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बहन ने भाई को किडनी देकर दिया जीवन

Mon, 23 Aug 2021 11:35 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 11:35 PM IST
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Sister Gave life to brother by seeking kidney
निजी अस्पताल में अपने भाई भूप सिंह को तिलक लगाती बहन गुड्डी देवी। - फोटो : Narnol
रक्षाबंधन पर हमेशा भाई बहन की रक्षा करने का संकल्प लेता है, लेकिन आज बहनें किसी से कम नहीं हैं वो भी भाई की रक्षा करने में सक्षम हैं। ऐसा ही कर दिखाया है गांव खुडाना की बेटी गुड्डी देवी ने।
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रक्षाबंधन से तीन दिन पहले बड़ी बहन ने भाई को किडनी देकर उसको जीवन का आशीर्वाद दिया है। तीन महीने पहले एक भाई को कोरोना की वजह से खो दिया था अब छोटे भाई को नहीं खोना चाहती थी। मां ने कहा कि बेटी पर उसे गर्व है, जिसने भाई को राखी की जगह किडनी देकर उसकी जान बचाई।
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गुड्डी देवी (51) गांव खुडाना की बेटी है और डाडा फतेहपुरा, खेतड़ी जिला (झुंझुनू) राजस्थान उसका ससुराल है। तीन महीने पहले सुंदर सिंह (48) निवासी गांव खुडाना की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। सभी जगह उसका इलाज करवाया गया लेकिन तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। कुछ दिन पहले ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल में जांच करवाई तो चिकित्सकों ने उसकी दोनों किडनी फेल बता दी और किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपाय बताया। परिवार में किसी की किडनी मैच नहीं हुई। परिवार सभी उम्मीदें छोड़ चुका था। पत्नी एवं मां के आंसू नहीं सूख रहे थे। ऐसे में सुंदर की बड़ी बहन गुड्डी देवी को पता चला तो भाई को अपनी किडनी देने का फैसला लिया। बहन की किडनी मैच करवाई तो हो गई। उसने भाई को अपनी किडनी देने का फैसला कर लिया। 19 अगस्त को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉ. संदीप गुलेरिया ने छह घंटे में किडनी का सफल प्रत्यारोपण किया। सुंदर सिंह अभी आईसीयू वार्ड में है जबकि बहन गुड्डी को सामान्य वार्ड में रखा गया है।
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गुड्डी देवी ने फोन पर बातचीत में बताया कि सात भाई बहनों में सुंदर सबसे छोटा है और वह बहनों में सबसे छोटी है। तीन महीने पहले आर्मी में तैनात उसके बड़े भाई की कोरोना से मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद ही चिकित्सकों ने छोटे भाई की किडनी फेल बता दी। मैं अपने दूसरे भाई को नहीं खोना चाहती थी। उन्होंने कहा कि भाई सा प्यारा संसार में कुछ नहीं हैं। मेरी जान से प्यारा मेरा भाई है। मैं सभी बहनों को यही संदेश देना चाहती हूं कि बहन-भाई का अटूट प्यार होता है इसलिए उन्हें भाई के दु:ख में हमेशा खड़ा रहना चाहिए।
गुड्डी ने अस्पताल में ही रक्षाबंधन मनाया। स्वयं बेड पर होने के बाद भी उसने आईसीयूू में जाकर छोटे भाई को राखी बांधी तथा स्वास्थ्य जाना। इसके अलावा तीसरे भाई बिल्लू को भी अस्पताल में राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना की। इस मौके पर सभी चिकित्सक एवं मरीज भाई बहनों का प्यार देखकर भावुक हो गए थे। भाई भूप सिंह ने बताया कि उसकी बहन भगवान के सामान है ऐसी बहनें भगवान सबको दे। पूरी जिंदगी हम उसकी सेवा करेंगे। रक्षाबंधन के दौरान उसकी आंखें भी नम हो गई थीं। इस दौरान सभी ने मिलकर वीडियो कॉल कर घर पर बातचीत की तथा खुशी का इजार किया।
77 वर्षीय सुंदर सिंह की मां प्रेम देेवी ने बताया कि तीन चार महीने पहले बड़े बेटे की मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद चिकित्सकों ने सुंदर की दोनों किडनी फेल बता दी थी। इससे घरवालों की पैरों से नीचे धरती खिसक गई। मेरी किडनी उम्र ज्यादा होने की वजह से नहीं ली गई। इसके बाद गुड्डी ने अपनी एक किडनी दी। मां ने कहा कि धन्य हूं जो मैंने ऐसी बेटी को जन्म दिया। उसने राखी के बदले भाई को अपनी किडनी ही दे दी। अब पूरा परिवार खुश है और गांव भी खुश है।

निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल सिंह ने कहा कि गांव की बेटी गुड्डी ने किडनी देकर मिसाल कायम की है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गांव में पहुंचने पर गुड्डी का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य बहनों को भी गुड्डी से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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