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साढ़े तीन घंटे तक हुई मुसलाधार बारिश, सड़कों पर जलभराव से आवागमन में परेशानी
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फोटो नंबर 21 - सैन चौक पर भरा बारिश का पानी।
- फोटो : Narnol
नारनौल। शनिवार की शाम के बाद रविवार को दूसरे दिन साढ़े तीन घंटे तक हुई मुसलाधार बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं सड़कों पर जलभराव होने से आवागमन में परेशानी हुई। अच्छी बारिश से खेतों में भी पानी भर गया जिससे बोई गई फसल डूब गई। ऐसे में नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं।
क्षेत्र में रविवार की सुबह अचानक बादल छा गए। इसके बाद दस बजे से शुरू हुई बारिश डेढ़ बजे तक होती रही। नालियों की ठीक से सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। रेलवे के अंडरपासों में भी जलभराव होने से गांव के लोगों का शहर से संपर्क टूट गया। सड़कों पर जलभराव के चलते आवागमन करने में लोगों को परेशानी हुई। शहर के मोहल्ला जमालपुर, सैन चौक, पुरानी सराय, मोहल्ला रावका, नलापुर, पार्क गली, नगर परिषद के सामने, अनाज मंडी आदि स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। लोगों को पैदल आवागमन करने परेशानी उठानी पड़ी। वहीं अटेली क्षेत्र के गांव सलीमपुर, बौचड़िया, धनौंदा और उनिंदा के खेतों में जलभराव हो गया जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह पानी में समा गई है।
नांगल चौधरी : क्षेत्र में शनिवार रात के बाद रविवार को दोपहर बाद एक घंटे तक मुसलाधार बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। बच्चों ने बारिश में भीगकर आनंद लिया। इस बारिश से बाजरे की फसल को भी काफी फायदा मिलेगा। एक जुलाई को हुई बारिश से जलभराव होने पर उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने शहर के विभिन्न मोहल्लों का दौरा कर नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जलनिकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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मंडी अटेली : क्षेत्र में बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बारिश कारण कटौती से लोगों परेशानी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समुचित निकासी न होने के कारण गलियारों में जलभराव हो गया। जोहड़ व तालाब भी लबालब हो गए हैं। किसान इस बारिश को फसल के लिए लाभदायक बता रहे हैं।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए जलनिकासी के निर्देश
बारिश के बाद राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा किया। वहीं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर किसी भी रूप से गड्ढे न हो। संबंधित विभाग पूरी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाए। शहर में जहां भी बारिश का पानी भरा है, उसे निकलवाया जाए। कहा कि सड़कों पर बने गड्ढे दुर्घटना का कारण बनते हैं तो संबंधित विभाग के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
आंधी, बारिश से आईटीआई लैब को पहुंचा नुकसान
कनीना। आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान कस्बे में स्थित एक निजी आईटीआई के टीनशेड उड़ गए और वर्कशाप में रखी मशीनें खराब हो गई। आईटीआई के संचालक अजय ने बताया कि रविवार को हुई बारिश और आंधी के कारण आईटीआई की वर्कशाप व लैब की टीन शेड उड़ गईं जिसके कारण बहुत अधिक नुकसान हो गया। वर्कशॉप की मशीनरी, कंप्यूटर, फर्नीचर, सोलर पैनल सहित अन्य कीमती सामान भीगने से खराब हो गया। इनमें से अधिकांश उपकरण ऐसे थे जो महज पानी की एक बूंद से ही खराब हो सकते थे। टीनशेड उड़ने से भारी बारिश का पानी उपकरणों में जा घुसा, बारिश बंद होने के कारण जब उपकरणों की जांच की गई तो किसी भी उपकरण ने काम नहीं किया।
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क्षेत्र में रविवार की सुबह अचानक बादल छा गए। इसके बाद दस बजे से शुरू हुई बारिश डेढ़ बजे तक होती रही। नालियों की ठीक से सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। रेलवे के अंडरपासों में भी जलभराव होने से गांव के लोगों का शहर से संपर्क टूट गया। सड़कों पर जलभराव के चलते आवागमन करने में लोगों को परेशानी हुई। शहर के मोहल्ला जमालपुर, सैन चौक, पुरानी सराय, मोहल्ला रावका, नलापुर, पार्क गली, नगर परिषद के सामने, अनाज मंडी आदि स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। लोगों को पैदल आवागमन करने परेशानी उठानी पड़ी। वहीं अटेली क्षेत्र के गांव सलीमपुर, बौचड़िया, धनौंदा और उनिंदा के खेतों में जलभराव हो गया जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह पानी में समा गई है।
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नांगल चौधरी : क्षेत्र में शनिवार रात के बाद रविवार को दोपहर बाद एक घंटे तक मुसलाधार बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। बच्चों ने बारिश में भीगकर आनंद लिया। इस बारिश से बाजरे की फसल को भी काफी फायदा मिलेगा। एक जुलाई को हुई बारिश से जलभराव होने पर उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने शहर के विभिन्न मोहल्लों का दौरा कर नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जलनिकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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मंडी अटेली : क्षेत्र में बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बारिश कारण कटौती से लोगों परेशानी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समुचित निकासी न होने के कारण गलियारों में जलभराव हो गया। जोहड़ व तालाब भी लबालब हो गए हैं। किसान इस बारिश को फसल के लिए लाभदायक बता रहे हैं।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए जलनिकासी के निर्देश
बारिश के बाद राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा किया। वहीं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर किसी भी रूप से गड्ढे न हो। संबंधित विभाग पूरी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाए। शहर में जहां भी बारिश का पानी भरा है, उसे निकलवाया जाए। कहा कि सड़कों पर बने गड्ढे दुर्घटना का कारण बनते हैं तो संबंधित विभाग के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
आंधी, बारिश से आईटीआई लैब को पहुंचा नुकसान
कनीना। आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान कस्बे में स्थित एक निजी आईटीआई के टीनशेड उड़ गए और वर्कशाप में रखी मशीनें खराब हो गई। आईटीआई के संचालक अजय ने बताया कि रविवार को हुई बारिश और आंधी के कारण आईटीआई की वर्कशाप व लैब की टीन शेड उड़ गईं जिसके कारण बहुत अधिक नुकसान हो गया। वर्कशॉप की मशीनरी, कंप्यूटर, फर्नीचर, सोलर पैनल सहित अन्य कीमती सामान भीगने से खराब हो गया। इनमें से अधिकांश उपकरण ऐसे थे जो महज पानी की एक बूंद से ही खराब हो सकते थे। टीनशेड उड़ने से भारी बारिश का पानी उपकरणों में जा घुसा, बारिश बंद होने के कारण जब उपकरणों की जांच की गई तो किसी भी उपकरण ने काम नहीं किया।