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हकेंविवि में रिसर्च प्रमोशन बोर्ड दे रहा है शोध व नवाचार को गति, 20 लाख की राशि होगी खर्च
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महेंद्रगढ़। मानव कल्याण, विश्व समुदाय की बेहतरी के लिए शोध कार्यों का महत्व हमेशा से ही रहा है इसकी आवश्यकता को समझते हुए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय स्तर पर विशेष प्रयास शुरू कर दिया है। विवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार की अध्यक्षता में रिसर्च प्रमोशन बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड के माध्यम से अब विश्वविद्यालय को विश्वपटल पर शोध के लिए आदर्श विश्वविद्यालय की पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
- एक लाख होगी प्रारंभिक अनुदान की राशि:
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस प्रयास को शोध व नवाचार को गति प्रदान करने वाला बताया। इस बोर्ड के माध्यम से विश्वविद्यालय से जुड़ने वाले नए शिक्षकों को एक लाख रुपये का प्रारंभिक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिसका उपयोग कर वे अपना ऑफिस, आवश्यक तकनीकी, प्रायोगिक उपकरण विकसित कर सकते हैं।
शोध अनुदान के लिए 20 लाख रुपये होंगे खर्च
इसी क्रम में बोर्ड ने विश्वविद्यालय स्तर पर 20 लाख रुपये विशेष रूप से शोध अनुदान राशि के तौर पर शिक्षकों को प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस अनुदान राशि को प्रदान करने का निर्णय रिसर्च प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षकों को शोध के स्तर पर प्रोत्साहित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को साल में कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
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- शोध भ्रमण के लिए दिया जाएगा अनुदान
शोध व अनुसंधान की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षकों को साल में एक बार यात्रा अनुदान भी प्रदान किया जाएगा, इसके माध्यम से वह अपने शोध के लिए आवश्यक भ्रमण कार्य सहज रूप से कर सकेंगे। कुलपति ने इन प्रयासों के अंतर्गत विशेष रूप से स्थानीय, राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक महत्व से संबंधित शोध कार्यों पर जोर देने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया ताकि विश्वविद्यालय में विकसित ज्ञान का लाभ जनमानस तक पहुंच सके।
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- एक लाख होगी प्रारंभिक अनुदान की राशि:
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस प्रयास को शोध व नवाचार को गति प्रदान करने वाला बताया। इस बोर्ड के माध्यम से विश्वविद्यालय से जुड़ने वाले नए शिक्षकों को एक लाख रुपये का प्रारंभिक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिसका उपयोग कर वे अपना ऑफिस, आवश्यक तकनीकी, प्रायोगिक उपकरण विकसित कर सकते हैं।
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शोध अनुदान के लिए 20 लाख रुपये होंगे खर्च
इसी क्रम में बोर्ड ने विश्वविद्यालय स्तर पर 20 लाख रुपये विशेष रूप से शोध अनुदान राशि के तौर पर शिक्षकों को प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस अनुदान राशि को प्रदान करने का निर्णय रिसर्च प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षकों को शोध के स्तर पर प्रोत्साहित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को साल में कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
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- शोध भ्रमण के लिए दिया जाएगा अनुदान
शोध व अनुसंधान की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षकों को साल में एक बार यात्रा अनुदान भी प्रदान किया जाएगा, इसके माध्यम से वह अपने शोध के लिए आवश्यक भ्रमण कार्य सहज रूप से कर सकेंगे। कुलपति ने इन प्रयासों के अंतर्गत विशेष रूप से स्थानीय, राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक महत्व से संबंधित शोध कार्यों पर जोर देने के लिए शिक्षकों को प्रेरित किया ताकि विश्वविद्यालय में विकसित ज्ञान का लाभ जनमानस तक पहुंच सके।