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बारिश ने सफाई व्यवस्था की खोली पोल, सड़कें बनीं तालाब
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नारनौल। क्षेत्र में शुक्रवार को दो बजे तक हुई 43.2 एमएम बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। दो दिनों से क्षेत्र में इतना पानी बरसा की शहर की सड़कें ताल-तलैया बन गईं। कई गली-मोहल्लों में पानी घुटनों से भी ऊपर आ गया। सीवरेज तथा नाले ओवरफ्लो हो गए हैं। इससे लोगों का गली मोहल्लों से निकलना दूभर हो गया है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने सैन चौक, श्यामकुंज, पुरानी सराय, जमालपुर, पार्क गली, मोहल्ला राव का, अनाज मंडी आदि स्थानों का जायजा लिया। इन सभी स्थानों पर जलभराव था। मोहल्ला जमालपुरा तथा सैन चौक पर घुटनों से ऊपर पानी था। वाहन बीच में ही बंद हो जा रहे थे। लोगों को पैदल जाने में भी परेशानी हो रही थी। शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने शहर के विभिन्न स्थानों पर जलभराव का जायजा लिया। नगर परिषद के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था ठीक कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को हुई बारिश से शहर की सड़कों ने ताल-तलैया का रूप ले लिया। कई स्थानों पर पानी घुटने से ऊपर होने की वजह से आने जाने का रास्ता ही बंद हो गया। सोमवार को स्कूल खुले होने की वजह से बच्चों एवं परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव होने की वजह से परिजनों को डर था कि कहीं उनके नन्हें पानी में न डूब जाएं। इस वजह से परिजन बच्चों को बाइक तथा अन्य गाड़ी से लेकर घर गए। वहीं उपायुक्त जयकृष्ण आभीर ने शुक्रवार को शहर नारनौल में दौरा करके जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ नगर परिषद के एमई अंकित वशिष्ठ थे। उपायुक्त ने 2 घंटे के दौरे के दौरान अधिकारियों को जल निकासी के निर्देश दिए। राव का मोहल्ला में उन्होंने घरों के सामने बंद नालियों को खुलवाने के निर्देश दिए। यहां पर लोगों ने नालियों पर कब्जा करके अवैध तरीके से सीमेंट से भरा हुआ है। इस पर अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी नालियों को खुलवाया जाए। इसके अलावा उन्होंने पुलिस लाइन, नलापुर, अनाज मंडी तथा तालाब बहादुर सिंह का भी निरीक्षण किया। यहां पर भी उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे नालियों में गंदगी न फेंके। अपनी-अपनी नालियों को दुरुस्त रखें। कुछ जगह पर उन्होंने नालियों को जेसीबी से तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने महेंद्रगढ़ रोड स्थित आईटीआई का निरीक्षण किया। यहां पर सभी रिचार्ज बोर को ठीक कराने तथा सफाई कराने के निर्देश दिए। एक रिचार्ज बोर पर ढलान सही तरीके से नहीं था। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि इस पर अच्छी प्रकार से ढलान किया जाए, ताकि पूरा पानी बोरवेल में जाए।
इंसेट
पांच जुलाई से सक्रिय होगा मानसून
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक जुलाई को मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। 3 व 4 जुलाई के बीच बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बारिश होने की उम्मीद है। 5 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय सरकुलेशन बनने से उत्तर भारत पर मौजूद मानसूनी ट्रफ फिर से सक्रिय होना शुरू होगी। जिसके चलते 5 जुलाई से 10 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 10 जुलाई के बाद भी मानसून संपूर्ण उत्तर भारत व मध्य भारत में सक्रिय रहने की संभावनाएं बन रही हैं। शुक्रवार को नारनौल 43.2, महेंद्रगढ़ 23.3, पाली 15.5, अटेली 9, कनीना 14, सतनाली 12.5, नांगल चौधरी 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 28 और 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान क्रमश: 24.5 और 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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बाक्स:
नालों की सफाई के लिए साढ़े पांच लाख के टेंडर लगाए थे
बता दें कि नगर परिषद की ओर से मानसून को लेकर शहर के नालों की सफाई के लिए लगभग साढ़े पांच लाख रुपये के टेंडर लगाए थे। टेंडर देरी से लगाए जाने की वजह से शहर के सभी नालों की सफाई नहीं हो पाई है। नालों की सफाई लगभग मानसून से एक महीने पहले शुरू हो जाती है, लेकिन नगर परिषद की ओर से 15 दिन पहले नालों की सफाई शुरू कराई गई है।
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शुक्रवार को हुई बारिश से शहर की सड़कों ने ताल-तलैया का रूप ले लिया। कई स्थानों पर पानी घुटने से ऊपर होने की वजह से आने जाने का रास्ता ही बंद हो गया। सोमवार को स्कूल खुले होने की वजह से बच्चों एवं परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव होने की वजह से परिजनों को डर था कि कहीं उनके नन्हें पानी में न डूब जाएं। इस वजह से परिजन बच्चों को बाइक तथा अन्य गाड़ी से लेकर घर गए। वहीं उपायुक्त जयकृष्ण आभीर ने शुक्रवार को शहर नारनौल में दौरा करके जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ नगर परिषद के एमई अंकित वशिष्ठ थे। उपायुक्त ने 2 घंटे के दौरे के दौरान अधिकारियों को जल निकासी के निर्देश दिए। राव का मोहल्ला में उन्होंने घरों के सामने बंद नालियों को खुलवाने के निर्देश दिए। यहां पर लोगों ने नालियों पर कब्जा करके अवैध तरीके से सीमेंट से भरा हुआ है। इस पर अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी नालियों को खुलवाया जाए। इसके अलावा उन्होंने पुलिस लाइन, नलापुर, अनाज मंडी तथा तालाब बहादुर सिंह का भी निरीक्षण किया। यहां पर भी उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे नालियों में गंदगी न फेंके। अपनी-अपनी नालियों को दुरुस्त रखें। कुछ जगह पर उन्होंने नालियों को जेसीबी से तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने महेंद्रगढ़ रोड स्थित आईटीआई का निरीक्षण किया। यहां पर सभी रिचार्ज बोर को ठीक कराने तथा सफाई कराने के निर्देश दिए। एक रिचार्ज बोर पर ढलान सही तरीके से नहीं था। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि इस पर अच्छी प्रकार से ढलान किया जाए, ताकि पूरा पानी बोरवेल में जाए।
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पांच जुलाई से सक्रिय होगा मानसून
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक जुलाई को मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। 3 व 4 जुलाई के बीच बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बारिश होने की उम्मीद है। 5 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय सरकुलेशन बनने से उत्तर भारत पर मौजूद मानसूनी ट्रफ फिर से सक्रिय होना शुरू होगी। जिसके चलते 5 जुलाई से 10 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 10 जुलाई के बाद भी मानसून संपूर्ण उत्तर भारत व मध्य भारत में सक्रिय रहने की संभावनाएं बन रही हैं। शुक्रवार को नारनौल 43.2, महेंद्रगढ़ 23.3, पाली 15.5, अटेली 9, कनीना 14, सतनाली 12.5, नांगल चौधरी 8 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 28 और 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान क्रमश: 24.5 और 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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नालों की सफाई के लिए साढ़े पांच लाख के टेंडर लगाए थे
बता दें कि नगर परिषद की ओर से मानसून को लेकर शहर के नालों की सफाई के लिए लगभग साढ़े पांच लाख रुपये के टेंडर लगाए थे। टेंडर देरी से लगाए जाने की वजह से शहर के सभी नालों की सफाई नहीं हो पाई है। नालों की सफाई लगभग मानसून से एक महीने पहले शुरू हो जाती है, लेकिन नगर परिषद की ओर से 15 दिन पहले नालों की सफाई शुरू कराई गई है।