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डीईओ को फोन कर ग्रामीण बोल, साहब देरी से आते हैं शिक्षक
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गांव मूसनोता के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक समय पर नहीं आते थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा था। इससे नाराज ग्रामीणों ने वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त यादव को फोन कर इसकी शिकायत कर दी, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को लापरवाह शिक्षकों की गैर हाजिरी लगाने के आदेश दिए। बता दें कि मूसनोता स्कूल पहले भी सुर्खियों में रहा है। क्योंकि कुछ वर्ष पहले स्कूल के 16 शिक्षकों की सर्विस बुक और रिकॉर्ड गायब हो गया था, जिसकी निजामपुर पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज है।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के अध्यापक अक्सर देरी से आते हैं, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन अधिकारी भी ऐसे लापरवाह अध्यापकों पर कार्यवाही करने के बजाय खानापूर्ति कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इसके चलते स्कूल में हर साल बच्चों की संख्या कम हो रही है। अधिकारियों के अनुसार स्कूल खुलने का समय सुबह 9 बजे है और अध्यापकों को बीस मिनट पहले स्कूल पहुंचना होता है। लेकिन यहां अध्यापक निर्धारित समय से भी आधे घंटे देरी से आते हैं । इससे ग्रामीणोें में रोष पाया जा रहा है।
प्राथमिक पाठशाला का भवन अलग है, जिसकी वजह से अध्यापकों के समय पर आने की जानकारी नहीं मिलती। वीरवार को ग्रामीणों ने लापरवाह अध्यापकों की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की थी। जिला शिक्षा अधिकार ने प्रतिदिन प्राथमिक स्कूल में अध्यापकों को समय पर आने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। समय पर नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों की गैर हाजिरी लगाई जाएगी। -सहीराम यादव, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मूसनोता।
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ग्रामीणों ने फोन कर गांव मूसनोता स्कूल में अध्यापकों के सही समय पर नहीं पहुंचने की जानकारी दी थी। लापरवाह अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्कूल प्राचार्य को सख्त आदेश दिए गए हैं। सुनील दत्त यादव, जिला शिक्षा अधिकार, नारनौल।
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ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के अध्यापक अक्सर देरी से आते हैं, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन अधिकारी भी ऐसे लापरवाह अध्यापकों पर कार्यवाही करने के बजाय खानापूर्ति कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इसके चलते स्कूल में हर साल बच्चों की संख्या कम हो रही है। अधिकारियों के अनुसार स्कूल खुलने का समय सुबह 9 बजे है और अध्यापकों को बीस मिनट पहले स्कूल पहुंचना होता है। लेकिन यहां अध्यापक निर्धारित समय से भी आधे घंटे देरी से आते हैं । इससे ग्रामीणोें में रोष पाया जा रहा है।
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प्राथमिक पाठशाला का भवन अलग है, जिसकी वजह से अध्यापकों के समय पर आने की जानकारी नहीं मिलती। वीरवार को ग्रामीणों ने लापरवाह अध्यापकों की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की थी। जिला शिक्षा अधिकार ने प्रतिदिन प्राथमिक स्कूल में अध्यापकों को समय पर आने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। समय पर नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों की गैर हाजिरी लगाई जाएगी। -सहीराम यादव, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मूसनोता।
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ग्रामीणों ने फोन कर गांव मूसनोता स्कूल में अध्यापकों के सही समय पर नहीं पहुंचने की जानकारी दी थी। लापरवाह अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्कूल प्राचार्य को सख्त आदेश दिए गए हैं। सुनील दत्त यादव, जिला शिक्षा अधिकार, नारनौल।