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एक केंद्र पर बुखार की दवा नहीं तो दो पर बंद मिले ताले, नोटिस जारी
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जिला मलेरिया अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सैनी ने वीरवार को चार उप स्वास्थ्य केंद्रों व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जांच में अधिकारी ने पाया कि केद्रों पर तैनात कर्मचारी कार्य के प्रति गंभीर नहीं है। कर्मचारी मलेरिया/डेंगू जैसे कार्यक्रमों के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। एएनएम ड्रेस में नहीं मिली, एक केंद्र पर बुखार की दवा व स्लाइड तक नहीं थी। वहीं दो केंद्रों पर ताले लटक मिले। अधिकारी ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सैनी अपनी टीम के साथ वीरवार को पांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। पहले उप स्वास्थ्य केंद्र गावड़ी जाट का निरीक्षण किया। जहां जांच में पाया एएनएम नीलम बिना ड्रेस में थीं। अन्य स्टाफ भूपेंद्र उपस्थित नहीं था। केंद्र पर मलेरिया व आईडीएसपी का एस फार्म नहीं था। यहीं नहीं ब्लड स्लाइड बॉक्स भी नहीं था। हैरानी की बात यह थी कि केंद्र पर पैरासिटामाल व क्लोरोक्वीन की गोलियां भी उपलब्ध नहीं थी। अधिकारी ने एएनएम से पूछा कि कोई बुखार का मरीज आ जाय तो ब्लड स्लाइड या मेडिसिन कैसे देंगी। एएनएम ने जवाब दिया की एमपीएचडब्ल्यू स्लाइड बॉक्स घर ले गया है।
इसके बाद डॉ. सैनी राजस्थान बार्डर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बायल का दौरा किया। मौके पर लीलू राम, संदीप व सुनीता मिलीं। चरणजीत का सीएल रजिस्टर में दर्ज था। कर्मचारी ने बिना अधिकारी की स्वीकृत के छुट्टी ले रखी थी। डिप्टी सीएमओ ने संबंधित अधिकारी से बात की तो पता चला कि उन्हें भी कर्मचारी के बारे में सूचना नहीं है। अधिकारी ने लीव रिकार्ड की जांच की तो पाया कि साल 2018 के बाद लीव का कोई रिकार्ड मेंटेन नहीं है। ब्लड स्लाइड पर नंबर व मरीज का मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी दर्ज नहीं थी।
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गोलवा व नांगल दूर्गू केंद्र पर ताला बंद था
टीम उप स्वास्थ्य केंद्र गोलवा पहुंची। केंद्र पर कोई स्टाफ उपस्थित नहीं था व ताला लगा था। दरवाजे पर भी जानकारी चस्पा नहीं थी। एमपीएचडब्ल्यू राजेंद्र के मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद टीम उप स्वास्थ्य केंद्र नांगल दूर्ग पहुंची। यहां भी कोई स्टाफ नहीं था व ताला लगा हुआ था। दरवाजे पर लगी नोटिस पर निर्मला देवी को गांव नांगल दूर्ग जाने की बात लिखी थी। सुमन देवी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जांच में पता चला कि सुमन देवी नांगल चौधरी सामुदायिक केंद्र गई हुई है। जांच में दोनों एएनएम नांगल चौधरी मिली। दोनों ही बिना ड्रेस में मिली। टीम उप स्वास्थ्य केंद्र निजामपुर पहुंची। केंद्र में एएनएम राजबाला बिना ड्रेस में उपस्थित थी। केंद्र पर मलेरिया व आईडीएसपी की रिपोर्ट व रिकार्ड नहीं था।
खदान में भरे पानी में गम्बूजिया मछली छोड़ी-
डॉ. सैनी टीम के साथ अरावली के खनन क्षेत्रों को दौरा किया। उन्होंने पाया कि खदानों में पानी भरा है। इसमें मलेरिया व डेंगू के मच्छर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने करीब पांच पानी भरे खदानों में गम्बूजिया मछली छोड़ने का निर्देश दिया। बता दें कि सरकार प्रदेश और जिले को मलेरिया मुक्त बनाने का अभियान चला रही है।
पांच केंद्रों की औचक जांच की थी। जांच के दौरान कई कमियां सामने आई है। काम पर गैर हाजिर कर्मचारियों से वेतन न क्लेम करने को कहा गया है। साथ ही जो कर्मचारी ड्रेस में नहीं थे, वे एक दिन का ड्रेस का भक्ता क्लेम न करने का निर्देश दिया है। इस बारे में सीएमओ को रिपोर्ट भेज दी गई है।
डॉ. डीके सैनी, डिप्टी सीएमओ नारनौल
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जिला मलेरिया अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सैनी अपनी टीम के साथ वीरवार को पांच केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। पहले उप स्वास्थ्य केंद्र गावड़ी जाट का निरीक्षण किया। जहां जांच में पाया एएनएम नीलम बिना ड्रेस में थीं। अन्य स्टाफ भूपेंद्र उपस्थित नहीं था। केंद्र पर मलेरिया व आईडीएसपी का एस फार्म नहीं था। यहीं नहीं ब्लड स्लाइड बॉक्स भी नहीं था। हैरानी की बात यह थी कि केंद्र पर पैरासिटामाल व क्लोरोक्वीन की गोलियां भी उपलब्ध नहीं थी। अधिकारी ने एएनएम से पूछा कि कोई बुखार का मरीज आ जाय तो ब्लड स्लाइड या मेडिसिन कैसे देंगी। एएनएम ने जवाब दिया की एमपीएचडब्ल्यू स्लाइड बॉक्स घर ले गया है।
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इसके बाद डॉ. सैनी राजस्थान बार्डर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बायल का दौरा किया। मौके पर लीलू राम, संदीप व सुनीता मिलीं। चरणजीत का सीएल रजिस्टर में दर्ज था। कर्मचारी ने बिना अधिकारी की स्वीकृत के छुट्टी ले रखी थी। डिप्टी सीएमओ ने संबंधित अधिकारी से बात की तो पता चला कि उन्हें भी कर्मचारी के बारे में सूचना नहीं है। अधिकारी ने लीव रिकार्ड की जांच की तो पाया कि साल 2018 के बाद लीव का कोई रिकार्ड मेंटेन नहीं है। ब्लड स्लाइड पर नंबर व मरीज का मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी दर्ज नहीं थी।
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गोलवा व नांगल दूर्गू केंद्र पर ताला बंद था
टीम उप स्वास्थ्य केंद्र गोलवा पहुंची। केंद्र पर कोई स्टाफ उपस्थित नहीं था व ताला लगा था। दरवाजे पर भी जानकारी चस्पा नहीं थी। एमपीएचडब्ल्यू राजेंद्र के मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद टीम उप स्वास्थ्य केंद्र नांगल दूर्ग पहुंची। यहां भी कोई स्टाफ नहीं था व ताला लगा हुआ था। दरवाजे पर लगी नोटिस पर निर्मला देवी को गांव नांगल दूर्ग जाने की बात लिखी थी। सुमन देवी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जांच में पता चला कि सुमन देवी नांगल चौधरी सामुदायिक केंद्र गई हुई है। जांच में दोनों एएनएम नांगल चौधरी मिली। दोनों ही बिना ड्रेस में मिली। टीम उप स्वास्थ्य केंद्र निजामपुर पहुंची। केंद्र में एएनएम राजबाला बिना ड्रेस में उपस्थित थी। केंद्र पर मलेरिया व आईडीएसपी की रिपोर्ट व रिकार्ड नहीं था।
खदान में भरे पानी में गम्बूजिया मछली छोड़ी-
डॉ. सैनी टीम के साथ अरावली के खनन क्षेत्रों को दौरा किया। उन्होंने पाया कि खदानों में पानी भरा है। इसमें मलेरिया व डेंगू के मच्छर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने करीब पांच पानी भरे खदानों में गम्बूजिया मछली छोड़ने का निर्देश दिया। बता दें कि सरकार प्रदेश और जिले को मलेरिया मुक्त बनाने का अभियान चला रही है।
पांच केंद्रों की औचक जांच की थी। जांच के दौरान कई कमियां सामने आई है। काम पर गैर हाजिर कर्मचारियों से वेतन न क्लेम करने को कहा गया है। साथ ही जो कर्मचारी ड्रेस में नहीं थे, वे एक दिन का ड्रेस का भक्ता क्लेम न करने का निर्देश दिया है। इस बारे में सीएमओ को रिपोर्ट भेज दी गई है।
डॉ. डीके सैनी, डिप्टी सीएमओ नारनौल