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दूसरे दिन भी ट्रैक को ठीक करने में जुटा रहा रेलवे प्रशासन, यात्री ट्रेनों का रुट बदला

Sat, 20 Feb 2021 11:22 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 11:22 PM IST
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Railway administration engaged in fixing the track on the second day, changed the route of passenger trains
रेवाड़ी-फुलेरा रेल रूट पर मालगाड़ी के हादसे से टूटा ट्रैक दूसरे भी दिन भी ठीक नहीं हो पाया। जिससे ट्रैक पर चलने वाली गाड़ी शनिवार को भी बंद रही। ट्रैक को सुचारु करने के लिए काम करने वाली टीम जुटी रही। फ्रेड कॉरिडोर के पास पड़े डिब्बों को दूर कर कॉरिडोर ट्रैक को सुचारु कर दिया गया है। कॉरिडोर के ऊपर से मालगाड़ियां चलनी शुरू हो गई हैं। वहीं चेतन और जनशताब्दी ट्रेन को रेवाड़ी से जयपुर रूट से निकाला गया।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार हादसे की जांच रिपोर्ट आने में समय लग सकता है। जांच टीम गठित कर दी गई है। टीम संबंधित कर्मचारियों का बयान लिए जा रहे हैं। इसके बाद ही हादसे की जांच का खुलासा हो सकेगा। प्राथमिक दृष्टि से विभागीय सूत्रों के अनुसार मालगाड़ी हादसा ट्रैक की पटरी टूटने से हुआ है। पटरी कैसे टूटी और अन्य जानकारी का जांच कमेटी जांच करने के बाद ही खुलासा करेगी। हादसा इतना भयानक था कि काफी लंबी रेल लाइन उखड़ गई। इसमें 100 मीटर लंबी लाइन तो बिल्कुल क्षतिग्रस्त हो गई। जिसे काट कर बाहर निकाला जा रहा है। ट्रैक के नीचे से रोड़ी खिसक कर दूर चली गई। नजदीक के पेड़ों पर डब्बे गिरने से उन पेड़ों को काटा जा रहा है। ट्रैक बहाल करने के लिए कई टीमें जुटी हुई हैं। डीआरएम मंजूशा जैन ने बताया कि जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही बताया जाएगा कि हादसे का क्या कारण रहा। ट्रैक जल्द सही कर दिया जाएगा। वहीं चेतन और जन शताब्दी ट्रेन को रेवाड़ी से जयपुर रूट से निकाला गया।
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रात भर चलेगा कार्य
रेवाड़ी-फुलेरा रेलमार्ग पर गांव भीलवाड़ा के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने पर टूटी रेल पटरियों को ठीक नहीं किया जा सका है। हालांकि मालगाड़ियों को जनवरी में शुरू की गई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) की लाइन से गुजरा जा रहा है। वहीं हादसे की जांच एक टीम कर रही है। जयपुर मंडल की डीआरएम सहित रेलवे के अलग-अलग विभागों के शीर्ष अधिकारी श्रमिकों के साथ रेलमार्ग को यातायात शुरू करने के लिए लगे हुए हैं।
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क्या है मामला
काठूवास से मालगाड़ी विभिन्न कंपनियों का सामान कंटेनर में लेकर गुजरात के मुद्रा पोर्ट पर जा रहा थी। काठूवास कॉनकोर डिपो से 10.30 बजे मालगाड़ी (कंटेनर ट्रेन) चली थी। करीब पैने 11 बजे बाछौद के पास हादसे की शिकार हो गई थी। मालगाड़ी डबल डेकर में कुल 90 वैगन थे। 30 वैगन ट्रैक पर सुरक्षित हैं। करीब वैगन 25 के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। 25 वैगन में 50 कंटेनर थे।
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