{"_id":"64c419402d7aa4f70a0ff2a7","slug":"registry-work-started-after-23-days-strike-of-clerks-will-continue-narnol-news-c-196-1-nnl1004-2573-2023-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: 23 दिन के बाद रजिस्ट्री का कार्य शुरू, लिपिकों की हड़ताल रहेगी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: 23 दिन के बाद रजिस्ट्री का कार्य शुरू, लिपिकों की हड़ताल रहेगी जारी
Sat, 29 Jul 2023 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 29 Jul 2023 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। लिपिकों की हड़ताल के बीच कंप्यूटर ऑपरेटर और पटवारियों की मदद से रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में 23 दिन से जमीन की रजिस्ट्री के लिए विभाग के चक्कर लगाने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है। तहसील में शुक्रवार को पांच रजिस्ट्री की गई। उधर जिले के सभी विभागों के लिपिक 24वें दिन भी लघु सचिवालय के पार्क में हड़ताल जारी रही।
लिपिकों ने बताया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व अन्य राज्यों में लिपिकों की बेसिक पे के बारे में भ्रामक आंकड़े पेश करके आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तब लिपिकों की मांग पूर्ण नहीं हो जाती है तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। मंच का संचालन सुरेश राजपूत ने किया। उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर बैठे हुए 24 दिन हो गए हैं लेकिन सरकार द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। सरकार कहती है कि लिपिकों का कार्य सिर्फ डिस्पैच डायरी करना है परंतु आज हजारों रजिस्ट्रियां पेंडिंग है और प्रतिदिन सरकार को करोड़ों रुपये का वित्तीय घाटा हो चुका है।
धरना रहेगा जारी
धरने को 24 दिन हो गए और सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो आगे धरना भी जारी रहेगा। इस दौरान जो काम कार्यालयों में एकत्रित हो गया है, वह भी सरकार किसी ओर से करवा ले। सरकार कह रही कि समान काम का वेतन देगी तो वह सार काम नैतिकता के आधार पर किसी ओर से करवा ले।
विज्ञापन
-दिनेश कुमार, प्रधान।
सरकार की बातें निराधार
सरकार की तरफ से जो भी बातें आ रही है वह सब निराधार है। हिमाचल में वेतनमान 20800 है, यह झूठ है और वहां हर दो साल बाद सम्मान जनक वेतन दिया जाता है। वर्तमान समय में भी वहां 30500 वेतन दिया जा रहा है।
-सुमेर सिंह।
मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा धरना
सरकार अन्य प्रदेशों से वेतनमान की तुलना न करें क्योंकि सरकार डिजिटल में प्रदेश को नंबर वन बता रही है तो वेतन भी उसी हिसाब से देना चाहिए। उनकी जब तक मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे। सरकार एक तरफ तो महिलाओं के हित की बात करती है और प्रदेश में इतनी महिलाएं अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी है उसकी कोई चिंता नहीं है।
-बीना।
विज्ञापन
लिपिकों ने बताया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश व अन्य राज्यों में लिपिकों की बेसिक पे के बारे में भ्रामक आंकड़े पेश करके आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तब लिपिकों की मांग पूर्ण नहीं हो जाती है तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। मंच का संचालन सुरेश राजपूत ने किया। उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर बैठे हुए 24 दिन हो गए हैं लेकिन सरकार द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। सरकार कहती है कि लिपिकों का कार्य सिर्फ डिस्पैच डायरी करना है परंतु आज हजारों रजिस्ट्रियां पेंडिंग है और प्रतिदिन सरकार को करोड़ों रुपये का वित्तीय घाटा हो चुका है।
विज्ञापन
धरना रहेगा जारी
धरने को 24 दिन हो गए और सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो आगे धरना भी जारी रहेगा। इस दौरान जो काम कार्यालयों में एकत्रित हो गया है, वह भी सरकार किसी ओर से करवा ले। सरकार कह रही कि समान काम का वेतन देगी तो वह सार काम नैतिकता के आधार पर किसी ओर से करवा ले।
विज्ञापन
-दिनेश कुमार, प्रधान।
सरकार की बातें निराधार
सरकार की तरफ से जो भी बातें आ रही है वह सब निराधार है। हिमाचल में वेतनमान 20800 है, यह झूठ है और वहां हर दो साल बाद सम्मान जनक वेतन दिया जाता है। वर्तमान समय में भी वहां 30500 वेतन दिया जा रहा है।
-सुमेर सिंह।
मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा धरना
सरकार अन्य प्रदेशों से वेतनमान की तुलना न करें क्योंकि सरकार डिजिटल में प्रदेश को नंबर वन बता रही है तो वेतन भी उसी हिसाब से देना चाहिए। उनकी जब तक मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे। सरकार एक तरफ तो महिलाओं के हित की बात करती है और प्रदेश में इतनी महिलाएं अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी है उसकी कोई चिंता नहीं है।
-बीना।