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वेतन की मांग लेकर हड़ताल पर बैठे नपा के अस्थायी कर्मचारी

Tue, 27 Jul 2021 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 12:15 AM IST
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Temporary employees of NAPA sitting on strike demanding salary
मोहल्ला सैनीपुरा में पड़ा कूड़ा। संवाद - फोटो : Narnol
नगरपालिका के 30 अस्थायी कर्मचारियों को सात महीने से वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल पर बैठ गए हैं। इनमें से 15 कर्मचारी पार्क के तथा 15 कर्मचारी कूड़ा कलेक्शन गाड़ियों के ड्राइवर हैं। सचिव से लेकर एसडीएम तक वो वेतन दिलाए जाने के लिए गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें वेतन नहीं मिल पा रहा। मजबूरी में उन्होंने हड़ताल पर बैठने का फैसला लिया है। शहर में कूड़ा कलेक्शन गाड़ियां नहीं जाने से शहर में कूड़े ढ़ेर लगे रहे। उनको उठाने वाला कोई वाहन नहीं गया। इससे आसपास के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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अस्थायी कर्मचारियों ने बताया कि उनको जनवरी माह से वेतन नहीं मिल रहा। सात महीने का वेतन नहीं मिलने से उन्होंने सोमवार से काम करना बंद कर दिया है। टैंपों और ट्रैक्टर ड्राइवर कूड़ा कलेक्शन के लिए शहर में नहीं जाएंगे। पार्क के कर्मचारी पार्क की सफाई तथा देखरेख नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि बिना वेतन के उनको घर चलाना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों ने उधार में सामान देना बंद कर दिया है। पड़ोसियों के बच्चे स्कूल जा रहे हैं बिना एडमिशन करवाए उनके बच्चे घर पर बैठे हैं। सचिव एवं एसडीएम दोनों से 15 दिन पहले मिले थे तो उन्होंने जल्द वेेतन दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक उनको वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में उनको बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। इसलिए मजबूरी में उन्होंने हड़ताल पर बैठने का फैसला लिया है। इस मौके पर राजकुमार, भूपेंद्र, मुकेश, दीपक, रामकुमार, प्रीतम, खुशविंद्र, रमेश, छोटे लाल, रामनिवास रोशन, श्यामसुंदर, मुकेश कुमार, पवन, सुंदर, रामानंद, सत्यपाल, शारदा, रीता, रोहताश, विशाल, सुुभाष, महाबीर, भाना, लीलू, अजंता उपस्थित रहे।
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बाजारों में लगे रहे कूड़े के ढेर
कूड़ा कलेक्शन टैंपों एवं ट्रैक्टर चालक हड़ताल पर जाने से बाजारों और गली मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे रहे। सफाई कर्मचारियों ने बाजारों में सफाई तो की लेकिन कूड़ों का उठान नहीं हुआ। कूड़े के ढेर वहीं पर लगे रहे। ऐसे में आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। पालिका के पास 7 टैंपो, 3 बड़े ट्रैक्टर, चार ऊंट गाड़ियां हैं जो प्रतिदिन शहर के 15 वार्डों में 12 हजार घरों से कूड़ा कलेक्शन करके लाते हैं। इसके अलावा बाजार से भी कूड़े का उठान करते हैं।
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इस वजह से नहीं मिल पाया वेतन
सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि 31 दिसंबर 2020 को टेंडर पूरा हो गया था। इसके बाद तीन महीने तक कोई एमई का पद खाली रहा। एमई ही टेंडर लगाता है। एमई आने के बाद दो महीने लॉकडाउन लग गया जिसकी वजह टेंडर नहीं हो पाए। 1 जून को टेंडर लगे थे। एक महीना इसकी प्रॉसेस में लग गया। इस वजह से देरी हो गई थी।
वर्जन:
हमारे कुछ कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे लेकिन हमने सोमवार को उनको समझा दिया है और वो मान भी गए हैं। जल्द ही उनको वेतन दे दिया जाएगा।
- प्रदीप कुमार, सचिव, नगरपालिका।

नगरपालिका महेंद्रगढ़ में वेतन नहीं मिलने पर रोष जताते कर्मचारी। संवाद

नगरपालिका महेंद्रगढ़ में वेतन नहीं मिलने पर रोष जताते कर्मचारी। संवाद- फोटो : Narnol

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