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नारी का सम्मान ही मां दुर्गा की सच्ची पूजा : संत शिवानंद महाराज
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कनीना। परम संत शिरोमणि स्वामी कृष्णानंद महाराज की गद्दी पर विराजमान ब्रह्मचारी संत शिवानंद महाराज ने कहा कि मां, बहन और बेटियों का सम्मान करना ही माता रानी की सच्ची आराधना है। नारी शक्ति का सम्मान किए बिना देवी की पूजा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। वे नवरात्र के अवसर पर आयोजित विश्व शांति यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
संत शिवानंद महाराज ने कहा कि नवरात्र केवल नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के सम्मान और उसके प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का भी अवसर है। प्रत्येक महिला का सम्मान करना और उसकी सुरक्षा के लिए सजग रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मंदिर में मां दुर्गा की पूजा करने के बाद किसी महिला का अपमान करना उचित नहीं है। देवी की आराधना तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने व्यवहार में भी नारी के प्रति सम्मान रखे।
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संत शिवानंद महाराज ने कहा कि नवरात्र केवल नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के सम्मान और उसके प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का भी अवसर है। प्रत्येक महिला का सम्मान करना और उसकी सुरक्षा के लिए सजग रहना जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि मंदिर में मां दुर्गा की पूजा करने के बाद किसी महिला का अपमान करना उचित नहीं है। देवी की आराधना तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने व्यवहार में भी नारी के प्रति सम्मान रखे।
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