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ओलंपियन संदीप पूनिया का सतनाली पहुंचने पर भव्य स्वागत
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ओलंपियन संदीप पूनियां एवं उनके पिता प्रीत्तम सिंह के साथ प्रो. रामबिलास शर्मा।
- फोटो : Narnol
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टोक्यो ओलंपिक में 20 किमी. पैदल चाल स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व कर वापिस लौटने पर संदीप पूनिया का सतनाली में स्वागत किया गया। इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने संदीप का पगड़ी पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया और स्मृति चिह्न एवं 50 हजार रुपये की राशि देकर प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर प्रो. रामबिलास शर्मा ने संदीप के पिता प्रीतम सिंह का भी शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
संदीप का पगड़ी पहनाकर स्वागत करते हुए प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि हमारे लाडले संदीप ने दूसरी बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सतनाली क्षेत्र एवं महेंद्रगढ़ जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इससे पहले सतनाली पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने सतनाली बस स्टैंड पर संदीप का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद संदीप को खुली गाड़ी में बैठाकर जुलूस निकाला गया। यह जुलूस बस स्टैंड से शुरू होकर पुराना बस स्टैंड चौक, रेलवे रोड़ , मुख्य बाजार, बिचला बाजार, खोखा मार्केट, लोहारू चौक होते हुए उनके गांव सुरेहती जाखल ले जाया गया। सतनाली के बाजारों में रास्ते में लगभग सभी दुकानदारों ने संदीप का माला पहनाकर तथा स्मृति भेंटकर सम्मान दिया।
इस अवसर पर संदीप ने कहा कि क्षेत्रवासियों ने उन्हें जो प्यार व सम्मान दिया है इसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि सतनाली क्षेत्र एवं मेरे गांव के लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है वह अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा में भी अपनी तरफ से बेहतर प्रदर्शन की कोशिश की। मुझे खुशी इस बात की है कि दो बार वार्निंग मिलने के बाद भी मैंने अपना गेम पूरा किया। तीसरी वार्निंग मिलती तो उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ता या फिर उन्हें होल्ड पर रख दिया जाता जो देश के लिए सहीं नहीं था। उन्होंने बताया कि दो बार वार्निंग मिलने के बाद लय में लौटते हुए अपनी चाल बरकरार रखने की भरपूर कोशिश की, गर्मी व उमस से थोड़ी परेशानी भी हुई लेकिन इवेंट को पूरा किया। संदीप पूनिया ने कहा कि आज लोगों से मिले प्यार से उन्हें आगे और बढ़िया प्रदर्शन की प्रेरणा मिली है और आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन का भरपूर प्रयास करेंगे।
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संदीप का स्वागत करते हुए क्षेत्रवासियों ने कहा कि भले ही पदक न जीत पाए हों लेकिन इवेंट पूरी करते हुए 60 प्रतिभागियों में 23 वां स्थान प्राप्त कर सम्मानजक प्रदर्शन कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। क्षेत्रवासियों को गर्व है कि उनके लाडले संदीप ने विश्व स्तर पर खेलों के महाकुंभ में दूसरी बाद देश का प्रतिनिधित्व किया।
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संदीप का पगड़ी पहनाकर स्वागत करते हुए प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि हमारे लाडले संदीप ने दूसरी बार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सतनाली क्षेत्र एवं महेंद्रगढ़ जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इससे पहले सतनाली पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने सतनाली बस स्टैंड पर संदीप का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद संदीप को खुली गाड़ी में बैठाकर जुलूस निकाला गया। यह जुलूस बस स्टैंड से शुरू होकर पुराना बस स्टैंड चौक, रेलवे रोड़ , मुख्य बाजार, बिचला बाजार, खोखा मार्केट, लोहारू चौक होते हुए उनके गांव सुरेहती जाखल ले जाया गया। सतनाली के बाजारों में रास्ते में लगभग सभी दुकानदारों ने संदीप का माला पहनाकर तथा स्मृति भेंटकर सम्मान दिया।
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इस अवसर पर संदीप ने कहा कि क्षेत्रवासियों ने उन्हें जो प्यार व सम्मान दिया है इसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि सतनाली क्षेत्र एवं मेरे गांव के लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है वह अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा में भी अपनी तरफ से बेहतर प्रदर्शन की कोशिश की। मुझे खुशी इस बात की है कि दो बार वार्निंग मिलने के बाद भी मैंने अपना गेम पूरा किया। तीसरी वार्निंग मिलती तो उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ता या फिर उन्हें होल्ड पर रख दिया जाता जो देश के लिए सहीं नहीं था। उन्होंने बताया कि दो बार वार्निंग मिलने के बाद लय में लौटते हुए अपनी चाल बरकरार रखने की भरपूर कोशिश की, गर्मी व उमस से थोड़ी परेशानी भी हुई लेकिन इवेंट को पूरा किया। संदीप पूनिया ने कहा कि आज लोगों से मिले प्यार से उन्हें आगे और बढ़िया प्रदर्शन की प्रेरणा मिली है और आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन का भरपूर प्रयास करेंगे।
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संदीप का स्वागत करते हुए क्षेत्रवासियों ने कहा कि भले ही पदक न जीत पाए हों लेकिन इवेंट पूरी करते हुए 60 प्रतिभागियों में 23 वां स्थान प्राप्त कर सम्मानजक प्रदर्शन कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। क्षेत्रवासियों को गर्व है कि उनके लाडले संदीप ने विश्व स्तर पर खेलों के महाकुंभ में दूसरी बाद देश का प्रतिनिधित्व किया।

टोक्यो से लौटने पर क्षेत्रवासियों का अभिवादन करते संदीप पूनिया। - फोटो : Narnol