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25 गांवों व 10 ढाणियों को मिलेगा नहरी पानी

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 11:16 PM IST
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महेंद्रगढ़। सतनाली खंड से जुड़े 25 गांवों को अगस्त माह में नहरी पानी मिलना शुरू हो जाएगा। झगड़ौली पंप हाउस से अंडरग्राउंड 43 किमी डाली जा रही पाइप लाइन का 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। लॉकडाउन की वजह से काम धीरे हो गया है। परंतु उम्मीद है कि 125 करोड़ का यह प्रोजेक्ट अगस्त माह में पूरा हो जाएगा।
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बता दें कि विधानसभा क्षेत्र का सतनाली खंड का पेयजल स्तर लगातार गिरता जा रहा था। इस क्षेत्र को नहरी पानी दिलाने के लिए पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने अपने कार्यकाल में 125 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पास करवाया था ताकि लोगों को नहरी पानी उपलब्ध हो सके। फरवरी 2019 में इस प्रोजेक्ट का कार्य शुरू हो गया था और फरवरी 2021 में प्रोजेक्ट को बनकर तैयार करना था लेकिन पिछले वर्ष लॉकडाउन लग जाने की वजह से इसका कार्य छह महीन बढ़ा दिया गया था। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त माह तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।

राजावास ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार:
राजावास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगभग बनकर तैयार हो गया है। इस प्लांट में एक कच्चे पानी और एक साफ पानी का टैंक बनकर तैयार हो चुका है। एक कच्चे पानी का टैंक बनना बाकी है। ट्रीटमेंट प्लांट पर मोटर आदि सब कुछ फीट कर तैयार कर दिया गया है। इस प्लांट से प्रतिदिन 25 गांव तथा 9 ढाणियों को पानी सप्लाई किया जाएगा।
यह काम होना है बाकी:
चार रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर ग्राउंड पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है।
राजावास में कच्चे पानी के दो टैंक बनाए जाने थे एक बन चुका है तो दूसरा बनाया जा रहा है।
घाटी के पास पहाड़ी से श्रुति चौधरी फॉर्म हाउस तक 500 मीटर पाइपलाइन डाला जाना बाकी है।
बिजली सप्लाई चालू होना बाकी है जिसके लिए आवेदन किया हुआ है।
ऐसे रहेगा पानी की सप्लाई का सिस्टम:
झगड़ौली पंप हाउस से सतनाली के आखिरी गांव तक 43 किलोमीटर अंडर ग्राउंड पाइपलाइन बिछाई गई है। झगड़ौली पंप हाउस बनकर तैयार हो गया है। इस पंप हाउस से कच्चा पानी उठाकर राजावास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा। जहां पर पानी को साफ कर एक टैंक में स्टोर किया जाएगा। इसके बाद साफ पानी गादड़वास में बनाए गए इंटरमीडियट बूस्टिंग स्टेशन पर जाएगा। इसके बाद पांच गांवों में बड़े बूस्टिंग स्टेशन बनाए गए हैं। एक बूस्टिंग स्टेशन के नीचे पांच गांव दिए गए हैं। इन पांच बूस्टिंग स्टेशन से प्रत्येक गांवों में बनाए गए छोटे बूस्टिंग स्टेशन पर पानी आएगा। छोटे बूस्टिंग स्टेशन से घरों में पानी जाएगी। लगभग 200 से 250 किमी घरों को जाने वाली पाइप लाइन भी बिछाई जा चुकी है।
550 किलोवाट बिजली की रहेगी जरूरत:
जनस्वास्थ्य विभाग अभियांत्रिकी ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए बिजली निगम से 550 किलोवाट बिजली की मांग कर रखी है। राजावास ट्रीटमेंट प्लांट को चलाने के लिए 350 किलोवाट बिजली की आवश्यकता होगी। जबकि 200 किलोवाट बिजली झगड़ौली पंप हाउस की जरूरत रहेगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से कई दिन पहले आवेदन किया था लेकिन अभी तक बिजली विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा छोटे बूस्टिंग स्टेशन के लिए बिजली मिल चुकी है।
प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बाकी बचे दस प्रतिशत कार्य पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगस्त माह में प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
-प्रदीप यादव, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।

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