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Mahendragarh-Narnaul News: बचपन से ही बच्चों को अच्छी आदतें सिखाएं अभिभावक
Wed, 12 Feb 2025 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 12 Feb 2025 01:02 AM IST
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फोटो नंबर-05छात्रों को नैतिक मूल्यों की जानकारी देते विपिन शर्मा। स्रोत-प्रशासन
नारनौल। शहर की पुरानी मंडी में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस मौके पर पूर्व जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन कुमार शर्मा ने बच्चों को किस व्यक्ति से किस तरह बात करनी चाहिए, जरूर सिखाया जाए।
वहीं बड़े, छोटे या अन्य लोगों से बात करते समय आवाज कितनी होनी चाहिए। शालीनता से किसी भी व्यक्ति से बात कैसे की जाती है। इसके बारे में बच्चों को सिखाना चाहिए। बचपन से ही बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने से व्यक्तित्व विकास होता है। ये अच्छी बातें आगे चलकर उनके जीवन में अच्छा प्रभाव छोड़ती है। बच्चों को बचपन से ही ऐसी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए, जिससे वे बड़ों का आदर करें। बच्चों में बड़ों के प्रति आदर और छोटों के प्रति प्रेम के भाव जरूर सिखाना चाहिए। बच्चों को अपने बड़े लोगों से मिलने पर उनका अभिवादन करना जरूर सिखाएं। बच्चों को बड़े लोगों से मिलने पर नमस्ते, गुड मॉर्निंग जैसे शब्दों से अभिवादन करना सिखाएं। बच्चों में आम शिष्टाचार के रूप में उन्हें प्लीज और थैंक्यू कहना जरूर सिखाना चाहिए।
बच्चों को बचपन से ही पानी बचाना, स्वस्थ रहना, सफाई, पौधा रोपण, पर्यावरण आदि के बारे में अवगत करवाना चाहिए। इस अवसर पर सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि फास्ट फूड पिज्जा, बर्गर, कुरकुरे, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स आदि बच्चों को कम से कम दें। इसकी बजाए बच्चों को दुध, दही व फलों का रस दें ताकि बच्चों का अच्छा स्वास्थ्य बन पाएं।
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वहीं बड़े, छोटे या अन्य लोगों से बात करते समय आवाज कितनी होनी चाहिए। शालीनता से किसी भी व्यक्ति से बात कैसे की जाती है। इसके बारे में बच्चों को सिखाना चाहिए। बचपन से ही बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने से व्यक्तित्व विकास होता है। ये अच्छी बातें आगे चलकर उनके जीवन में अच्छा प्रभाव छोड़ती है। बच्चों को बचपन से ही ऐसी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए, जिससे वे बड़ों का आदर करें। बच्चों में बड़ों के प्रति आदर और छोटों के प्रति प्रेम के भाव जरूर सिखाना चाहिए। बच्चों को अपने बड़े लोगों से मिलने पर उनका अभिवादन करना जरूर सिखाएं। बच्चों को बड़े लोगों से मिलने पर नमस्ते, गुड मॉर्निंग जैसे शब्दों से अभिवादन करना सिखाएं। बच्चों में आम शिष्टाचार के रूप में उन्हें प्लीज और थैंक्यू कहना जरूर सिखाना चाहिए।
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बच्चों को बचपन से ही पानी बचाना, स्वस्थ रहना, सफाई, पौधा रोपण, पर्यावरण आदि के बारे में अवगत करवाना चाहिए। इस अवसर पर सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि फास्ट फूड पिज्जा, बर्गर, कुरकुरे, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स आदि बच्चों को कम से कम दें। इसकी बजाए बच्चों को दुध, दही व फलों का रस दें ताकि बच्चों का अच्छा स्वास्थ्य बन पाएं।
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