{"_id":"6140d9238ebc3e61d730ea6b","slug":"villagers-angry-due-to-lack-of-education-in-school-demonstration-led-by-sarpanch-narnol-news-rtk623974814","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय प्राथमिक पाठशाला के स्टाफ सदस्यों के खिलाफ ग्रामीणों ने जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय प्राथमिक पाठशाला के स्टाफ सदस्यों के खिलाफ ग्रामीणों ने जताया रोष
विज्ञापन
खामपुरा के प्राथमिक पाठशाला के बाहर रोष जताते ग्रामीण।
- फोटो : Narnol
सीहमा। गांव खामपुरा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के शिक्षकों द्वारा बच्चों को नियमित पढ़ाई न करवाने के विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार को निवर्तमान सरपंच के नेतृत्व में स्कूल के सामने रोष प्रदर्शन किया। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की भी मांग की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ सदस्यों पर समय पर स्कूल नहीं आने का भी आरोप लगाया। खामपुरा की निवर्तमान सरपंच सुनीता देवी ने बताया कि गांव में एक स्कूल कैंपस में मिडिल व प्राइमरी स्कूल चल रहा है। मगर प्राइमरी स्कूल का स्टॉफ बच्चों को पढ़ाने की बजाय पूरा दिन टाइम पास कर चला जाता हैं। वहीं स्कूल के इंचार्ज से स्कूल की साफ-सफाई व पढ़ाई के मामले में बात की जाती है तो वह उनसे सही प्रकार से बात नहीं करता है। इससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के खंड अटेली बीईओ से बात की है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी बातों पर विचार कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस मामले पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो ग्रामीण उपायुक्त नारनौल से इस मामले में मिलेंगे। इस मौके पर महेंद्र सिंह, सत्यपाल हवलदार, अजीत, आत्माराम, सूर्य प्रकाश, इंद्रजीत, सतीश, हनुमान, गीता, पूनम, कौशल्या, बीर सिंह, कौशल्या, आलोक मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि प्राथमिक पाठशाला का स्टाफ निर्धारित समय पर नहीं आता है। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने को भी नियमित नहीं पढ़ा रहे है। ऐसे में विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर होते जा रहे है। ग्रामीणों ने पहले ही कोरोना के कारण कई माह से स्कूल बंद पड़े थे। अब सरकार ने स्कूल खोल दिए है तो स्टाफ अपना कार्य ठीक प्रकार से नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
- वर्जन
कैंपस में एक प्राइमरी स्कूल व एक मिडिल स्कूल है। परंतु कुछ लोग उन्हें कार्य नहीं करने देते है। वे प्रतिदिन समय पर स्कूल आते है। उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत है। दोनों स्कूलों में एक ही सफाई वाला है। वह भी मिडिल स्कूल में कार्य करता है।
-गजराज सिंह, इंचार्ज राजकीय प्राथमिक पाठशाला खामपुरा।
विज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ सदस्यों पर समय पर स्कूल नहीं आने का भी आरोप लगाया। खामपुरा की निवर्तमान सरपंच सुनीता देवी ने बताया कि गांव में एक स्कूल कैंपस में मिडिल व प्राइमरी स्कूल चल रहा है। मगर प्राइमरी स्कूल का स्टॉफ बच्चों को पढ़ाने की बजाय पूरा दिन टाइम पास कर चला जाता हैं। वहीं स्कूल के इंचार्ज से स्कूल की साफ-सफाई व पढ़ाई के मामले में बात की जाती है तो वह उनसे सही प्रकार से बात नहीं करता है। इससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के खंड अटेली बीईओ से बात की है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी बातों पर विचार कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस मामले पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो ग्रामीण उपायुक्त नारनौल से इस मामले में मिलेंगे। इस मौके पर महेंद्र सिंह, सत्यपाल हवलदार, अजीत, आत्माराम, सूर्य प्रकाश, इंद्रजीत, सतीश, हनुमान, गीता, पूनम, कौशल्या, बीर सिंह, कौशल्या, आलोक मौजूद रहे।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना था कि प्राथमिक पाठशाला का स्टाफ निर्धारित समय पर नहीं आता है। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने को भी नियमित नहीं पढ़ा रहे है। ऐसे में विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर होते जा रहे है। ग्रामीणों ने पहले ही कोरोना के कारण कई माह से स्कूल बंद पड़े थे। अब सरकार ने स्कूल खोल दिए है तो स्टाफ अपना कार्य ठीक प्रकार से नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
- वर्जन
कैंपस में एक प्राइमरी स्कूल व एक मिडिल स्कूल है। परंतु कुछ लोग उन्हें कार्य नहीं करने देते है। वे प्रतिदिन समय पर स्कूल आते है। उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत है। दोनों स्कूलों में एक ही सफाई वाला है। वह भी मिडिल स्कूल में कार्य करता है।
-गजराज सिंह, इंचार्ज राजकीय प्राथमिक पाठशाला खामपुरा।