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Mahendragarh-Narnaul News: सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे...एफआईआर क्यों नहीं?
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नारनौल। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की बेटी के फर्जी दस्तावेज से जेई बनने की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखा हमला बोला है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई। फेसबुक यूजर कृष्ण कुमार ने कहा, धोखाधड़ी का केस बनता है। राम हर्ष ने टिप्पणी की, यह तो खर्ची और पर्ची दोनों है। पवन झाझरा ने लिखा, “बिना खर्ची, बिना पर्ची।” रोहताश सिंह बोले, जांच में दोषी मिलने पर सेवा से बर्खास्त करना चाहिए। राजेंद्र शर्मा ने लिखा, जालसाजी की एफआईआर और तत्काल बर्खास्तगी हो। विजय अरोड़ा ने भी बर्खास्त करने की मांग की। दीपक जाटव ने संबंधित अधिकारी को भी निलंबित करने की बात कही।
सूरज प्रकाश कहते हैं, क्लर्क भी फर्जी तरीके से हासिल किया होगा। यथार्थ भारद्वाज ने धोखाधड़ी पर सेवा समाप्त की मांग की। सुशील मलिक ने सवाल उठाया कि फर्जी दस्तावेजों का मामला क्यों नहीं बनता और क्लर्क के पद पर बहाली कैसे होगी?
दिनेश अनजान ने सवाल किया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 क्यों नहीं लगाई गई? श्रीराम चौहान ने आरोप लगाया कि ऐसा किसी अन्य से जुड़ा मामला होता तो पुलिस केस हो जाता। अत्तर सिंह तंवर ने लिखा, कलयुग है साहब, इस युग में जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। संवाद
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सूरज प्रकाश कहते हैं, क्लर्क भी फर्जी तरीके से हासिल किया होगा। यथार्थ भारद्वाज ने धोखाधड़ी पर सेवा समाप्त की मांग की। सुशील मलिक ने सवाल उठाया कि फर्जी दस्तावेजों का मामला क्यों नहीं बनता और क्लर्क के पद पर बहाली कैसे होगी?
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दिनेश अनजान ने सवाल किया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 क्यों नहीं लगाई गई? श्रीराम चौहान ने आरोप लगाया कि ऐसा किसी अन्य से जुड़ा मामला होता तो पुलिस केस हो जाता। अत्तर सिंह तंवर ने लिखा, कलयुग है साहब, इस युग में जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। संवाद
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