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विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्री क्लर्क के घर मारा छापा
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रिश्वत लेते पकड़े गए सतनाली के नायब तहसीलदार अमित कुमार के मामले में विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्री क्लर्क को गिरफ्तार करने उसके घर पर गई लेकिन इस दौरान वह घर पर नहीं मिला। टीम ने परिजनों को नोटिस दिया और सोमवार तक पेश होने के निर्देश दिए।
विजिलेंस टीम इंचार्ज नवल किशोर शर्मा ने बताया कि आरोपी नायब तहसीलदार ने एक दिन के पुलिस रिमांड में रजिस्ट्री क्लर्क भी शामिल होने की बात उजागर की है। शुक्रवार को रजिस्ट्री क्लर्क को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर गए थे लेकिन वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद उसके परिजनों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को सोमवार को पेश होना पड़ेगा नहीं तो उसके वारंट जारी कर दिए जाएंगे। विजिलेंस टीम इंचार्ज ने बताया कि नायब तहसीलदार द्वारा 28 दिसंबर को की गई रजिस्ट्री और 18 जनवरी को की जा रही रजिस्ट्री का रिकॉर्ड भी लेने गए थे लेकिन वहां पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। अब वह रिकॉर्ड सोमवार या मंगलवार को दोबारा लेने जाएंगे।
बता दें कि सतनाली निवासी एवं अधिवक्ता बलबीर सिंह शेखवात को अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री करवानी थी। उसकी एवज में सतनाली के नायब तहसीलदार अमित कुमार ने पैसों की मांग की थी। अधिवक्ता ने 40 हजार रुपये उसको देकर एक रजिस्ट्री करवा ली थी। दूसरी रजिस्ट्री के लिए 4 जनवरी को बुलाया था और 14 हजार रुपये की मांग की थी। अधिवक्ता ने विजिलेंस को इसकी सूचना दी। इसके बाद 4 जनवरी को जब टीम ने रेड मारी तो वह पहले ही कार्यालय छोड़कर भाग गया। इसके बाद 18 जनवरी को दूसरी रजिस्ट्री के लिए बुलाया था। अधिवक्ता ने पहले ही इसकी सूचना विजिलेंस को दे दी थी। उसके बाद पूरी योजना के तहत नायब तहसीलदार अमित कुमार को 14 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एक दिन के पुलिस रिमांड में नायब तहसीलदार ने रजिस्ट्री क्लर्क का नाम भी इस मामले में उजागर किया।
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विजिलेंस टीम इंचार्ज नवल किशोर शर्मा ने बताया कि आरोपी नायब तहसीलदार ने एक दिन के पुलिस रिमांड में रजिस्ट्री क्लर्क भी शामिल होने की बात उजागर की है। शुक्रवार को रजिस्ट्री क्लर्क को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर गए थे लेकिन वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद उसके परिजनों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को सोमवार को पेश होना पड़ेगा नहीं तो उसके वारंट जारी कर दिए जाएंगे। विजिलेंस टीम इंचार्ज ने बताया कि नायब तहसीलदार द्वारा 28 दिसंबर को की गई रजिस्ट्री और 18 जनवरी को की जा रही रजिस्ट्री का रिकॉर्ड भी लेने गए थे लेकिन वहां पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। अब वह रिकॉर्ड सोमवार या मंगलवार को दोबारा लेने जाएंगे।
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बता दें कि सतनाली निवासी एवं अधिवक्ता बलबीर सिंह शेखवात को अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री करवानी थी। उसकी एवज में सतनाली के नायब तहसीलदार अमित कुमार ने पैसों की मांग की थी। अधिवक्ता ने 40 हजार रुपये उसको देकर एक रजिस्ट्री करवा ली थी। दूसरी रजिस्ट्री के लिए 4 जनवरी को बुलाया था और 14 हजार रुपये की मांग की थी। अधिवक्ता ने विजिलेंस को इसकी सूचना दी। इसके बाद 4 जनवरी को जब टीम ने रेड मारी तो वह पहले ही कार्यालय छोड़कर भाग गया। इसके बाद 18 जनवरी को दूसरी रजिस्ट्री के लिए बुलाया था। अधिवक्ता ने पहले ही इसकी सूचना विजिलेंस को दे दी थी। उसके बाद पूरी योजना के तहत नायब तहसीलदार अमित कुमार को 14 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एक दिन के पुलिस रिमांड में नायब तहसीलदार ने रजिस्ट्री क्लर्क का नाम भी इस मामले में उजागर किया।
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