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Mahendragarh-Narnaul News: मेडिकल कॉलेज में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं, बिना इलाज लौट रहे मरीज
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फोटो नंबर- 17जगदीश, गांव- छिलरो
निजामपुर। गांव कोरियावास स्थित मेडिकल कॉलेज में त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद करीब तीन माह से खाली है। लंबे समय बाद भी नियुक्ति न होने से मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में 1 मई 2025 को ओपीडी सेवा शुरू हुई थी। तब लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें क्षेत्र में ही दिल्ली-जयपुर जैसे बड़े शहरों जैसी चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लेकिन करीब डेढ़ साल बाद भी राव तुलाराम अस्पताल चिकित्सकों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में तीन माह से और नागरिक अस्पताल में करीब चार साल से त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। जिले के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ न होने से जिले भर और राजस्थान सीमा से सटे गांवों के लोग परेशान हैं।
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भतीजे को त्वचा की समस्या थी, इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गया था। डॉक्टर न होने के कारण निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।-जगदीश, गांव छिलरो
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पिछले साल ओपीडी शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा। लेकिन डॉक्टरों और संसाधनों की कमी से मरीज परेशान हैं।-दिनेश, गांव निजामपुर
वर्जन :
सभी ओपीडी विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति भी जल्द की जाएगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।-बृजेंद्र सिंह ढिल्लों, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज, गांव कोरियावास
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मेडिकल कॉलेज में 1 मई 2025 को ओपीडी सेवा शुरू हुई थी। तब लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें क्षेत्र में ही दिल्ली-जयपुर जैसे बड़े शहरों जैसी चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लेकिन करीब डेढ़ साल बाद भी राव तुलाराम अस्पताल चिकित्सकों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में तीन माह से और नागरिक अस्पताल में करीब चार साल से त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। जिले के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ न होने से जिले भर और राजस्थान सीमा से सटे गांवों के लोग परेशान हैं।
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भतीजे को त्वचा की समस्या थी, इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गया था। डॉक्टर न होने के कारण निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।-जगदीश, गांव छिलरो
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पिछले साल ओपीडी शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा। लेकिन डॉक्टरों और संसाधनों की कमी से मरीज परेशान हैं।-दिनेश, गांव निजामपुर
वर्जन :
सभी ओपीडी विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति भी जल्द की जाएगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।-बृजेंद्र सिंह ढिल्लों, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज, गांव कोरियावास