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मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल : पंजीकरण कराने में जिला रहा प्रथम

Thu, 02 Sep 2021 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 12:03 AM IST
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My harvet my detail portal : District first in registering
खेत में लहराती कपास की फसल। - फोटो : Narnol
प्रदेश के 22 जिलों में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने में जिला दक्षिणी हरियाणा में नंबर वन तथा प्रदेश में 5वें पायदान पर है। पंजीकरण कराने के लिए अंतिम दिन 31 अगस्त तय किया था। जिले के कुल 62944 किसानों ने 259241 एकड़ भूमि में खड़ी फसल का पंजीकरण कराया है जो कुल उपजाऊ क्षेत्र का 71.46 प्रतिशत है। कुरुक्षेत्र 83.92 प्रतिशत के साथ प्रदेश में सबसे अव्वल रहा है। वहीं करनाल 80.39 प्रतिशत पंजीकरण के साथ दूसरे पायदान पर है। अंबाला 76.03 प्रतिशत पंजीकरण के साथ तीसरे नंबर पर है। यमुनानगर के किसानों ने 75.97 प्रतिशत भूमि का पंजीकरण करवाकर चौथा स्थान बनाया है।
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57583 किसानों ने कराया बाजरा बिक्री के लिए पंजीकरण
जिले में सबसे अधिक 57583 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बाजरा बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। जबकि 11278 किसानों ने कपास बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। 1672 किसानों ने ग्वार व इस बार 10889 किसानों ने मूंग बिक्री के लिए पोर्टल पर आवेदन किया है।
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पोर्टल पर पंजीकरण कराने के मामले में सोनीपत व रोहतक प्रदेशभर में सबसे फिसड्डी रहे हैं। सोनीपत 20.34 प्रतिशत भूमि का ही पंजीकरण करा पाया है। जबकि रोहतक जिला ने अपनी भूमि का कुल 22.83 प्रतिशत ही पंजीकरण कराया है।
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बाजरा व कपास दोनों परंपरागत फसलों के अलावा इस बार जिला में मूंगफली, तिल, अरंड व अरहर का भी रकबा बढ़ा है। जिला के 45 किसानों ने 64 एकड़ में अरहर, 20 किसानों ने 24 एकड़ में अरंड, 341 किसानों ने 431 एकड़ में तिल व 312 किसानों ने 644 एकड़ में मूंगफली बिजाई कर पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।

किसान द्वारा पंजीकरण के उपरांत सरकार निर्धारित समर्थन मूल्य पर
खरीदती है। इस बार सरकार खरीफ सीजन की कपास, बाजरा, मूंगफली व मूंग प्रमुख हैं। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए 31 अगस्त अंतिम दिन तय किया गया था।
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिला में छोटी जोत एवं पशु पालन अधिक होने के कारण छोटे किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया। जबकि दक्षिणी हरियाणा में जिला अव्वल रहा है जो जिला के लिए गर्व की बात है।
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