Narnaul: चिरायु कार्ड में महेन्द्रगढ़ जिला बना सिरमौर, जिले का रोडमैप प्रदेश भर में होगा लागू
महेन्दरगढ़ आयुष्मान टीम द्वारा चिरायु कार्ड बनवाने में किए गए प्रयासों के रोड़मेप को प्रदेश भर में लागू किया जाएगा। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा पिछले 14 दिन के अंतराल में सभी स्टेट कोर्डिनेटर्स की वीडियो कॉन्फ्रेंस ली थी।
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चिरायु कार्ड बनाने में महेन्दरगढ़ जिला प्रदेश भर में सिरमौर बनकर सामने आया हैं। महेन्दरगढ़ आयुष्मान टीम द्वारा चिरायु कार्ड बनवाने में किए गए प्रयासों के रोड़मेप को प्रदेश भर में लागू किया जाएगा। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा पिछले 14 दिन के अंतराल में सभी स्टेट कोर्डिनेटर्स की वीडियो कॉन्फ्रेंस ली थी, जिसमें हर जिले से उनके वहा चिरायु कार्ड जरनेट करने को लेकर किए गए प्रयासों पर चर्चा की गई थी।
जींद जिले के कैंप रोस्टर भी हर जिले में किया जाएगा लागू
साथ ही उन द्वारा प्लान साझा किए गए थे। इसमें स्टेट हेल्थ अथॉरिटी ने महेन्दरगढ़ जिले द्वारा दिए गए प्रयासों को नेशनल टीम कों रखा। इसके अलावा जींद जिले द्वारा चिरायु कार्ड बनाने के लिए बनाये गए कैंप रोस्टर कों भी मीटिंग में रखा गया। दोनों जिलों की सराहना की गई।
इसके बाद अब स्टेट टीम ने निर्णय लिया हैं कि महेन्दरगढ़ और जींद जिले के दोनों मॉडल को प्रदेश के सभी जिलों में लागू करने का निर्णय लिया हैं। साथ ही हर जिले को 20 हज़ार कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया हैं। यही नहीं बाकि जिलों में ये प्रयोग सफल होने पर इसे अन्य राज्यों में लागू किया जा सकता हैं।
महेन्दरगढ़ टीम द्वारा किए गए प्रयास
- टीम द्वारा एक सीएससी वीएलई ऑपरेटर की ड्यूटी नियमित रूप से प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव के कार्यालय में लगा दी ताकि वहा आने वाले पात्र लोगों के कार्ड बनाये जा सके।
- सभी लाभ पात्र जो व्हाट्सप प्रयोग करते हैं, उनको बल्क में कार्ड बनवाने के लिए मैसेज भेजे गए। ऐसा हर 15 दिन में किया गया।
- आशा वर्कर से सीधा संवाद किया गया और उनकी शिकायतों की गांव और वार्ड अनुसार समाधान किया गया।
- प्रशासन की हर जिला स्तरीय मीटिंग में आयुष्मान भारत योजना को प्राथमिकता पर रखा गया।
- आशा वर्कर को ट्रेनिंग दी गई और हर एफआई ने भी उनकी मीटिंग ली।
- सीएमओ द्वारा सप्ताह में दो बार रिव्यु मीटिंग ली।
- आशा वर्कर द्वारा हर लाभार्थी से संपर्क किया और कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया।
- अन्य विभाग जैसे डीडीपीओ, डीआईओ, डीआरओ, पीओ डब्लूसीडी से समन्वय बनाया।
- चिरायु कार्ड को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
- आशा वर्कर से पात्र की सूची तैयार करवाई।
- कार्ड बनवाने को लेकर सीएससी जिला प्रबंधक से प्रतिदिन दो से तीन बार समन्वय किया।
- हर सप्ताह दो से तीन बार आईईसी की गतिविधियां करवाई।
- चिरायु कार्ड बनाने के लिए हर निरोगी हरियाणा काउंटर पर एक आरोग्य मित्र की ड्यूटी लगाई गई।
- आशा वर्कर, सूचना सहायक, आयुष मित्र और सीएससी वीएलई को प्रतिनिधि के हिसाब से टारगेट दिए गए।
- कार्ड बनाने को लवकर गांव, वार्ड से लेकर ब्लॉक और जिले की मॉनिटरिंग की गई।
- गांव और वार्ड स्तर के कैंप में चौकीदारों से धार्मिक स्थलों पर मुनादी करवाई गई।
- सभी सीएससी का औचक निरिक्षण किया गया।
प्रदेश में चिरायु कार्ड बनाने में महेन्दरगढ़ जिला सबसे अव्वल
महेन्दरगढ़ जिले में अब तक सबसे ज्यादा चिरायु कार्ड बने हैं। हमारे द्वारा अपनाए गए रोडमेप कों अब सट्टे द्वारा हर जिले में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उमेश सैनी, जिला प्रबंधक, आयुष्मान (चिरायु) योजना
किस जिले में कितने प्रतिशत बने कार्ड
महेंद्रगढ़ 76.31
भिवानी 71.37
चरखीदादरी 70.48
हिसार 65.79
पानीपत 64.57
अंबाला 62.48
फतेहाबाद 63.26
रिवाड़ी 60.35
करनाल 61.30
जींद 60.70
झज्जर 59.91
यमुनानगर 62.18
पंचकूला 60.14
सिरसा 59.58
कैथल 56.55
सोनीपत 56.98
गुरुग्राम 53.27
कुरुक्षेत्र 57.49
रोहतक 54.32
पलवल 53.70
फरीदाबाद 44.86
नूहं (मेवात) 38.41