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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीमद्भागवत कथा में भक्त प्रह्लाद चरित्र का सुनाया प्रसंग
Tue, 09 Jul 2024 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 09 Jul 2024 11:36 PM IST
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फोटो संख्या: 81 गांव भोजावास में कथा का रसपान करवाते हुए कथा व्यास आचार्य सचिन गोविंद बृजवासी--
कनीना। गांव भोजावास स्थित सेठ गंगाराम धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद चरित्र, भरत चरित्र, हिरणकश्यप बध, नरसिंह अवतार व समुद्र मंथन का वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य सचिन गोविंद बृजवासी ने कहा कि आनंद की तल्लीनता में पाप का स्पर्श भी नहीं हो पाता है। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए मन तृप्त नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि हिरण्यकश्यप नामक दैत्य ने घोर तप किया, तप से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी प्रकट हुए व कहा कि मांगों जो मांगना है। यह सुनकर हिरण्यकश्यप ने अपनी आंखें खोली और ब्रह्माजी को अपने समक्ष खड़ा देखकर कहा-प्रभु मुझे केवल यही वर चाहिए कि मैं न दिन में मरूं, न रात को, न अंदर, न बाहर, न कोई हथियार काट सके, न आग जला सके, न ही मैं पानी में डूबकर मरूं, सदैव जीवित रहूं। उन्होंने उसे वरदान दिया। हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। हिरण्यकश्यप भागवत विष्णु को शत्रु मानते थे। उन्होंने अपने पुत्र को मारने के लिए तलवार उठाया था कि खंभा फट गया उस खंभे में से विष्णु भगवान नरसिंह का रूप धारण करके जिसका मुख शेर का व धड़ मनुष्य का था। इस मौके पर सचिन पुजारी, हरिओम पुजारी, सेठ विजय, डॉ. रणवीर सिंह, मास्टर सत्य प्रकाश, सेठ गंगाराम, सत्यनारायण, राजबाला, सुरेश, देवकी, सुनयना, कमलेश, बिंद्रा देवी मौजूद रहीं।
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उन्होंने कहा कि हिरण्यकश्यप नामक दैत्य ने घोर तप किया, तप से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी प्रकट हुए व कहा कि मांगों जो मांगना है। यह सुनकर हिरण्यकश्यप ने अपनी आंखें खोली और ब्रह्माजी को अपने समक्ष खड़ा देखकर कहा-प्रभु मुझे केवल यही वर चाहिए कि मैं न दिन में मरूं, न रात को, न अंदर, न बाहर, न कोई हथियार काट सके, न आग जला सके, न ही मैं पानी में डूबकर मरूं, सदैव जीवित रहूं। उन्होंने उसे वरदान दिया। हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। हिरण्यकश्यप भागवत विष्णु को शत्रु मानते थे। उन्होंने अपने पुत्र को मारने के लिए तलवार उठाया था कि खंभा फट गया उस खंभे में से विष्णु भगवान नरसिंह का रूप धारण करके जिसका मुख शेर का व धड़ मनुष्य का था। इस मौके पर सचिन पुजारी, हरिओम पुजारी, सेठ विजय, डॉ. रणवीर सिंह, मास्टर सत्य प्रकाश, सेठ गंगाराम, सत्यनारायण, राजबाला, सुरेश, देवकी, सुनयना, कमलेश, बिंद्रा देवी मौजूद रहीं।
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