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Mahendragarh-Narnaul News: किसानों ने कहा-आश्वासन के बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी, आंदोलन तेज करेंगे
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29 सफीदों 4गांव हाट में 10वें दिन धरने पर बैठे हुए किसान व ग्रामीण। स्रोत किसान
सफीदों। गांव हाट के 33 केवी बिजलीघर में 16 सितंबर की रात एडवोकेट प्रवीण कुमार के साथ कथित मारपीट, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्रामीणों और किसानों का धरना मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान नवीन मलिक की अध्यक्षता में ग्रामीण बिजलीघर परिसर में धरने पर बैठे। धरनारत ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने 28 सितंबर की शाम तक आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे ग्रामीणों और किसानों में रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
नवीन मलिक ने बताया कि 28 सितंबर को बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपमंडल परिसर पहुंचे थे। वहां एसडीएम और डीएसपी का घेराव किया गया था। इसके बाद डीएसपी गौरव शर्मा ने मौके पर पहुंचकर शाम तक गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। अब आंदोलन को गांव हाट तक सीमित नहीं रखा जाएगा और प्रदेश के विभिन्न जिलों से यूनियन पदाधिकारियों को धरने में पहुंचने के लिए सूचित किया गया है।
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एफएसएल जांच पर भी सवाल
मलिक ने कहा कि घटना के 13 दिन बाद एफएसएल टीम ने बिजलीघर पहुंचकर जांच की। उन्होंने जांच में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद साक्ष्य जुटाए जाने चाहिए थे। धरने पर रामफल, दिलबाग, नफे सिंह सहित कई किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान नवीन मलिक की अध्यक्षता में ग्रामीण बिजलीघर परिसर में धरने पर बैठे। धरनारत ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने 28 सितंबर की शाम तक आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे ग्रामीणों और किसानों में रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
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नवीन मलिक ने बताया कि 28 सितंबर को बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपमंडल परिसर पहुंचे थे। वहां एसडीएम और डीएसपी का घेराव किया गया था। इसके बाद डीएसपी गौरव शर्मा ने मौके पर पहुंचकर शाम तक गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। अब आंदोलन को गांव हाट तक सीमित नहीं रखा जाएगा और प्रदेश के विभिन्न जिलों से यूनियन पदाधिकारियों को धरने में पहुंचने के लिए सूचित किया गया है।
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एफएसएल जांच पर भी सवाल
मलिक ने कहा कि घटना के 13 दिन बाद एफएसएल टीम ने बिजलीघर पहुंचकर जांच की। उन्होंने जांच में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद साक्ष्य जुटाए जाने चाहिए थे। धरने पर रामफल, दिलबाग, नफे सिंह सहित कई किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।