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कृषि भूमि की ड्रोन इमेजिंग का दूसरा चरण होगा शुरू
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नारनौल। प्रदेश में भूमि पहचान परियोजना के तहत कृषि भूमि की ड्रोन इमेजिंग का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इस काम के लिए प्रत्येक जिले में दो ड्रोन फ्लाइंग टीम कार्य करेंगी। मैपिंग का काम भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से किया जाएगा। इसमें जिला के अधिकारी स्थानीय स्तर पर टीम के साथ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं। यह निर्देश राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये स्वामित्व योजना के संबंध में राज्य के सभी उपायुक्तों के साथ हुई बैठक में दिए।
महेंद्रगढ़ जिला की तरफ से अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने स्वामित्व योजना के तहत अब तक हुए कार्य की प्रगति रिपोर्ट दी। पीके दास ने कहा कि प्रदेश ने गांवों की लाल डोरा ड्रोन मैपिंग का काम पूरा कर लिया है। अब राजस्व संपदा (कृषि भूमि) की मैपिंग का दूसरे फेज का काम भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इससे पहले स्वामित्व स्कीम के तहत लाल डोरा के अंदर आने वाली जमीन की डीड तैयार कर ली जाएं। जिस जमीन पर दावा व आपत्तियों का निपटारा हो चुका है उनके कागजात पहले तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि लाल डोरा मुक्त गांव की संपत्ति को विशेष पहचान मिलेगी। अब इस अचल संपत्ति पर बैंक द्वारा ऋण भी स्वीकृत किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को अपनी संपत्ति बेचने और खरीदने का अधिकार भी मिल गया है।
एसीएस ने कहा कि अब खेती की जमीन की ड्रोन इमेजिंग की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में 2 टीमें कार्य करेंगी। एक टीम एक दिन में कम से कम 4 से 5 किलोमीटर के क्षेत्र का नक्शा तैयार करेगी। यह कार्य डिजिटल मसावी के अनुसार पूरा किया जाएगा। सभी जिलों में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्य की हर रोज रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्वामित्व स्कीम के अलावा भी राजस्व विभाग से जुड़े कई मामलों के संबंध में बारी-बारी से सभी जिलों की रिपोर्ट ली। बैठक में एसडीएम नारनौल मनोज कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार तथा डीडीपीओ ओमप्रकाश के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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महेंद्रगढ़ जिला की तरफ से अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने स्वामित्व योजना के तहत अब तक हुए कार्य की प्रगति रिपोर्ट दी। पीके दास ने कहा कि प्रदेश ने गांवों की लाल डोरा ड्रोन मैपिंग का काम पूरा कर लिया है। अब राजस्व संपदा (कृषि भूमि) की मैपिंग का दूसरे फेज का काम भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इससे पहले स्वामित्व स्कीम के तहत लाल डोरा के अंदर आने वाली जमीन की डीड तैयार कर ली जाएं। जिस जमीन पर दावा व आपत्तियों का निपटारा हो चुका है उनके कागजात पहले तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि लाल डोरा मुक्त गांव की संपत्ति को विशेष पहचान मिलेगी। अब इस अचल संपत्ति पर बैंक द्वारा ऋण भी स्वीकृत किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को अपनी संपत्ति बेचने और खरीदने का अधिकार भी मिल गया है।
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एसीएस ने कहा कि अब खेती की जमीन की ड्रोन इमेजिंग की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में 2 टीमें कार्य करेंगी। एक टीम एक दिन में कम से कम 4 से 5 किलोमीटर के क्षेत्र का नक्शा तैयार करेगी। यह कार्य डिजिटल मसावी के अनुसार पूरा किया जाएगा। सभी जिलों में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्य की हर रोज रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्वामित्व स्कीम के अलावा भी राजस्व विभाग से जुड़े कई मामलों के संबंध में बारी-बारी से सभी जिलों की रिपोर्ट ली। बैठक में एसडीएम नारनौल मनोज कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार तथा डीडीपीओ ओमप्रकाश के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।