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इसी रफ्तार से खरीद चली तो दो महीने करना पड़ेगा इंतजार

Fri, 17 Apr 2020 10:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2020 10:21 PM IST
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similarly, if the purchase goes throuth, we will have to waiat for 2 months
गांव खुड़ाना में निरीक्षण के दौरान सरसों को चेक करते एसडीएम विश्राम कुमार मीणा। - फोटो : Narnol
मंडी छोटी होने के कारण महेंद्रगढ़ में एक दिन में केवल 50 किसान ही फसल बेचने आएंगे। प्रदेश सरकार ने एक खरीद केंद्र पर एक दिन में 100 किसानों की खरीद का फैसला लिया था। जिला प्रशासन ने इसमें बदलाव किया है। महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में एक दिन में दो पारी में 25-25 किसान ही अपनी फसल बेच सकेंगे। महेंद्रगढ़ में 14341 तथा सतनाली में 2938 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इन 17 हजार 279 किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए केवल 5 केंद्र मिले हैं। एक दिन में पांचों केंद्र पर 450 किसान को मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिसमें औसतन 400 से कम किसान ही फसल बेच पा रहे हैं। इसी रफ्तार में सरसों की खरीद रही तो किसानों को दो महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।
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शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों की सरसों की फसल खुले में जिले की मंडियों में पड़ी है। पिछले दो दिन से जिले में 17 मंडियों में सरसों की खरीद चल रही है। मंडियों में हजारों क्विंटल सरसों के बैग पड़े हैं। हैफेड ने दो दिन में जिले में 2769 मीट्रिक टन खरीद कर चुका है, जबकि उठान मात्र 147 एमटी का हुआ है। इसके अलावा वेयर हाउस भी जिले की मई मंडियों में खरीद कर रही है। वेयर हाउस एजेंसी ने दो दिनों में सतनाली में 2664 तथा खुडाना मं 2385 क्विंटल सरसों की खरीद की है। सतनाली में 555 बैग तथा खुडाना में 110 बैगों का उठान हुआ है। उठान नहीं होने के कारण किसानों को वहीं रात गुजारनी पड़ रही है। उनको ढंकने के लिए मंडियों में न तो टीनशेड हैं और न ही तिरपाल की व्यवस्था की गई। ऐसे में किसानों को अपनी पकी फसल के बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। किसानों को तपती दोपहरी में सरसों की फसल बेचने को मजबूर हैं। इस बार जिले में अस्थायी मंडी तो दूर स्थायी मंडियों भी टीनशेड की व्यवस्था नहीं है। पीने के पानी की व्यवस्था भी ग्राम पंचायत की ओर से की गई है। प्रशासन की ओर ने अस्थायी मंडियों में न तो पानी और न ही टेंट की व्यवस्था की। मजबूर किसान अपने ट्रैक्टर- ट्राली के नीचे ही बैठते हैं।
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एसडकीएम ने किया मंडियों का निरीक्षण:
शुक्रवार को एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने उपमंडल की पांचों मंडियों का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। गांव आकोदा में किसानों ने बताया कि सुबह उनकी सरसों की नमी 9 प्रतिशत दिखाती है और शाम को 12 प्रतिशत दिखाती है। इस प्रकार मशीन में नमी दिखाने की दिक्कत चल रही है। इस मौके पर एसडीएम ने एक ढेरी को भी चेक किया। ढेरी की नमी 9 प्रतिशत के लगभग आई थी। इस पर उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। साथ ही उठान जल्द से जल्द करवाने के आदेश दिए।
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हमारे पास आज ही तिरपाल आए हैं। ये तिरपाल अस्थायी मंडियों में दिए जाएंगे। अगर इस बाद भी ढेरियां बचती हैं तो आढ़ती और किसान अपने लेवल पर तिरपाल की व्यवस्था करेंगे।
-विश्राम कुमार मीणा।
कनीना मंडी में हो रही मजदूरों की किल्लत
कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों की तीसरे दिन भी मजदूरों की समस्या बनी रही। पहले ही दिन 141 किसानों से 8091 बैग सरसों के खरीदे गए। सबसे अधिक सरसों करीरा में खरीदी गई। जहां स्टेट वेयर हाउस सरसों की खरीद कर रहा है। बाकी तीन जगह हैफेड खरीद कर रहा है। कनीना में पहले दिन 34 किसानों से 901 क्विंटल, दूसरे दिन 58 किसानों से 1800 क्विंटल सरसों खरीदी गई। 950 बैग की लिफ्टिंग हो चुकी है। करीरा केंद्र पर 45 किसानों से 1191 क्विंटल सरसों खरीदी गई। दोंगड़ा अहीर में 30 किसानों से 750 क्विंटल, 25 किसानों से 350 क्विंटल सरसों खरीदी। हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि सुबह और शाम सरसों की खरीद की जाती है। कनीना व्यापार मंडल के उप प्रधान रविंद्र बंसल ने बताया की सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की है। एक दुकान पर दस मजदूरों की जरूरत होती है। चार दुकानों पर नौ मजदूर उपलब्ध है।
सतनाली में खरीदी 1272 क्विंटल सरसों
सतनाली मंडी। तीसरे दिन दोपहर तक सतनाली के दोनों खरीद केंद्रों पर कुल 1272 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। इसके तहत अनाज मंडी में 96 क्विंटल तथा बस स्टैंड स्थित खरीद केंद्र पर 476 क्विंटल सरसों खरीद की गई। इससे पूर्व वीरवार की शाम को अनाज मंडी में 2490 क्विंटल और बस स्टैंड स्थित खरीद केंद्र पर 1856 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। मार्केट कमेटी ऑक्सन रिकार्डर दारा सिंह ने बताया कि अनाज मंडी में शुक्रवार को पहली शिफ्ट में 96 क्विंटल सरसों की खरीद की गई।

नारनौल में शुरू हुआ बोरी सिलाई का काम
नारनौल। नारनौल अनाज मंडी में शुक्रवार को एक हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई। पिछले दो दिन से सरसों की बोरी सिलाई नहीं हो पा रही थी। शुक्रवार को सिलाई का काम भी शुरू हो गया, जिसके बाद शनिवार से उठान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मंडी अधिकारियों ने कहा कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जा रही। उठान प्रक्रिया भी शनिवार से शुरू हो जाएगी।
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