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मंत्री विपुल गोयल के खिलाफ केस करने वाले आईएएस संदीप सिंह वीआरएस लेकर चुनावी मैदान में कूदे
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एक और आईएएस वीआरएस लेकर चुनावी मैदान में आ गए हैं। बुधवार को जनसभा के बाद आईएएस संदीप सिंह ने महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। वर्ष 2018 में बतौर संदीप सिंह कनीना के एसडीएम थे, तब उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने जन परिवाद समिति की बैठक में निलंबित किया था। पिछले विधानसभा चुनाव में महेंद्रगढ़ जिले से आईएएस से वीआरएस लेकर चुनावी मैदान में आए अभय सिंह को भाजपा ने नांगल चौधरी से प्रत्याशी बनाया था।
1995 में एचसीएस बने संदीप सिंह का वर्ष 2000 में महेंद्रगढ़ क्षेत्र में ट्रांसफर किया गया। जिसके बाद उनका महेंद्रगढ़ से जुड़ाव महेंद्रगढ़ से हुआ। पिछले दो दशक से महेंद्रगढ़ में अपना संगठन बनाकर काम कर रहे हैं। संदीप सिंह वर्ष 2018 में कनीना के एसडीएम थे तब उद्योग मंत्री विपुल गोयल नारनौल में जन परिवाद समिति की बैठक लेने आए थे। बैठक में विपुल गोयल ने संदीप सिंह के पिता के बारे में कुछ शब्द कहते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। संदीप सिंह ने विपुल गोयल के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मानहानि का केस दायर किया। इसी वर्ष आईएएस पदोन्नति के लिए भी कोर्ट का सहारा लेना पड़ा था। आईएएस बनने के बाद उन्होंने वीआरएस लेकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। उनकी सेवा के करीब दस साल बचे हुए थे। अविवाहित संदीप सिंह पिछले दो दशक से अपना वेतन घर नहीं ले जाते। संस्थाओं के जरिए उसे जनता पर ही खर्च कर रहे हैं। महेंद्रगढ़ में उन्होंने लंबे समय से अपना दफ्तर नाम से कार्यालय बनाया हुआ है। संदीप सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन मैदान में रैली कर चुनाव लड़ने का एलान किया। उन्होंने बिना नाम लिए स्थानीय नेताओं पर प्रहार किए। केंद्र तथा प्रदेश सरकार पर कोई कटाक्ष नहीं किया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अंदाज में भाषण देने वाले संदीप सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास न होने देने के लिए स्थानीय नेता जिम्मेदार हैं। यहां के नेता दिन की बजाय रात में घूम रहे हैं। अच्छे काम किए होते तो रात की बजाए दिन में प्रचार करते।
महेंद्रगढ़ जिले को भाए चुनाव लड़ने वाले अधिकारी
भाजपा ने 2014 के चुनाव आईएएस से वीआरएस लेकर आए अभय सिंह यादव को नांगल चौधरी से प्रत्याशी बनाया था। रिटायर्ड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर ओमप्रकाश यादव को नारनौल से उतारा। दोनों ही जीत हासिल कर विधायक बने। 2005 में नारनौल से पूर्व डीटीईसी राधेश्याम शर्मा चुनाव जीतकर एमएलए बने थे।
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2019 लोकसभा में दो अधिकारी बने सांसद
वर्ष 2019 के चुनाव में दो अधिकारी सांसद बने हैं । आईएएस से वीआरएस लेेकर लड़े बृजेंद्र सिंह हिसार से सांसद बने। आईआरएस सुनीता दुग्गल सिरसा से सांसद चुनी गई हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में आईएएस युद्धबीर सिंह ख्यालिया हिसार लोकसभा से आम आदमी के प्रत्याशी के तौर पर उतरे थे। चुनाव में हार गए थे।
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1995 में एचसीएस बने संदीप सिंह का वर्ष 2000 में महेंद्रगढ़ क्षेत्र में ट्रांसफर किया गया। जिसके बाद उनका महेंद्रगढ़ से जुड़ाव महेंद्रगढ़ से हुआ। पिछले दो दशक से महेंद्रगढ़ में अपना संगठन बनाकर काम कर रहे हैं। संदीप सिंह वर्ष 2018 में कनीना के एसडीएम थे तब उद्योग मंत्री विपुल गोयल नारनौल में जन परिवाद समिति की बैठक लेने आए थे। बैठक में विपुल गोयल ने संदीप सिंह के पिता के बारे में कुछ शब्द कहते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। संदीप सिंह ने विपुल गोयल के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में मानहानि का केस दायर किया। इसी वर्ष आईएएस पदोन्नति के लिए भी कोर्ट का सहारा लेना पड़ा था। आईएएस बनने के बाद उन्होंने वीआरएस लेकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। उनकी सेवा के करीब दस साल बचे हुए थे। अविवाहित संदीप सिंह पिछले दो दशक से अपना वेतन घर नहीं ले जाते। संस्थाओं के जरिए उसे जनता पर ही खर्च कर रहे हैं। महेंद्रगढ़ में उन्होंने लंबे समय से अपना दफ्तर नाम से कार्यालय बनाया हुआ है। संदीप सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन मैदान में रैली कर चुनाव लड़ने का एलान किया। उन्होंने बिना नाम लिए स्थानीय नेताओं पर प्रहार किए। केंद्र तथा प्रदेश सरकार पर कोई कटाक्ष नहीं किया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अंदाज में भाषण देने वाले संदीप सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास न होने देने के लिए स्थानीय नेता जिम्मेदार हैं। यहां के नेता दिन की बजाय रात में घूम रहे हैं। अच्छे काम किए होते तो रात की बजाए दिन में प्रचार करते।
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महेंद्रगढ़ जिले को भाए चुनाव लड़ने वाले अधिकारी
भाजपा ने 2014 के चुनाव आईएएस से वीआरएस लेकर आए अभय सिंह यादव को नांगल चौधरी से प्रत्याशी बनाया था। रिटायर्ड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर ओमप्रकाश यादव को नारनौल से उतारा। दोनों ही जीत हासिल कर विधायक बने। 2005 में नारनौल से पूर्व डीटीईसी राधेश्याम शर्मा चुनाव जीतकर एमएलए बने थे।
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2019 लोकसभा में दो अधिकारी बने सांसद
वर्ष 2019 के चुनाव में दो अधिकारी सांसद बने हैं । आईएएस से वीआरएस लेेकर लड़े बृजेंद्र सिंह हिसार से सांसद बने। आईआरएस सुनीता दुग्गल सिरसा से सांसद चुनी गई हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में आईएएस युद्धबीर सिंह ख्यालिया हिसार लोकसभा से आम आदमी के प्रत्याशी के तौर पर उतरे थे। चुनाव में हार गए थे।