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शुरूआत से अच्छी ट्रेनिंग मिले तो आएंगे मैडल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2016 12:55 AM IST
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मेडल
- फोटो : अमर उजाला
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अगर ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है तो देश में प्रतिभाओं को निखरना होगा। और खिलाड़ियों लगातार ट्रेनिंग देनी होगी। जहां पर ओलंपिक होने वाले हैं वहां के मौसम के अनुसार ट्रेनिंग दी जाए तो काफी अच्छा रहेगा। यह बात कहीं है रियो ओलंपिक में भाग लेने वाले संदीप पूनिया का। महेंद्रगढ़ जिले के संदीप पूनिया ओलंपिक में 50 किलोमीटर पैदल चाल में गए थे। उन्हें मैडल तो नहीं मिला लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। सोमवार को सुरेहती जाखल निवासी एवं ओलंपिक खिलाड़ी संदीप पूनिया अमर उजाला कार्यालय पहुंचे और इस दौरान उनकी अमर उजाला टीम से खास बातचीत हुई। इस दौरान उन्हें कुछ सवालों के जबाव भी दिए। इस मौके पर उनके दोस्त विकास व यशपाल पूनिया मौजूद रहे।
प्र.- भारत की ओर से 120 खिलाड़ी ओलंपिक खेलने गए लेकिन पदकों की संख्या केवल 2 ही रही। इसका क्या कारण है?
उ. देश के सभी खिलाड़ियों ने ओलंपिक में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया था इसे देश का बेड लक ही कहेंगे कि कुछ खिलाड़ी 4 पॉजीशन पर रहे। जबकि हॉकी टीम का प्रदर्शन भी अच्छा रहा पिछले कई वर्षों बाद क्वार्टर फाइनल तक टीम पहुंची।
प्र. ओलंपिक खेलों के दौरान विदेशी खिलाड़ियों की तुलना में आपको क्या कमी खली?
उ. ऐसी कोई खास कमी उन्हें नहीं खेली लेकिन एक नई चीज उन्हें अवश्य देखने को मिली कि विदेशी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग मौसम के अनुसार एवं जगह बदल बदल कर दी जा रही थी। इस प्रकार की ट्रेनिंग हमें कभी नहीं मिली।
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प्र. क्या नई खेल नीति बनाई जाए कि जिससे अधिक मैडल मिल सके?
उ. खेल नीति बनाना सरकार काम है। विदेशी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग शुरूआत से ही दी जाती है जबकि देश के अंदर ओलंपिक खेल हो या राष्ट्रमंडल खेल उनके शुरू होने से छह महीने पहले ट्रेनिंग शुरू करवाते हैं। अगर देश में भी विदेशों की तरह खिलाड़ियों को शुरूआत से ही ट्रेनिंग दी जाए तो यहां मैडलों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ सकती है।
प्र. क्षेत्र के बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो नेशनल तक पहुंचने के बाद आगे नहीं बढ़ पाते हैं?
उ. महेंद्रगढ़ जिले में खेल सुविधाओं का अभाव है। विश्व के 206 देशों में सबसे अधिक खिलाड़ी एथलेटिक्स खेलते हैं लेकिन महेंद्रगढ़ में एक भी एथलेटिक्स कोच नहीं है। उन्होंने बताया कि हरियाणा खिलाड़ियों का गढ़ माना जाता है। अगर उनको अच्छे अनुभवी कोच मिल जाए तो वो भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगर मैं सेना में नहीं होता तो मैं भी ओलंपिक नहीं खेल पाता।
प्र. आपने अपने भविष्य के बारे में क्या सोचा है?
उ. मैं अपना खेल निरंतर जारी रखूंगा। अभी कुछ दिन आराम के पश्चात 2018 के एशिएन एवं कॉमनवेल्थ गेम के लिए जमकर तैयारी करूंगा। इसके बाद उनका निशान 2020 टोकियो ओलंपिक पर रहेगा जो इस बार वो किसी कीमत पर नहीं चूकेंगे।
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प्र.- भारत की ओर से 120 खिलाड़ी ओलंपिक खेलने गए लेकिन पदकों की संख्या केवल 2 ही रही। इसका क्या कारण है?
उ. देश के सभी खिलाड़ियों ने ओलंपिक में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया था इसे देश का बेड लक ही कहेंगे कि कुछ खिलाड़ी 4 पॉजीशन पर रहे। जबकि हॉकी टीम का प्रदर्शन भी अच्छा रहा पिछले कई वर्षों बाद क्वार्टर फाइनल तक टीम पहुंची।
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प्र. ओलंपिक खेलों के दौरान विदेशी खिलाड़ियों की तुलना में आपको क्या कमी खली?
उ. ऐसी कोई खास कमी उन्हें नहीं खेली लेकिन एक नई चीज उन्हें अवश्य देखने को मिली कि विदेशी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग मौसम के अनुसार एवं जगह बदल बदल कर दी जा रही थी। इस प्रकार की ट्रेनिंग हमें कभी नहीं मिली।
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प्र. क्या नई खेल नीति बनाई जाए कि जिससे अधिक मैडल मिल सके?
उ. खेल नीति बनाना सरकार काम है। विदेशी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग शुरूआत से ही दी जाती है जबकि देश के अंदर ओलंपिक खेल हो या राष्ट्रमंडल खेल उनके शुरू होने से छह महीने पहले ट्रेनिंग शुरू करवाते हैं। अगर देश में भी विदेशों की तरह खिलाड़ियों को शुरूआत से ही ट्रेनिंग दी जाए तो यहां मैडलों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ सकती है।
प्र. क्षेत्र के बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो नेशनल तक पहुंचने के बाद आगे नहीं बढ़ पाते हैं?
उ. महेंद्रगढ़ जिले में खेल सुविधाओं का अभाव है। विश्व के 206 देशों में सबसे अधिक खिलाड़ी एथलेटिक्स खेलते हैं लेकिन महेंद्रगढ़ में एक भी एथलेटिक्स कोच नहीं है। उन्होंने बताया कि हरियाणा खिलाड़ियों का गढ़ माना जाता है। अगर उनको अच्छे अनुभवी कोच मिल जाए तो वो भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगर मैं सेना में नहीं होता तो मैं भी ओलंपिक नहीं खेल पाता।
प्र. आपने अपने भविष्य के बारे में क्या सोचा है?
उ. मैं अपना खेल निरंतर जारी रखूंगा। अभी कुछ दिन आराम के पश्चात 2018 के एशिएन एवं कॉमनवेल्थ गेम के लिए जमकर तैयारी करूंगा। इसके बाद उनका निशान 2020 टोकियो ओलंपिक पर रहेगा जो इस बार वो किसी कीमत पर नहीं चूकेंगे।