{"_id":"5f9856448ebc3e9bbc0666d6","slug":"onion-prices-doubled-in-a-month-budget-of-housewives-spoiled-narnol-news-rtk580341387","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक महीने में दोगुने हो गए प्याज के दाम ,बिगड़ा गृहिणियों का बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक महीने में दोगुने हो गए प्याज के दाम ,बिगड़ा गृहिणियों का बजट
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। एक ही महीने में प्याज के दाम दोगुने पहुंच गए हैं। पिछले महीने प्याज 30 से 40 रुपये किलोग्राम के भाव पर बिक रहा था। अब 60 से 80 रुपये किलोग्राम के दाम पर पहुंच गया है। पिछले साल की तरह से प्याज के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
बीते साल प्याज के रेट 100 रुपये किलोग्राम तक पहुंचे थे। इस बार भी प्याज उसी गति से उछाल खा रहा है। मई-जून महीने में प्याज के दाम 12 से 13 रुपये किलोग्राम तक आ गए थे। जुलाई अगस्त में यह 20 रुपये किलोग्राम तक रहे। सितंबर महीने में प्याज के रेट 30 से 40 रुपये किलोग्राम तक पहुंचे। अक्तूबर महीने का आखिरी सप्ताह आते आते प्याज 60 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहे हैं। लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों ने उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। दरअसल नवरात्र के कारण पिछले दस दिन में प्याज की अधिक मांग नहीं थी। अब सर्दी की शुरूआत के साथ ही प्याज के रेट में तेजी से उछाल आया है। अब तक टमाटर के भाव से परेशान उपभोक्ताओं को प्याज ने भी परेशानी में डाल दिया है। महंगा आलू भी गृहिणियों के बजट को बिगाड़ रहा है। सब्जी मंडी के थोक्र विक्रेताओं का कहना है कि इस समय में प्याज के दाम में हर साल उछाल आता है। टमाटर की आवक कम होने के कारण दाम ज्यादा चल रहे हैं। टमाटर के भाव में गिरावट आएगी। अगले महीने लोकल टमाटर मार्केट में आएगा तब दाम कम होंगे।
प्याज की कीमतों के कम होने में समय लग सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सोच समझकर तड़का लगाना होगा।
वर्जन
इस समय प्याज की आवक कम होती है। इस कारण रेट में उछाल आता है। अलवर की प्याज शुरू होने वाली है। दस से 15 दिन में प्याज के रेट काफी हद तक सामान्य हो जाएंगे। आलू की पैदावार कम होने के कारण रेट बढ़े हुए हैं। दिसंबर तक नया आलू मार्केट में आ जाएगा।
विज्ञापन
सूरत सैनी, प्रधान, सब्जी मंडी, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
बीते साल प्याज के रेट 100 रुपये किलोग्राम तक पहुंचे थे। इस बार भी प्याज उसी गति से उछाल खा रहा है। मई-जून महीने में प्याज के दाम 12 से 13 रुपये किलोग्राम तक आ गए थे। जुलाई अगस्त में यह 20 रुपये किलोग्राम तक रहे। सितंबर महीने में प्याज के रेट 30 से 40 रुपये किलोग्राम तक पहुंचे। अक्तूबर महीने का आखिरी सप्ताह आते आते प्याज 60 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहे हैं। लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों ने उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। दरअसल नवरात्र के कारण पिछले दस दिन में प्याज की अधिक मांग नहीं थी। अब सर्दी की शुरूआत के साथ ही प्याज के रेट में तेजी से उछाल आया है। अब तक टमाटर के भाव से परेशान उपभोक्ताओं को प्याज ने भी परेशानी में डाल दिया है। महंगा आलू भी गृहिणियों के बजट को बिगाड़ रहा है। सब्जी मंडी के थोक्र विक्रेताओं का कहना है कि इस समय में प्याज के दाम में हर साल उछाल आता है। टमाटर की आवक कम होने के कारण दाम ज्यादा चल रहे हैं। टमाटर के भाव में गिरावट आएगी। अगले महीने लोकल टमाटर मार्केट में आएगा तब दाम कम होंगे।
विज्ञापन
प्याज की कीमतों के कम होने में समय लग सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सोच समझकर तड़का लगाना होगा।
वर्जन
इस समय प्याज की आवक कम होती है। इस कारण रेट में उछाल आता है। अलवर की प्याज शुरू होने वाली है। दस से 15 दिन में प्याज के रेट काफी हद तक सामान्य हो जाएंगे। आलू की पैदावार कम होने के कारण रेट बढ़े हुए हैं। दिसंबर तक नया आलू मार्केट में आ जाएगा।
विज्ञापन
सूरत सैनी, प्रधान, सब्जी मंडी, महेंद्रगढ़।