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Mahendragarh-Narnaul News: दुकानें बंद, खाद-बीज के लिए दर-दर भटकते रहे किसान
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फोटो संख्या:71- आईटीआई रोड पर बंद खाद-बीज केंद्र की दुकान--संवाद
महेंद्रगढ़/कनीना। प्रदेश सरकार की ओर से लागू किए गए सीड्स एवं पेस्टिसाइड्स एक्ट 2025 के विरोध में सोमवार को क्षेत्र में खाद-बीज विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रख इसका विरोध किया। बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स निर्माता व विक्रेताओं के एक सप्ताह की हड़ताल पर जाने के निर्णय ने क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
किसानों ने खरीफ सीजन की नकदी फसल के रूप में कपास की बिजाई की तैयारी शुरू कर दी है। अनेक किसानों की और से खेतों की सिंचाई भी कर ली गई है। लेकिन अब एक सप्ताह तक दुकानें बंद रहने से किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीज भंडार कनीना संगठन के प्रधान महेश बोहरा ने बताया कि सरकार के सीड्स व पेस्टिसाइड्स एक्ट 2025 पर लागू नियमों के विरोध में बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स निर्माता व विक्रेताओं ने सोमवार से एक सप्ताह की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। संगठन ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो उनकी हड़ताल अनिश्चितकाल में बदली जा सकती है। रविवार को प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में सात दिन की हड़ताल का निर्णय लिया गया था। बैठक में नए कानून को वापस लेने की मांग की गई है। सरकार से बातचीत के लिए इस समस्या का हल निकालने के लिए 23 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है। इस कानून में व्यापारियों के खिलाफ असंगत धाराएं लगाई गई हैं। इससे किसी भी आदमी का इस व्यापार में रहना संभव नहीं है।
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कपास की बिजाई के लिए खेतों को तैयार कर दिया है। लेकिन अब खाद व बीज की दुकानें बंद होने से परेशानी बढ़ गई है। किसान खेतों की दौबारा सिंचाई को मजबूर होंगे। इस समय कपास के साथ-साथ सब्जियों के लिए बीज की भी आवश्यकता है। लेकिन सोमवार सुबह से दुकानें बंद पड़ी हैं।
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गांव भगड़ाना निवासी किसान रण सिंह
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जब खाद-बीज ही समय पर नहीं मिलेगा तो किसान कैसे बिजाई कर पाएगा। पछेती बिजाई में नुकसान की संभावना रहेगी। इस समय कपास की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल है। प्रदेश सरकार जल्द बीज विक्रेताओं के साथ बातचीत करके हल निकाले।
-गांव झूक निवासी किसान नरेंद्र
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किसानों ने खरीफ सीजन की नकदी फसल के रूप में कपास की बिजाई की तैयारी शुरू कर दी है। अनेक किसानों की और से खेतों की सिंचाई भी कर ली गई है। लेकिन अब एक सप्ताह तक दुकानें बंद रहने से किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीज भंडार कनीना संगठन के प्रधान महेश बोहरा ने बताया कि सरकार के सीड्स व पेस्टिसाइड्स एक्ट 2025 पर लागू नियमों के विरोध में बीज उत्पादक, पेस्टिसाइड्स निर्माता व विक्रेताओं ने सोमवार से एक सप्ताह की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। संगठन ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो उनकी हड़ताल अनिश्चितकाल में बदली जा सकती है। रविवार को प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में सात दिन की हड़ताल का निर्णय लिया गया था। बैठक में नए कानून को वापस लेने की मांग की गई है। सरकार से बातचीत के लिए इस समस्या का हल निकालने के लिए 23 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है। इस कानून में व्यापारियों के खिलाफ असंगत धाराएं लगाई गई हैं। इससे किसी भी आदमी का इस व्यापार में रहना संभव नहीं है।
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कपास की बिजाई के लिए खेतों को तैयार कर दिया है। लेकिन अब खाद व बीज की दुकानें बंद होने से परेशानी बढ़ गई है। किसान खेतों की दौबारा सिंचाई को मजबूर होंगे। इस समय कपास के साथ-साथ सब्जियों के लिए बीज की भी आवश्यकता है। लेकिन सोमवार सुबह से दुकानें बंद पड़ी हैं।
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गांव भगड़ाना निवासी किसान रण सिंह
जब खाद-बीज ही समय पर नहीं मिलेगा तो किसान कैसे बिजाई कर पाएगा। पछेती बिजाई में नुकसान की संभावना रहेगी। इस समय कपास की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल है। प्रदेश सरकार जल्द बीज विक्रेताओं के साथ बातचीत करके हल निकाले।
-गांव झूक निवासी किसान नरेंद्र

फोटो संख्या:71- आईटीआई रोड पर बंद खाद-बीज केंद्र की दुकान--संवाद

फोटो संख्या:71- आईटीआई रोड पर बंद खाद-बीज केंद्र की दुकान--संवाद

फोटो संख्या:71- आईटीआई रोड पर बंद खाद-बीज केंद्र की दुकान--संवाद