फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   notice send

पुलिस विभाग की जमीन की पैमाइश बाबत बिना बिना मुहर व पदनाम वाला नोटिस भेजा

Thu, 08 Jul 2021 11:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
notice send
नारनौल। पुरानी कचहरी नारनौल में पानी की टंकी के पास स्थित जमीन पर करीब डेढ़ माह पहले कब्जा कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में आई जमीन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। 27 मई को इस जमीन पर पुलिस विभाग अपनी बताकर इस पर कब्जा लेने गया था लेकिन कागजों के अभाव के चलते पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा था। इस बार पुलिस विभाग की इस जमीन की पैमाइश को लेकर दो दिन पहले भेजे गए एक अजीब नोटिस के कारण यह मामला चर्चा में आ गया है।
विज्ञापन

इस नोटिस पर ना तो किसी विभाग के अधिकारी का नाम, ना कोई पद और ना ही किसी विभाग की राइटिंग पैड है। नोटिस केवल साधारण कागज पर कंप्यूटर से टाइप करके उस पर तिथि और क्रमांक नंबर पेन से लिखकर नीचे हाथ से अस्पष्ट हस्ताक्षर करके जारी किया गया है। यह नोटिस जितेंद्र पुत्र किशोरी लाल व सत्यनारायण पुत्र किशोरी लाल के नाम 6 जुलाई को जारी किए गए हैं। इस बाबत जितेंद्र के पुत्र राजेश एडवोकेट ने पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें 6 जुलाई की शाम साढ़े पांच बजे एक व्यक्ति ने आकर कहा कि वह नगर परिषद नारनौल कार्यालय से आया है और 8 जुलाई को सुबह दस बजे नोटिस में अंकित जमीन की निशानदेही होनी है, इसलिए नोटिस रिसीव करके पावती दें।
विज्ञापन

जितेंद्र और सत्यनारायण को दिए गए बिना पदनाम, बिना मुहर वाले नोटिस में लिखा है कि पुराने कार्यालय पुलिस अधीक्षक नारनौल पुरानी कचहरी में पुलिस विभाग महेंद्रगढ़ के नाम पर भूमि है। जिसका खसरा टाउन 5205 है। अत: इस बाबत सूचित किया जाता है कि इस भूमि की पैमाइश-निशानदेही 08 जुलाई को सुबह 10 बजे की जानी है, आप मौका स्थल पर निश्चित तिथि व समय पर हाजिर रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजेश एडवोकेट ने बताया कि बिना किसी अधिकारी के पदनाम और बिना मुहर वाले नोटिस को देखकर वे खुद भी हैरान हुए लेकिन आने वाले कर्मचारी ने खुद को नगर परिषद से बताया था तो उन्होंने इस बाबत नगर परिषद के प्रशासक नारनौल एसडीएम के नाम उनके कार्यालय में विस्तार से जानकारी वाला एक पत्र पहुंचा दिया। एसडीएम कम प्रशासक को लिखे इस पत्र में नोटिसधारियों ने कहा है कि जिस जगह को लेकर उन्हें नोटिस दिया गया है उस भूमि पर वे अदालत के आदेशों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा काबिज है। फिलहाल इस जमीन को लेकर उनका मामला हाईकोर्ट में लंबित है और पुलिस विभाग प्रतिवादी है। एसडीएम को लिखे पत्र में नोटिसधारियों ने कहा है कि मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण इस जमीन की किसी भी प्रकार की पैमाइश बिना अदालत के आदेशों के करना अदालत की अवमानना की श्रेणी में माना जाएगा, इसलिए इस जमीन की किसी भी प्रकार की निशानदेही या पैमाइश बिना किसी अदालती आदेशों के ना की जाए।
नोटिसधारी उपरोक्त जवाब देकर 8 जुलाई को सुबह से ही मौके पर उपस्थित रहे लेकिन शाम पांच बजे तक भी कोई भी व्यक्ति पैमाइश के लिए मौके पर नहीं आया। जिसको लेकर यह जमीन पर फिर चर्चा में आ गई है कि आखिर जितेंद्र और सत्यनारायण को यह नोटिस किस कार्यालय से जारी हुए हैं।

नगर परिषद ने नहीं भेजा कोई नोटिस : अभय सिंह
इस मामले में नारनौल नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह यादव ने साफ इंकार करते हुए कहा कि उनके या उनके कार्यालय द्वारा जितेंद्र और सत्यनारायण किसी भी जमीन की पैमाइश के कोई नोटिस नहीं भेजे गए हैं। जब उनसे कहा गया कि नोटिस देने गए कर्मी ने खुद को नगर परिषद का कर्मचारी बताया था तो उनका जवाब था कि हो सकता हो कि नोटिस राजस्व विभाग से आया हो और उनके कर्मचारी के माध्यम से सर्व करवाने के लिए भेज दिया गया हो। दूसरी तरफ राजस्व विभाग कार्यालय से बातचीत की गई तो वहां से संबंधित कर्मचारी और अधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा पुरानी कचहरी के पास किसी भी जमीन की पैमाइश का कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed