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शहर में नहीं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
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पुरानी जेल के सामने लगा गंदगी का ढेर।
- फोटो : Narnol
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शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट न होने की वजह से नगरपालिका कर्मचारी खुले में कूड़ा डाल रहे हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दो वर्ष पहले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने के आदेश दिए थे। नारनौल में प्लांट पर काम शुरू हो चुका है लेकिन कनीना, अटेली, महेंद्रगढ़ एवं नांगल चौधरी में प्रक्रिया तक शुरू नहीं कर पाई है। एनजीटी अपने पोर्टल पर प्रत्येक तीन महीने में कूड़े संबंधित रिपोर्ट मांग रही है। बावजूद इसके सरकार एवं प्रशासन गंभीर नहीं है।
शहर के 15 वार्डों में लगभग 12899 घर हैं। इन घरों और दुकानों से 29 टन कूड़ा निकलता है। पालिका कर्मचारी घर-घर जाकर कूड़ा तो लेकर आते हैं लेकिन उस कूड़े को खुले में डाल देते हैं। इससे वायु प्रदूषित होती है तथा शहर की सुंदरता को ग्रहण भी लगता है। पालिका के पास डंपिंग के लिए कोई स्थान नहीं है। कर्मचारी पुरानी जेल के सामने, धोलपोश गोशाला के पास तथा देवास रोड पर खुले जंगल में कूड़ा डाल देते हैं। आंधी आने पर यह कूड़ा बिखर जाता है। कूड़े में इतनी बदबू निकलती है कि लोगों को मुंह पर हाथ रखकर गुजरना पड़ता है।
बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाने के बाद यह कूड़ा ही सोने का रूप ले लेगा। जिससे नगरपालिका को प्रति वर्ष लाखों रुपये की आय होगी। निस्तारण के बाद कूड़े से निकलने वाले प्लास्टिक, लोहा, रोडे तथा अन्य वेस्ट अलग होकर बेचे जा सकेंगे। आज शहर में इधर-उधर पड़ा कूड़ा ही पालिका की आय का साधन बन जाएगा।
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बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के प्रति वर्ष होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में अलग से नंबर मिलते हैं। ये नंबर स्वच्छता रैंकिंग में काफी प्रभाव डालते हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं होने की वजह से शहर स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ गया। 2020-21 में महेंद्रगढ़ शहर की स्वच्छता रैंकिंग प्रदेश और जोनल स्तर पर फिसड्डी रही थी।
हमने भी टेंडर लगाए थे लेकिन टेंडर के दौरान कोई पहुंचा नहीं था। हमने मुश्किल से नारनौल के लिए किया। पहले अटेली, कनीना, महेंद्रगढ़ एवं नांगल चौधरी को नारनौल से ही जोड़ने का प्रयास था लेकिन महेंद्रगढ़ में नारनौल से ज्यादा कूड़ा निकलता है। इसके लिए हम जल्द ही अलग से प्लांट लगाएंगे। इसकी प्रक्रिया चंडीगढ़ से शुरू होगी। अभी अटेली नगरपालिका में कुछ वार्डों में उप चुनाव होने हैं। इसके बाद हम महेंद्रगढ़ वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
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शहर के 15 वार्डों में लगभग 12899 घर हैं। इन घरों और दुकानों से 29 टन कूड़ा निकलता है। पालिका कर्मचारी घर-घर जाकर कूड़ा तो लेकर आते हैं लेकिन उस कूड़े को खुले में डाल देते हैं। इससे वायु प्रदूषित होती है तथा शहर की सुंदरता को ग्रहण भी लगता है। पालिका के पास डंपिंग के लिए कोई स्थान नहीं है। कर्मचारी पुरानी जेल के सामने, धोलपोश गोशाला के पास तथा देवास रोड पर खुले जंगल में कूड़ा डाल देते हैं। आंधी आने पर यह कूड़ा बिखर जाता है। कूड़े में इतनी बदबू निकलती है कि लोगों को मुंह पर हाथ रखकर गुजरना पड़ता है।
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बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाने के बाद यह कूड़ा ही सोने का रूप ले लेगा। जिससे नगरपालिका को प्रति वर्ष लाखों रुपये की आय होगी। निस्तारण के बाद कूड़े से निकलने वाले प्लास्टिक, लोहा, रोडे तथा अन्य वेस्ट अलग होकर बेचे जा सकेंगे। आज शहर में इधर-उधर पड़ा कूड़ा ही पालिका की आय का साधन बन जाएगा।
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बता दें कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के प्रति वर्ष होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में अलग से नंबर मिलते हैं। ये नंबर स्वच्छता रैंकिंग में काफी प्रभाव डालते हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं होने की वजह से शहर स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ गया। 2020-21 में महेंद्रगढ़ शहर की स्वच्छता रैंकिंग प्रदेश और जोनल स्तर पर फिसड्डी रही थी।
हमने भी टेंडर लगाए थे लेकिन टेंडर के दौरान कोई पहुंचा नहीं था। हमने मुश्किल से नारनौल के लिए किया। पहले अटेली, कनीना, महेंद्रगढ़ एवं नांगल चौधरी को नारनौल से ही जोड़ने का प्रयास था लेकिन महेंद्रगढ़ में नारनौल से ज्यादा कूड़ा निकलता है। इसके लिए हम जल्द ही अलग से प्लांट लगाएंगे। इसकी प्रक्रिया चंडीगढ़ से शुरू होगी। अभी अटेली नगरपालिका में कुछ वार्डों में उप चुनाव होने हैं। इसके बाद हम महेंद्रगढ़ वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।