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Mahendragarh-Narnaul News: पोर्टल की गड़बड़ी पर पटवारियों का मोर्चा, आज 216 कर्मचारी हड़ताल पर
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फोटो संख्या:68- तहसील कार्यालय में इंतजार करते लोग--संवाद
महेंद्रगढ़। राजस्व विभाग के नए पोर्टल की तकनीकी खामियों और बार-बार बदलते इंटरफेस से परेशान रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिले के 216 पटवारी और गिरदावर 20 व 21 अगस्त को हड़ताल पर रहेंगे। समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
जिला प्रधान सुनील राजपूत ने बताया कि 22 मई को नया रेवेन्यू पोर्टल शुरू हुआ था, लेकिन इसके बाद तीन-चार बार इंटरफेस बदला जा चुका है। इंतकाल दर्ज करने के बाद कई मामलों में किसानों के नाम, रकबा और हिस्सेदारी जैसी जानकारी गायब होने की शिकायतें मिल रही हैं। महेंद्रगढ़ तहसील में 200 से अधिक इंतकाल अटके होने से कई रजिस्ट्रियां भी प्रभावित हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि पोर्टल की गलती से रिकॉर्ड में कोई त्रुटि होती है तो इसकी जिम्मेदारी आईटी सेल की तय होनी चाहिए। उन्होंने तकनीकी खामियां दूर करने और स्थायी समाधान की मांग की।
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पटवारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया को भी मुश्किल बताया। 20 मीटर की जियो-फेंसिंग और बार-बार फेस ऑथेंटिकेशन के कारण एक कर्मचारी दिनभर में केवल 20 से 35 खसरों का सर्वे कर पाता है। उन्होंने जियो-फेंसिंग बढ़ाकर 150 मीटर करने और प्राइवेट सर्वेयरों को मौका देने की मांग की है।
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करीब 20-30 दिन पहले मैंने जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी लेकिन अभी तक इंतकाल दर्ज नहीं हुआ है। पटवारी के पास जाता हूं तो पोर्टल के ठीक से काम नहीं करने की बात कही जाती है। इंतकाल नहीं होने से मुझे बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।-डॉ. रामपाल यादव, माजरा खुर्द
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इंतकाल कराने के लिए 10 दिन से चक्कर लगा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल की धीमी गति के कारण कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता। ऐसे में हड़ताल के कारण दो दिन तक कामकाज बंद रहने से उन्हें दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे।-तेजपाल प्रजापत, मालड़ा बास
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जिला प्रधान सुनील राजपूत ने बताया कि 22 मई को नया रेवेन्यू पोर्टल शुरू हुआ था, लेकिन इसके बाद तीन-चार बार इंटरफेस बदला जा चुका है। इंतकाल दर्ज करने के बाद कई मामलों में किसानों के नाम, रकबा और हिस्सेदारी जैसी जानकारी गायब होने की शिकायतें मिल रही हैं। महेंद्रगढ़ तहसील में 200 से अधिक इंतकाल अटके होने से कई रजिस्ट्रियां भी प्रभावित हैं।
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एसोसिएशन ने कहा कि पोर्टल की गलती से रिकॉर्ड में कोई त्रुटि होती है तो इसकी जिम्मेदारी आईटी सेल की तय होनी चाहिए। उन्होंने तकनीकी खामियां दूर करने और स्थायी समाधान की मांग की।
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पटवारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया को भी मुश्किल बताया। 20 मीटर की जियो-फेंसिंग और बार-बार फेस ऑथेंटिकेशन के कारण एक कर्मचारी दिनभर में केवल 20 से 35 खसरों का सर्वे कर पाता है। उन्होंने जियो-फेंसिंग बढ़ाकर 150 मीटर करने और प्राइवेट सर्वेयरों को मौका देने की मांग की है।
करीब 20-30 दिन पहले मैंने जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी लेकिन अभी तक इंतकाल दर्ज नहीं हुआ है। पटवारी के पास जाता हूं तो पोर्टल के ठीक से काम नहीं करने की बात कही जाती है। इंतकाल नहीं होने से मुझे बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।-डॉ. रामपाल यादव, माजरा खुर्द
इंतकाल कराने के लिए 10 दिन से चक्कर लगा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल की धीमी गति के कारण कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता। ऐसे में हड़ताल के कारण दो दिन तक कामकाज बंद रहने से उन्हें दोबारा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे।-तेजपाल प्रजापत, मालड़ा बास

फोटो संख्या:68- तहसील कार्यालय में इंतजार करते लोग--संवाद

फोटो संख्या:68- तहसील कार्यालय में इंतजार करते लोग--संवाद