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सावधान! कहीं बैंक खाता न खाली कर दे संदेश
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बधाई हो...आपका एक लकी कूपन निकला है। आपने जीते हैं लाखों रुपये। यदि इसे हासिल करना है तो आपके मोबाइल पर आया है एक ओटीपी नंबर बताओ और इनाम की राशि पाओ। यदि आपके पास भी मोबाइल में एसएमएस या कॉल के जरिये कोई ऐसा संदेश दे रहा है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि आजकल साइबर ठग इसी प्रपंच से लोगों को अपने जाल में फांस कर लूट रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने बताया कि पुलिस द्वारा आमजन को जागरूक करने के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है कि किसी के झांसे में आकर बैंक खाते से संबंधित कोई भी जानकारी शेयर न करें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस निरंतर लोगों को जागरूक कर रही है, ताकि उनको साइबर ठगों से बचाया जा सके। लोगों को भी लोभ-लालच से खुद को दूर रखकर आगाह होना चाहिए। पुलिस गंभीरता से साइबर क्राइम से जुड़े लोगों की धरपकड़ के लिए कार्य कर रही है।
ऐसे हो रही साइबर ठगी
आजकल मोबाइल हर किसी की आवश्यकता बन गया है। बैंक अकाउंट से लेकर लेन-देन के अलावा बाजारवाद भी मोबाइल में ही समा गया है। ऐसे में साइबर क्राइम से जुड़े लोग भी सक्रिय हो गए हैं। व उन लोग उन भोले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, जिन्हें उनके मोबाइल पर आए ओटीपी या पेमेंट एप के बारे में जानकारी न हो। साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर बैंक खाते से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद ओटीपी नंबर ले लेते हैं या खुद को सामने वाले का सगा संबंधी या जान-पहचान वाला बताकर फर्जी लिंक के माध्यम से पेमेंट एप के जरिये खाते से पैसे उड़ा लेते हैं अथवा लॉटरी आदि की बातों में बरगला कर उनकी जमापूंजी में सेंध लगा देते हैं। जालसाजों द्वारा किए गए फ्रॉड से संबंधित शिकायत की सूचना 155260 पर दें या https://cybercrime.gov.in वेबसाइट पर करें।
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पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने बताया कि पुलिस द्वारा आमजन को जागरूक करने के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है कि किसी के झांसे में आकर बैंक खाते से संबंधित कोई भी जानकारी शेयर न करें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस निरंतर लोगों को जागरूक कर रही है, ताकि उनको साइबर ठगों से बचाया जा सके। लोगों को भी लोभ-लालच से खुद को दूर रखकर आगाह होना चाहिए। पुलिस गंभीरता से साइबर क्राइम से जुड़े लोगों की धरपकड़ के लिए कार्य कर रही है।
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ऐसे हो रही साइबर ठगी
आजकल मोबाइल हर किसी की आवश्यकता बन गया है। बैंक अकाउंट से लेकर लेन-देन के अलावा बाजारवाद भी मोबाइल में ही समा गया है। ऐसे में साइबर क्राइम से जुड़े लोग भी सक्रिय हो गए हैं। व उन लोग उन भोले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, जिन्हें उनके मोबाइल पर आए ओटीपी या पेमेंट एप के बारे में जानकारी न हो। साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर बैंक खाते से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद ओटीपी नंबर ले लेते हैं या खुद को सामने वाले का सगा संबंधी या जान-पहचान वाला बताकर फर्जी लिंक के माध्यम से पेमेंट एप के जरिये खाते से पैसे उड़ा लेते हैं अथवा लॉटरी आदि की बातों में बरगला कर उनकी जमापूंजी में सेंध लगा देते हैं। जालसाजों द्वारा किए गए फ्रॉड से संबंधित शिकायत की सूचना 155260 पर दें या https://cybercrime.gov.in वेबसाइट पर करें।
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