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एनएचएम कर्मचारियों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:58 PM IST
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धरना
- फोटो : अमर उजाला
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नारनौल में एनएचएम इंलायज एसोसिएशन के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर मंगलवार को जिला प्रधान हरकेश की अध्यक्षता में सिविल सर्जन के कार्यालय पर धरना दिया। धरने में एनएचएम के अंतर्गत आने वाले डाक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, ड्राइवर, कम्प्यूटर आपरेटर, औषधाकारक, डाटा मैनेजर, डीएमईओ, फलीट मैनेजर, काउंसिलर व कार्यक्रम प्रबंधक आदि वर्गों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।
धरने को संबोधित करते हुए हरकेश ने बताया कि एनएचएम के प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति सही तरीके से जैसे विज्ञान, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार, आरक्षण पॉलिसी, चिकित्सा प्रमाण पत्र आदि लागू करते हुए की गई है, जबकि एनएचएम कर्मचारी बहुत ही कम वेतन पर कठोर परिश्रम करके अपनी ड्यूटी का निर्वाह कर रहा है। इसके बावजूद भी सरकार आए दिन एनएचएम छंटनी पर उतारू है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मिशन निदेशक एनएचएम हरियाणा ने कर्मचारियों की छंटनी करने का अपना पत्र निरस्त नहीं किया तो जल्दी ही राज्य कोर कमेटी द्वारा प्रदेश
स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया जाएगा।
जिला संयोजक संदीप यादव ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों को नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर पांच अंक प्रतिवर्ष के हिसाब से देकर सभी कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया है। जबकि हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के लिए मात्र एक अंक प्रतिवर्ष अधिकतम आठ अंक देने का वायदा करके एक ड्रामा रचा गया है। वह भी नियमित भर्तियों के लिए भरे जाने वाले फार्मों में अनुभव दर्शाने का कोई कॉलम नहीं दिया गया है। संदीप यादव ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है कि पिछले वित्त वर्ष 2015-16 में 54 करोड़ का बजट एनएचएम में बकाया राशि थी। जोकि एनएचएम हरियाणा खर्च नहीं सका। इसके बावजूद भी पिछले वर्ष से ही बजट की कमी की दुहाई देकर आए दिन एनएचएम कर्मियों को निकाला जा रहा है। इस मौके पर डा. पुष्पेन्द्र सिंह, दिलबाग सिंह, विनोद राव, संजय सैनी व कमलेश, संतोष आदि उपस्थित थे।
धरने को संबोधित करते हुए हरकेश ने बताया कि एनएचएम के प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति सही तरीके से जैसे विज्ञान, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार, आरक्षण पॉलिसी, चिकित्सा प्रमाण पत्र आदि लागू करते हुए की गई है, जबकि एनएचएम कर्मचारी बहुत ही कम वेतन पर कठोर परिश्रम करके अपनी ड्यूटी का निर्वाह कर रहा है। इसके बावजूद भी सरकार आए दिन एनएचएम छंटनी पर उतारू है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मिशन निदेशक एनएचएम हरियाणा ने कर्मचारियों की छंटनी करने का अपना पत्र निरस्त नहीं किया तो जल्दी ही राज्य कोर कमेटी द्वारा प्रदेश
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स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया जाएगा।
जिला संयोजक संदीप यादव ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों को नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर पांच अंक प्रतिवर्ष के हिसाब से देकर सभी कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया है। जबकि हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के लिए मात्र एक अंक प्रतिवर्ष अधिकतम आठ अंक देने का वायदा करके एक ड्रामा रचा गया है। वह भी नियमित भर्तियों के लिए भरे जाने वाले फार्मों में अनुभव दर्शाने का कोई कॉलम नहीं दिया गया है। संदीप यादव ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है कि पिछले वित्त वर्ष 2015-16 में 54 करोड़ का बजट एनएचएम में बकाया राशि थी। जोकि एनएचएम हरियाणा खर्च नहीं सका। इसके बावजूद भी पिछले वर्ष से ही बजट की कमी की दुहाई देकर आए दिन एनएचएम कर्मियों को निकाला जा रहा है। इस मौके पर डा. पुष्पेन्द्र सिंह, दिलबाग सिंह, विनोद राव, संजय सैनी व कमलेश, संतोष आदि उपस्थित थे।
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