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Mahendragarh-Narnaul News: आज शुरू होगी 23वीं शहीद स्मारक यात्रा
Sun, 22 Mar 2026 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:55 PM IST
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फोटो संख्या:53-=मदन मोहन कौशिक -स्रोत- स्वयं
कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के अंग्रेजी प्रवक्ता ग्राम झगड़ोली निवासी मदन मोहन कौशिक 23 मार्च को सुबह पांच बजे अपनी 23वीं शहीद स्मारक यात्रा का शुरू करेंगे। यह यात्रा महेंद्रगढ़ के राव तुलाराम चौक से शुरू होकर पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला भारत-पाक सीमा पर पहुंचेगी, जहां वे शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके साथ ही वे सीमा सुरक्षा बल की परेड का अवलोकन करेंगे। मदन मोहन कौशिक की यह यात्रा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं है बल्कि देशभक्ति, इतिहास व सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास भी है।
लगभग 3200 किलोमीटर लंबी यह यात्रा हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान व मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान वे अनेक प्रमुख शहीद स्मारकों, ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
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इनमें हुसैनीवाला राष्ट्रीय शहीद स्मारक, बीकानेर का जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, जैसलमेर किला, थार मरुस्थल, भारत-पाक सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर, कच्छ के नमक के मैदान, अहमदाबाद का साबरमती आश्रम, करमसद में सरदार पटेल का पैतृक गांव, बड़ोदरा स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी, मध्य प्रदेश के भावरा गांव में चंद्रशेखर आजाद स्मारक, उज्जैन का महाकाल मंदिर, चित्तौड़गढ़ किला, हल्दीघाटी व अजमेर में पृथ्वीराज चौहान स्मारक शामिल हैं।
मदन मोहन कौशिक इससे पहले भी देश के 85 से अधिक शहीद स्मारकों का भ्रमण कर चुके हैं। वे तीन बार लेह-लद्दाख और कारगिल क्षेत्र की यात्रा कर चुके हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रों खारदूंगला, तंगलांगला, बारालाचा ला, चांगला व नमिकला को भी अपनी स्प्लेंडर बाइक से पार कर चुके हैं।
इसके अलावा वे देश के 527 जिलों का भ्रमण भी कर चुके हैं। उनकी यह निरंतर यात्राएं युवाओं में देशभक्ति, त्याग और बलिदान की भावना को जागृत करने का सशक्त माध्यम बन रही हैं।
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इसके साथ ही वे सीमा सुरक्षा बल की परेड का अवलोकन करेंगे। मदन मोहन कौशिक की यह यात्रा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं है बल्कि देशभक्ति, इतिहास व सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास भी है।
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लगभग 3200 किलोमीटर लंबी यह यात्रा हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान व मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान वे अनेक प्रमुख शहीद स्मारकों, ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
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इनमें हुसैनीवाला राष्ट्रीय शहीद स्मारक, बीकानेर का जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, जैसलमेर किला, थार मरुस्थल, भारत-पाक सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर, कच्छ के नमक के मैदान, अहमदाबाद का साबरमती आश्रम, करमसद में सरदार पटेल का पैतृक गांव, बड़ोदरा स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी, मध्य प्रदेश के भावरा गांव में चंद्रशेखर आजाद स्मारक, उज्जैन का महाकाल मंदिर, चित्तौड़गढ़ किला, हल्दीघाटी व अजमेर में पृथ्वीराज चौहान स्मारक शामिल हैं।
मदन मोहन कौशिक इससे पहले भी देश के 85 से अधिक शहीद स्मारकों का भ्रमण कर चुके हैं। वे तीन बार लेह-लद्दाख और कारगिल क्षेत्र की यात्रा कर चुके हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रों खारदूंगला, तंगलांगला, बारालाचा ला, चांगला व नमिकला को भी अपनी स्प्लेंडर बाइक से पार कर चुके हैं।
इसके अलावा वे देश के 527 जिलों का भ्रमण भी कर चुके हैं। उनकी यह निरंतर यात्राएं युवाओं में देशभक्ति, त्याग और बलिदान की भावना को जागृत करने का सशक्त माध्यम बन रही हैं।