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जिले में हुई प्री मानसून की बारिश, किसानों के चेहरों पर आई रौनक
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नारनौल। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शनिवार सायं व रविवार सुबह को जिला महेंद्रगढ़ में प्री मानसून की बारिश हुई। बारिश के चलते रविवार को दिनभर मौसम सुहाना बना रहा। नारनौल में 12.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश होने से किसानों के चेहरों पर रौनक नजर आई। वहीं बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव होने से शहरवासियों को परेशानी उठानी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी पार्क गली में जलभराव होने से पैदल चलने वाले लोगों को हुई।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। जिसकी वजह से चार-पांच दिनों तक अधिकतर स्थानों पर हल्की बारिश और तेज गति से हवाएं चल रही हैं। मौसम प्रणाली के प्रभाव से पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवातीय सरकुलेशन बना हुआ है। साथ ही आज एक टर्फ रेखा पंजाब से पश्चिमी हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से उड़ीसा तट तक बनी हुई है। जिसकी वजह से दो दिनों तक हरियाणा के उत्तरी और पश्चिमी दक्षिणी जिलों पर अधिक प्रभाव रहेगा। जिसकी वजह से भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर यलो अलर्ट जारी कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से विपरीत हवाओं के मिलन से हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर बादलों ने डेरा जमा रखा है। जिससे मौसम खुशगवार बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान अटेली 15.0 मिलीमीटर, महेंद्रगढ़ 14.0 मिलीमीटर, नारनौल 12.5 मिलीमीटर, नांगल चौधरी 12.0 मिलीमीटर, सतनाली 7.0 मिलीमीटर, और कनीना 8.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। जिला महेंद्रगढ़ में कुल 68.5 मिलीमीटर बारिश हुई है जो खरीफ फसल के लिए वरदान साबित होगी। नरमा कपास के लिए सोना साबित होगी। रविवार को नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 27.8 डिग्री सेल्सियस और 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जबकि नारनौल और महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान क्रमश: 22.0 डिग्री सेल्सियस और 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। जिसकी वजह से चार-पांच दिनों तक अधिकतर स्थानों पर हल्की बारिश और तेज गति से हवाएं चल रही हैं। मौसम प्रणाली के प्रभाव से पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवातीय सरकुलेशन बना हुआ है। साथ ही आज एक टर्फ रेखा पंजाब से पश्चिमी हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से उड़ीसा तट तक बनी हुई है। जिसकी वजह से दो दिनों तक हरियाणा के उत्तरी और पश्चिमी दक्षिणी जिलों पर अधिक प्रभाव रहेगा। जिसकी वजह से भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर यलो अलर्ट जारी कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से विपरीत हवाओं के मिलन से हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर बादलों ने डेरा जमा रखा है। जिससे मौसम खुशगवार बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान अटेली 15.0 मिलीमीटर, महेंद्रगढ़ 14.0 मिलीमीटर, नारनौल 12.5 मिलीमीटर, नांगल चौधरी 12.0 मिलीमीटर, सतनाली 7.0 मिलीमीटर, और कनीना 8.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। जिला महेंद्रगढ़ में कुल 68.5 मिलीमीटर बारिश हुई है जो खरीफ फसल के लिए वरदान साबित होगी। नरमा कपास के लिए सोना साबित होगी। रविवार को नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 27.8 डिग्री सेल्सियस और 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जबकि नारनौल और महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान क्रमश: 22.0 डिग्री सेल्सियस और 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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