रहता है कि लोगों को तय समय पर सही सुविधा मिले।
- नवनीत कौर, तहसीलदार एडिशनल चार्ज महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं को हो रही सबसे अधिक परेशानी
रोजगार पाने के लिए रिहायशी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अनेक आवश्यक दस्तावेज बनवाने तहसील कार्यालय आने वाले युवाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति नहीं होने से प्रतिदिन खिड़की पर लगने वाली भीड़ के कारण लोग आपस में भी उलझ रहे हैं। लोग प्रात: ही आकर लाइन में लग जाते हैं लेकिन शाम होते होते अधिकारियों के नहीं पहुंचने से निराश होकर वापिस जाने को मजबूर हैं। यहां महज लिपिकों के भरोसे काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
पांच माह पूर्व हुई थी सेवानिवृत्ति
महेंद्रगढ़ में नायब तहसीलदार का पदभार संभाल रहे प्रकाश वीर पिछले 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद से विजय कुमार तहसीलदार काम संभाल रहे थे लेकिन जुलाई अगस्त माह में अवकाश पर चले गए जिसके बाद 31 अगस्त को विजय कुमार भी सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद से महेंद्रगढ़ में तहसीलदार व नायब तहसीलदार दोनों ही पद रिक्त हैं। पिछले 13 सितंबर को कनीना की तहसीलदार को महेंद्रगढ़ तहसील का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया लेकिन कार्यभार अधिक होने के कारण महेंद्रगढ़ तहसील के कार्य लंबित पड़े रह जाते हैं जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
सप्ताह में महज पांच कार्य दिवस
शनिवार व रविवार को तहसील का अवकाश होता है। ऐसे में महज पांच दिन है कार्य के लिए शेष रहते हैं लेकिन इनमें से भी अधिकांश समय उपायुक्त बैठक, सरकारी कार्यों में अधिकारी व्यस्त रहते हैं। इन समस्याओं के चलते अपने कार्यों से दिनभर में आने वाले करीब 500 लोगों को निराशा ही हाथ लगती है।
स्थायी नियुक्ति की मांग
पिछले करीब छह माह में दैनिक रेलयात्री महासंघ, सरताज जन सेवा ग्रुप, सुंडाराम ट्रस्ट, यादव सभा, सैन सभा, व्यापार मंडल सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा अनेक बार तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई जा चुकी है। लोगों का कहना है कि सरकार महेंद्रगढ़ के लोगों की मांगों को लगातार अनदेखा करती आ रही है।
तहसील कार्यालय में आने वाले लोगों के समय से कार्य हो रहे हैं। तहसील में लोगों का किसी भी प्रकार का काम लंबित नहीं है। उनके पास कनीना के अलावा महेंद्रगढ़ का अतिरिक्त कार्यभार है। उनका प्रयास रहता है कि लोगों को तय समय पर सही सुविधा मिले।
- नवनीत कौर, तहसीलदार एडिशनल चार्ज महेंद्रगढ़।

तहसील कार्यालय में लगी लोगों की भीड़- फोटो : Narnol