फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   water tanks

लाखों की लागत से बनी 70 टंकियां नकारा

Thu, 04 Jun 2015 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला नारनाैल
ब्यूरो/अमर उजाला नारनाैल Updated Thu, 04 Jun 2015 12:49 AM IST
विज्ञापन

शहर के लोगों को समय पर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने 70 सार्वजनिक टंकियों का निर्माण किया। लेकिन इन टंकियों में विभाग की ओर से टैंकरों द्वारा पानी नहीं डालने से शहर में पानी की किल्लत बढ़ गई है।

विज्ञापन


हालात यह बन गए हैं कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की कमी खलने लगी है। एक साल से इन टंकियों में पानी नहीं डल रहा है। हालांकि एक बार समाजसेवी सुरेश सैनी ने इन टंकियों में पानी भरने का जिम्मा उठाया था, मगर वह भी गत वर्ष गर्मियों के मौसम में ही चल पाया। सर्दियों के मौसम में जैसे तैसे निकल गया, मगर अब फिर से तेज गर्मी पड़ने की वजह से लोगों को पानी की कमी खलने लगी है। ऐसे में लोग इन सूखी हुई टंकियों में पानी डालने की मांग उठाने लगे हैं।
विज्ञापन


शहर में पानी की कम आपूर्ति वाले या ऊंचाई वाली जगहों पर नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग लाखों रुपये के बजट से शहर के विभिन्न मोहल्लों में करीब 70 सार्वजनिक टंकियों का निर्माण कराया था। इनमें से करीब दस टंकियां डेढ़ वर्ष पूर्व ही बनी थी। एक टंकी पर करीब एक लाख रुपये की लागत आई थी। इस प्रकार 70 टंकियों पर करीब 70 लाख रुपये तक की लागत आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक वर्ष पूर्व बनी टंकियों की लागत एक लाख रुपये से अधिक थी। नगर परिषद द्वारा टंकियां बनाए जाने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग इन टंकियों में टैंकरों के माध्यम से पानी डलवाता था। जिससे करीब शहर के पांच से दस हजार लोगों को फायदा होता था तथा गर्मियों के मौसम में उन्हें पानी की दिक्कत नहीं आती थी। इन टंकियों से राहगीर भी अपनी प्यास बुझा लेते थे, वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी ये टंकियां सहारा थी। मगर अब टंकियों में पानी न डलने के कारण सब सूखा है।


करीब 100 टैंकर डलते थे रोजाना
सार्वजनिक टंकियों में पानी आपूर्ति करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने टैंकरों का ठेका छोड़ा हुआ था। ठेके के अनुसार टैंकर चालक टंकी में पानी डालकर वहां के किसी एक व्यक्ति के हस्ताक्षर करवा जनस्वास्थ्य विभाग में पर्ची जमा करा देता था। जिसके बाद ही उसको पेमेंट दी जाती थी। शहर में बनी टंकियों में किसी में एक या किसी में दो टैंकर पानी रोजाना डलता था। इस प्रकार करीब 100 टैंकर पानी के रोज टंकियों में डल रहे थे। शहर में बनी टंकियों में पानी नहीं डालने के आदेश जनस्वास्थ्य विभाग के एसई ने एक वर्ष पूर्व जारी किए थे। आदेशों के तहत कहा गया था कि शहर में पानी आपूर्ति करने वाले टैंकरों को बंद किया जाए। जिसके बाद से इन टंकियों में पानी नहीं डाला जा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed