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प्लाट बेचने के नाम ठगे 3.5 लाख रुपये, मामला दर्ज
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नारनौल। रेवाड़ी के भाड़ावास निवासी मनीष कुमार ने प्लाट बेचने के नाम पर दो लोगों पर 3.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने की शिकायत दक्षिणी मंडल के पुलिस महानिरीक्षक को भेजी है। पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर महावीर चौकी पुलिस ने दो के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में भाड़ावास निवासी मनीष कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 में उसकी मुलाकात सतीश निवासी पुलिस लाइन नारनौल से हुई। वहीं 2015 में सतीश ने उसे वीरेंद्र सैनी निवासी ढाणी किरारोद नारनौल से मिलवाते हुए कहा कि वीरेंद्र की भांजी की शादी है और इसलिए उसे पैसों की सख्त जरूरत है। वीरेंद्र का बाईपास नारनौल पर 180 गज का एक प्लाट है जिसे वह प्लाट उसे सस्ते में दे देगा। इस पर उसने पैसे नहीं होने की बात कहते हुए प्लाट खरीदने से मना कर दिया। इस पर सतीश ने कहा कि यह प्लाट हम दोनों मिलकर ले लेते हैं। आप पैसे किश्तों में दे देना। सतीश ने उसे वह प्लांट दिखाकर लाया और 24 सितंबर 2015 को प्लाट खरीदने का इकरारनामा नारनौल कोर्ट में करवाया। इस पर उसने अपने हिस्से के 3.5 लाख रुपये सतीश व वीरेंद्र उपरोक्त को चैक व नकदी के माध्यम से दे दिए। कुछ दिन बाद जब उसने प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए सतीश व वीरेंद्र से कहा तो वे आनाकानी करने लगे। बोले की वह चिंता न करे जल्दी ही रजिस्ट्री करवा देंगे। इसके बाद उन्होंने उसका फोन भी उठाना बंद कर दिया। कुछ समय बाद जब उसने फोन करके रजिस्ट्री बारे कहा तो उन्होंने कहा कि कैसी रजिस्ट्री कौन सा प्लाट, हमने तो वह प्लाट किसी और को बेच दिया है। इस प्रकार सतीश व वीरेंद्र ने प्लाट बेचने का झांसा देकर धोखाधड़ी से उसके 3.5 लाख रुपये हड़प लिये। इसलिए उक्त दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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पुलिस को दी शिकायत में भाड़ावास निवासी मनीष कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 में उसकी मुलाकात सतीश निवासी पुलिस लाइन नारनौल से हुई। वहीं 2015 में सतीश ने उसे वीरेंद्र सैनी निवासी ढाणी किरारोद नारनौल से मिलवाते हुए कहा कि वीरेंद्र की भांजी की शादी है और इसलिए उसे पैसों की सख्त जरूरत है। वीरेंद्र का बाईपास नारनौल पर 180 गज का एक प्लाट है जिसे वह प्लाट उसे सस्ते में दे देगा। इस पर उसने पैसे नहीं होने की बात कहते हुए प्लाट खरीदने से मना कर दिया। इस पर सतीश ने कहा कि यह प्लाट हम दोनों मिलकर ले लेते हैं। आप पैसे किश्तों में दे देना। सतीश ने उसे वह प्लांट दिखाकर लाया और 24 सितंबर 2015 को प्लाट खरीदने का इकरारनामा नारनौल कोर्ट में करवाया। इस पर उसने अपने हिस्से के 3.5 लाख रुपये सतीश व वीरेंद्र उपरोक्त को चैक व नकदी के माध्यम से दे दिए। कुछ दिन बाद जब उसने प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए सतीश व वीरेंद्र से कहा तो वे आनाकानी करने लगे। बोले की वह चिंता न करे जल्दी ही रजिस्ट्री करवा देंगे। इसके बाद उन्होंने उसका फोन भी उठाना बंद कर दिया। कुछ समय बाद जब उसने फोन करके रजिस्ट्री बारे कहा तो उन्होंने कहा कि कैसी रजिस्ट्री कौन सा प्लाट, हमने तो वह प्लाट किसी और को बेच दिया है। इस प्रकार सतीश व वीरेंद्र ने प्लाट बेचने का झांसा देकर धोखाधड़ी से उसके 3.5 लाख रुपये हड़प लिये। इसलिए उक्त दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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