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Mahendragarh-Narnaul News: व्यापारी की 2.50 लाख रुपये की वसूली की अपील खारिज
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नारनौल। सेशन जज डॉ. रितु वाईके बहल की अदालत ने वादी लाजपत की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) महेंद्रगढ़ के 17 नवंबर 2022 के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें फर्म श्री बाला जी इंजीनियरिंग वर्क्स के खिलाफ 4.10 लाख रुपये ब्याज सहित वसूली का दावा खारिज किया गया था।
लाजपत का कहना था कि उसने सुनीता और कल्पना देवी को 2.50 लाख रुपये व्यक्तिगत कर्ज के तौर पर दिए थे जो ब्याज सहित वापस नहीं लौटाए गए। यह रकम चेक के जरिये फर्म के बैंक खाते में भेजी गई थी।
वहीं प्रतिवादियों ने दलील दी कि यह कर्ज नहीं था। यह लाजपत की ओर से उनसे खरीदे गए सामान के बकाया पैसे का भुगतान था। इसके समर्थन में उन्होंने बिल, बही-खाता और रोकड़ बही अदालत में पेश किए।
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अदालत ने पाया कि लाजपत यह साबित नहीं कर सका कि रकम कर्ज के रूप में दी गई थी। न कोई लिखित समझौता पेश हुआ, न प्रॉमिसरी नोट। पैसा सीधे फर्म के खाते में गया, इसलिए यह कारोबारी लेन-देन लगता है। अदालत ने निचली अदालत का फैसला सही मानते हुए अपील को हर्जाने के साथ खारिज कर दिया।
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लाजपत का कहना था कि उसने सुनीता और कल्पना देवी को 2.50 लाख रुपये व्यक्तिगत कर्ज के तौर पर दिए थे जो ब्याज सहित वापस नहीं लौटाए गए। यह रकम चेक के जरिये फर्म के बैंक खाते में भेजी गई थी।
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वहीं प्रतिवादियों ने दलील दी कि यह कर्ज नहीं था। यह लाजपत की ओर से उनसे खरीदे गए सामान के बकाया पैसे का भुगतान था। इसके समर्थन में उन्होंने बिल, बही-खाता और रोकड़ बही अदालत में पेश किए।
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अदालत ने पाया कि लाजपत यह साबित नहीं कर सका कि रकम कर्ज के रूप में दी गई थी। न कोई लिखित समझौता पेश हुआ, न प्रॉमिसरी नोट। पैसा सीधे फर्म के खाते में गया, इसलिए यह कारोबारी लेन-देन लगता है। अदालत ने निचली अदालत का फैसला सही मानते हुए अपील को हर्जाने के साथ खारिज कर दिया।