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Mahendragarh-Narnaul News: जिंदगी की उलझनों में फंसा मन, 10% लोगों ने सोचा अंत का रास्ता
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फोटो नंबर-03नारनौल का नागरिक अस्पताल।
नारनौल। भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ती परेशानियों के बीच मानसिक तनाव लोगों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। नागरिक अस्पताल में जून से अगस्त तक 271 मरीज तनाव की शिकायत लेकर पहुंचे। इनमें करीब 10 प्रतिशत मरीजों ने आत्महत्या के विचार आने की बात बताई।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, जून में 118, जुलाई में 82 और अगस्त में 71 मरीज इलाज के लिए आए। मनोचिकित्सकों के मुताबिक इनमें संबंध टूटने के बाद तनाव में आए युवा, आर्थिक परेशानी से जूझ रहे लोग और बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित मरीज शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव के साथ धैर्य की कमी और गंभीर बना रही है। किशोरों और शिक्षित वर्ग में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
इसी वर्ष अप्रैल में कम अंक आने से परेशान 10वीं की छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। 2025 में भी अटेली की एक छात्रा ने नीट परीक्षा के अंकों को लेकर आत्मघाती कदम उठाया था। संवाद
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अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, जून में 118, जुलाई में 82 और अगस्त में 71 मरीज इलाज के लिए आए। मनोचिकित्सकों के मुताबिक इनमें संबंध टूटने के बाद तनाव में आए युवा, आर्थिक परेशानी से जूझ रहे लोग और बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित मरीज शामिल हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव के साथ धैर्य की कमी और गंभीर बना रही है। किशोरों और शिक्षित वर्ग में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
इसी वर्ष अप्रैल में कम अंक आने से परेशान 10वीं की छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। 2025 में भी अटेली की एक छात्रा ने नीट परीक्षा के अंकों को लेकर आत्मघाती कदम उठाया था। संवाद
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