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20 वर्ष में दोगुना हुई कस्बे की आबादी, सुविधाओं का टोटा

Mon, 06 Dec 2021 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 11:21 PM IST
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The population of the town doubled in 20 years, lack of facilities
अटेली का जर्जर उप खजाना कार्यालय। संवाद - फोटो : Narnol
20 वर्षों में कस्बे की आबादी अवश्य दोगुनी हो गई है। लेकिन मूलभूत सुविधाएं का टोटा आज भी बना हुआ है। इन समस्याओं को क्षेत्रवासी सरकार व प्रशासन के समक्ष समय-समय पर उठाते रहते हैं पर परिणाम ढाक के तीन पात साबित हो रहे हैं। पिछले 20 वर्षों में कस्बे को तहसील का दर्जा मिला है। कस्बा 11 वार्डों में बंटा हुआ है, जिसमें 5480 मतदाता है। आंकड़ों के अनुसार 2001 की जनगणना के मुताबिक यहां की जनसंख्या 7619 थीं जो 2011 में बढ़कर 9300 हो गई। अब यह आंकड़ा 14 हजार के करीब पहुंच रहा है। दो दशक के अंतराल में जनसंख्या दोगुनी हुई, लेकिन विकास उस स्तर पर नहीं हुआ, जितना होना चाहिए। चाहे कोई भी सरकार रही हो क्षेत्र का विकास का पहिया धीरे ही चलता रहा है।
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अस्पताल का भवन बना, आधुनिक जांच मशीनों से आज भी वंचित
आपको बता दें की 2008 में अटेली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सामान्य अस्पताल का दर्जा दिया गया था। सरकार की ओर से तीन मंजिला भवन तो बनवा दिया गया, लेकिन यहां चिकित्सक प्राथमिक उपचार देकर रोगियों को रेफर करने तक ही सीमित रह गई हैं क्योंकि अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे व लैब में संपूर्ण जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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सफाई व्यवस्था का है बुरा हाल
कस्बे की साफ-सफाई पर नजर डालें तो 25 सफाईकर्मी तैनात हैं। लेकिन पूरे कस्बे में मात्र 8 कूड़ा पात्र हैं। जन सुविधाओं की ओर से झंडा चौक पर शौचालय का निर्माण किया हुआ है। इसके अलावा कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जिसको लेकर आम नागरिक बेहद परेशानी से जूझते रहे हैं। 2 वर्ष पहले सार्वजनिक स्थानों को लेकर नपा प्रशासन ने मोबाइल शौचालय रखवाए थे, लेकिन वह भी कुछ समय के बाद से नदारद है।
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परिवहन व्यवस्था भी नहीं दुरुस्त
अटेली कस्बा की गाथा अजीबोगरीब हालात की बनी हुई है की 1997 में लाखों रुपये की लागत से सरकार ने बस स्टैंड का निर्माण करवाया था, ताकि यात्रियों को समय अनुसार बस सुविधाएं उपलब्ध हो सके। लेकिन बस स्टैंड की हालत आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लगभग 3 एकड़ में बने बस स्टैंड पर साफ सफाई पूर्णरूप से चरमराई हुई है। शौचालय की हालात दयनीय बनी हुई है इमारत जर्जर हो चुकी मुख्य द्वार से अंदर तक पानी का जमावड़ा रहता है। जिसको लेकर यात्रियों को भारी परेशानी से गुजारना पड़ रहा है। बस स्टैंड परिसर में का फर्स बिल्कुल दयनीय हालत में है जिस पर बसों को घुमाते समय धूल के गुबारे उठते है।
तीन वर्ष बाद भी नहीं बनी सब्जी मंडी
सरकार के विकास कार्य कितनी तेजी से हो रहे हैं। इसका अंदाजा अटेली अनाज मंडी में सहज ही देखने को मिल रहा है जहां 3 वर्ष पूर्व सब्जी मंडी के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था। लेकिन अभी तक सब्जी मंडी का कोई नाम निशान के लिए कार्य नहीं किया गया है मात्र शिलान्यास का ही पट दिखाई देता है।

बस स्टैंड की समस्या को विधानसभा में भी उठाया गया है। जिसके लिए प्रयास जारी है। जहां तक उप तहसील कार्यालय के भवन की बात है वह 2021 की जनगणना के बाद मांग रखी गई है की अटेली को उपमंडल का दर्जा दिया जाए। जिसके बाद सभी सरकारी कार्यालय एक ही सचिवालय के रूप में स्थापित हो जाएंगे। क्षेत्र के विकास के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। सीताराम यादव, विधायक, मंडी अटेली।
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