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Mahendragarh-Narnaul News: हड़ताल से चरमराई सफाई व्यवस्था, शहर से नहीं उठा 100 टन कूड़ा
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फोटो नंबर-20मांगों को लेकर लघुसचिवालय में प्रदर्शन करते नप सफाई कर्मचारी। संवाद
नारनौल। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई और फायर कर्मचारी सोमवार को भी हड़ताल पर रहे। अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। सोमवार को करीब 100 टन कूड़े का उठान नहीं हो सका। इसके चलते बाजारों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आए।
नगर परिषद के 202 सफाई कर्मचारी पांच दिनों से हड़ताल पर हैं। रविवार तक मुख्यमंत्री के आगमन और मैराथन कार्यक्रम के चलते कर्मचारी गैरहाजिर रहकर काम कर रहे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने पूरी तरह काम बंद कर दिया।
सोमवार को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले 60 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। शहर के 31 वार्डों में रोजाना करीब 60 टन कूड़ा डोर-टू-डोर उठाया जाता है। वहीं नगर परिषद के कर्मचारी करीब 40 टन कूड़ा उठाते हैं। हड़ताल के कारण दोनों सेवाएं प्रभावित रहीं।
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कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने करनाल में वीरू वाल्मीकि की हत्या के आरोपियों को फांसी देने, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की।
कर्मचारी नेताओं ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और राज्य कमेटी के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
वर्जन:
शहर की सफाई व्यवस्था को ठीक बनाए रखने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। नप सफाई कर्मचारियों की मांग का फैसला सरकार को करना है। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाले कर्मचारियों के सुपरवाइजर से बात हो गई वे जल्द ही कूड़ा उठान का कार्य शुरू करवा देंगे। -जोगेंद्र सिंह कालीरामणा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल।
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नगर परिषद के 202 सफाई कर्मचारी पांच दिनों से हड़ताल पर हैं। रविवार तक मुख्यमंत्री के आगमन और मैराथन कार्यक्रम के चलते कर्मचारी गैरहाजिर रहकर काम कर रहे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने पूरी तरह काम बंद कर दिया।
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सोमवार को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले 60 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। शहर के 31 वार्डों में रोजाना करीब 60 टन कूड़ा डोर-टू-डोर उठाया जाता है। वहीं नगर परिषद के कर्मचारी करीब 40 टन कूड़ा उठाते हैं। हड़ताल के कारण दोनों सेवाएं प्रभावित रहीं।
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कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने करनाल में वीरू वाल्मीकि की हत्या के आरोपियों को फांसी देने, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की।
कर्मचारी नेताओं ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और राज्य कमेटी के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
वर्जन:
शहर की सफाई व्यवस्था को ठीक बनाए रखने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। नप सफाई कर्मचारियों की मांग का फैसला सरकार को करना है। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाले कर्मचारियों के सुपरवाइजर से बात हो गई वे जल्द ही कूड़ा उठान का कार्य शुरू करवा देंगे। -जोगेंद्र सिंह कालीरामणा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल।