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रक्षाबंधन की खुशियां बदली मातम में
नारनौल/महेंद्रगढ़
Updated Sun, 30 Aug 2015 12:43 AM IST
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रक्षाबंधन के पर्व पर गांव गोद बलाहा में हुए हादसे में दो परिवारों पर दुख का पहाड़ टूटा। एक परिवार की जहां मां-बेटे की मौत हो गई, वहीं दूसरे परिवार में पिता-पुत्री की। एक अन्य परिवार में भी गम का माहौल है। रक्षाबंधन पर अपनी बहन का इंतजार कर रहे भाइयों की कलाई इस बार सूनी रह गई।
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डेरोली अहीर निवासी नवीन सुबह 10.00 बजे मां राजेश देवी को मामा के घर राखी बांधने सांतोर गांव ले जा रहे थे। राजेश देवी ने रास्ते में नारनौल से राजेश देवी ने अपने भाई के परिवार के लिए मिठाई और अन्य सामान खरीदा। उनकी खुशी नारनौल से 16 किमी दूर जाकर हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गई। गोद बलाहा के पास ट्राला चालक ने दोनों मां-बेटे को कुचल दिया। इससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। वहीं राजस्थान के झुंझुनूं जिला के गांव सांतोर में उसका भाई शमशेर भी अपनी बहन के इंतजार में था, मगर उसकी बहन तो नहीं आई, उसकी मौत की खबर अवश्य शमशेर तक पहुंची। अपनी बहन की मौत का समाचार सुनकर वह नारनौल की ओर दौड़ा।
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जीजा-भांजी की मौत, बहन गंभीर
दूसरी बाइक सवार आदर्श नगर निवासी कमल भी अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर खेतड़ी अपने साले प्रेम और बबलू के पास ले जा रहा था। साथ में कमल की पुत्री कविता भी थी। पूरा परिवार बड़ी खुशी के साथ जा रहे थे कि बीच रास्ते में मौत बनकर आए ट्राले ने कमल और उसकी बेटी कविता की जान ले ली। वहीं कमल की पत्नी कृष्णा अभी भी गंभीर रूप से घायल है।
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गांव गोद और बलाहा में भी शोक
शनिवार को सुबह से ही रक्षाबंधन के पावन पर्व की समूचे क्षेत्र में काफी चहल-पहल बनी हुई थी। गोदबलाहा बस स्टैंड पर सीमावर्ती राजस्थान की ओर से आने-जाने वाले लोग अपने रिश्तेदार और परिवार के लोगों के लिए मिठाई, रक्षासूत्र खरीदने में व्यस्त थे। एकाएक मुख्य राजमार्ग पर दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुकानदार, राहगीर, ग्रामीण सभी घटनास्थल की ओर दौड़े। वहीं दोनों गांवों में घटना की खबर आग की तरह फैल गई। जिससे गांवों में भी शोक की लहर दौड़ गई।